{"_id":"65b819dd7d561be1690c66b7","slug":"ayushman-became-railway-hospital-but-the-condition-is-bad-jhansi-news-c-360-1-jh11006-103286-2024-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: आयुष्मान हुआ रेलवे अस्पताल, मगर हाल बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: आयुष्मान हुआ रेलवे अस्पताल, मगर हाल बदहाल
Tue, 30 Jan 2024 03:04 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 30 Jan 2024 03:04 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मंडल रेल चिकित्सालय में लगभग चौदह हजार रेलवे कर्मचारी और पेंशनर स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। रेलवे अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना में शामिल कर लिया है। लेकिन, रेलवे अस्पताल का हाल बदहाल है। पूरा अस्पताल महज तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है।
बता दें कि झांसी रेल मंडल के मंडल रेल चिकित्सालय में चौदह हजार रेल कर्मचारी, उनके परिवार और पेंशनरों का इलाज होता है। अस्पताल में अभी कुल तीन चिकित्सक ही हैं। इनके भरोसे ही पूरी व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। इनमें एक सर्जन और दो फिजीशियन सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल या निजी अनुबंधित अस्पतालों को रेफर करना पड़ता है। अब रेलवे अस्पताल को आयुष्मान योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी होना तय है। अस्पताल को आयुष्मान योजना से जोड़ने का काम रेलटेल कर रहा है।
-- -
रेलवे अस्पताल में नहीं होता अल्ट्रासांउड
रेलवे अस्पताल में आने वाले रेलवे कर्मचारी और मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा बीते तीन साल से नहीं मिल पा रही है। यहां कोई भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। कई बार अस्पताल ने निजी सेंटर से अनुबंध किया लेकिन, जितना पैसा उन्हेंं रेलवे से मिलता है वह उतने में अल्ट्रासाउंड करने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, अब अस्पताल ने अन्य सेंटर से अनुबंध किया है।
विज्ञापन
--
वर्जन
अस्पताल को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। लेकिन, अभी यहां तकनीकी कार्य चल रहे हैं, जिसे रेलटेल कर रहा है। हमारे यहां फिलहाल चिकित्सकों की संख्या कम है। जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ जल्दी ही मिलने लगेगा।
डॉ. राकेश निगम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल झांसी।
विज्ञापन
झांसी। मंडल रेल चिकित्सालय में लगभग चौदह हजार रेलवे कर्मचारी और पेंशनर स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। रेलवे अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना में शामिल कर लिया है। लेकिन, रेलवे अस्पताल का हाल बदहाल है। पूरा अस्पताल महज तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है।
बता दें कि झांसी रेल मंडल के मंडल रेल चिकित्सालय में चौदह हजार रेल कर्मचारी, उनके परिवार और पेंशनरों का इलाज होता है। अस्पताल में अभी कुल तीन चिकित्सक ही हैं। इनके भरोसे ही पूरी व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। इनमें एक सर्जन और दो फिजीशियन सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल या निजी अनुबंधित अस्पतालों को रेफर करना पड़ता है। अब रेलवे अस्पताल को आयुष्मान योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी होना तय है। अस्पताल को आयुष्मान योजना से जोड़ने का काम रेलटेल कर रहा है।
विज्ञापन
रेलवे अस्पताल में नहीं होता अल्ट्रासांउड
रेलवे अस्पताल में आने वाले रेलवे कर्मचारी और मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा बीते तीन साल से नहीं मिल पा रही है। यहां कोई भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। कई बार अस्पताल ने निजी सेंटर से अनुबंध किया लेकिन, जितना पैसा उन्हेंं रेलवे से मिलता है वह उतने में अल्ट्रासाउंड करने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, अब अस्पताल ने अन्य सेंटर से अनुबंध किया है।
विज्ञापन
वर्जन
अस्पताल को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। लेकिन, अभी यहां तकनीकी कार्य चल रहे हैं, जिसे रेलटेल कर रहा है। हमारे यहां फिलहाल चिकित्सकों की संख्या कम है। जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ जल्दी ही मिलने लगेगा।
डॉ. राकेश निगम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल झांसी।