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अब सॉफ्टवेयर पकड़ेगा भवन के मानचित्र की गलतियां
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कमिश्नरी सभागार में आयोजित कार्यशाला में नये सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण लेते विकास प्राधिकरण के अध
- फोटो : REPORTERS
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अब सॉफ्टवेयर पकड़ेगा भवन के मानचित्र की गलतियां
झांसी। भवन के मानचित्र की गलतियां अब साफ्टवेयर के जरिये पकड़ी जाएंगी। गलतियों में सुधार के बाद ही मानचित्र को स्वीकृति मिल पाएगी। ये काम यूपी ऑन बिल्ंिडग प्लान एप्रूवल सिस्टम (यूपीओबीपीएएस) सॉफ्टवेयर के जरिये होगा। एक सप्ताह में ये साफ्टवेयर झांसी, उरई और बांदा विकास प्राधिकरणों में काम करना शुरू कर देगा।
विकास प्राधिकरण से भवन के मानचित्र की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। लेकिन, अब इस सॉफ्टवेयर को और भी उच्चीकृत कर दिया गया है। साफ्टवेयर में मानचित्र लोड करते ही वो बता देगा कि इसमें क्या गलतियां हैं। इसमें सुधार के बाद दुबारा मानचित्र लोड करना होगा। मानचित्र नियमों के मुताबिक होने पर तत्काल स्वीकृति दे दी जाएगी। लखनऊ और कानपुर में इस सॉफ्टवेयर के जरिये मानचित्र स्वीकृत किए जाने लगे हैं। एक सप्ताह में ये झांसी, बांदा और उरई विकास प्राधिकरण में भी शुरू हो जाएगा।
शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में उक्त तीनों प्राधिकरणों के अभियंताओं व आर्किटेक्टों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण लखनऊ से आई आवास बंधु की टीम ने दिया। इस मौके पर जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित, सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा, अभियंता घनश्याम तिवारी, संजय गुप्ता, संतोष कुमार वर्मा, एटीपी जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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झांसी। भवन के मानचित्र की गलतियां अब साफ्टवेयर के जरिये पकड़ी जाएंगी। गलतियों में सुधार के बाद ही मानचित्र को स्वीकृति मिल पाएगी। ये काम यूपी ऑन बिल्ंिडग प्लान एप्रूवल सिस्टम (यूपीओबीपीएएस) सॉफ्टवेयर के जरिये होगा। एक सप्ताह में ये साफ्टवेयर झांसी, उरई और बांदा विकास प्राधिकरणों में काम करना शुरू कर देगा।
विकास प्राधिकरण से भवन के मानचित्र की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। लेकिन, अब इस सॉफ्टवेयर को और भी उच्चीकृत कर दिया गया है। साफ्टवेयर में मानचित्र लोड करते ही वो बता देगा कि इसमें क्या गलतियां हैं। इसमें सुधार के बाद दुबारा मानचित्र लोड करना होगा। मानचित्र नियमों के मुताबिक होने पर तत्काल स्वीकृति दे दी जाएगी। लखनऊ और कानपुर में इस सॉफ्टवेयर के जरिये मानचित्र स्वीकृत किए जाने लगे हैं। एक सप्ताह में ये झांसी, बांदा और उरई विकास प्राधिकरण में भी शुरू हो जाएगा।
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शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में उक्त तीनों प्राधिकरणों के अभियंताओं व आर्किटेक्टों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण लखनऊ से आई आवास बंधु की टीम ने दिया। इस मौके पर जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित, सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा, अभियंता घनश्याम तिवारी, संजय गुप्ता, संतोष कुमार वर्मा, एटीपी जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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