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Jhansi News: समय से पहले ही आ गया पतझड़... बढ़े तापमान ने दिखाया असर
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झांसी। अलग-अलग जगहों पर एक किसान समेत तीन लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी। किसान कम फसल होने से दुखी था। वहीं एक दिव्यांग ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
फसल कम होने से दुखी किसान ने दे दी जान
झांसी। फसल कम होने से दुखी किसान ने फांसी लगा ली। परिजन उसे अचेत अवस्था में झांसी लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र लुहर्रा गांव निवासी पंचम कुशवाहा ने बताया कि उसके तीन बेटों के पास दो-दो एकड़ खेत हैं। सबसे छोटे बेटे दीपक (25) ने मटर की बोवाई की थी लेकिन, उसके फसल अच्छी नहीं हुई। उसने करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्जा लिया था। फसल खराब होने से वह काफी दुखी रहता था। 21 फरवरी को थ्रेसिंग कराने पर सिर्फ तीन बोरा मटर निकली। फसल कम होने से दीपक निराश हो गया। उसी दिन घर आने के बाद उसने कमरे में फांसी लगा ली। जब परिवार के लोगों ने उसे देखा तब वह जिंदा था। अचेत अवस्था में परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी सरस्वती समेत दो मासूम छोटी बेटियां हैं। इनमें से एक प्रिंसू (3) एवं दूसरी माही (2) है।
दिव्यांग युवक ने फांसी लगाकर खत्म की जीवन लीला
रक्सा के अमरपुर गांव मेें रहने वाले दिव्यांग युवक कल्याण सिंह (27) ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह दोनों पांव से दिव्यांग था। इस वजह से वह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। परिजनों का कहना है कि इसी के चलते उसने फांसी लगा ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। अमरपुर गांव के तुलसीराम कुशवाहा खेती करते हैं। उनके छह पुत्रों में कल्याण सबसे छोटा था। परिजनों का कहना है जन्म से ही कल्याण दोनों पांव से दिव्यांग था। शुक्रवार को सभी लोगों के साथ उसने खाना खाया। इसके बाद ऊपर अपने कमरे में जाकर उसने फांसी लगा ली। सुबह उसे जगाने उसका बड़ा भाई प्रीतम कमरे में पहुंचा तब कल्याण फांसी पर लटका था। यह देखकर प्रीतम बदहवास हो उठा। उसने शोर मचाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कल्याण दिव्यांग होने की वजह से मायूस रहता था। इस वजह से कई बार वह सुसाइड कर लेने की बात भी कहता था। इसके पहले उसके एक भाई हरचरण ने करीब पांच साल पहले फांसी लगाकर अपनी जान दे चुका। परिवार में कल्याण सबका चहेता था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
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कलह से परेशान युवक ने बेर के पेड़ पर लगाई फांसी
बबीना के ठकुरपुरा गांव निवासी युवक पुष्पेंद्र राजपूत (29) ने कलह से आजिज आकर खेत के पास बेर के पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी। काफी देर तक घर वापस न लौटने पर तलाशने निकले परिजनों ने उसका शव लटका देखा। यह देखकर उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पुष्पेंद्र शराब पीने का आदी था। इस वजह से घर में अक्सर कलह होती थी। शुक्रवार को भी वह शराब पीकर नशे में घर लौटा था। इस बात को लेकर परिवार में झगड़ा हुआ। यहां से बिना कुछ बताए पुष्पेंद्र बाहर चला गया। इसके बाद वह काफी देर तक नहीं लौटा। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह नेे मुताबिक परिजनों का कहना है कि शराब के नशे में ही उसने फांसी लगाई।
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फसल कम होने से दुखी किसान ने दे दी जान
झांसी। फसल कम होने से दुखी किसान ने फांसी लगा ली। परिजन उसे अचेत अवस्था में झांसी लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ललितपुर के मड़ावरा थाना क्षेत्र लुहर्रा गांव निवासी पंचम कुशवाहा ने बताया कि उसके तीन बेटों के पास दो-दो एकड़ खेत हैं। सबसे छोटे बेटे दीपक (25) ने मटर की बोवाई की थी लेकिन, उसके फसल अच्छी नहीं हुई। उसने करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्जा लिया था। फसल खराब होने से वह काफी दुखी रहता था। 21 फरवरी को थ्रेसिंग कराने पर सिर्फ तीन बोरा मटर निकली। फसल कम होने से दीपक निराश हो गया। उसी दिन घर आने के बाद उसने कमरे में फांसी लगा ली। जब परिवार के लोगों ने उसे देखा तब वह जिंदा था। अचेत अवस्था में परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी सरस्वती समेत दो मासूम छोटी बेटियां हैं। इनमें से एक प्रिंसू (3) एवं दूसरी माही (2) है।
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दिव्यांग युवक ने फांसी लगाकर खत्म की जीवन लीला
रक्सा के अमरपुर गांव मेें रहने वाले दिव्यांग युवक कल्याण सिंह (27) ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह दोनों पांव से दिव्यांग था। इस वजह से वह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। परिजनों का कहना है कि इसी के चलते उसने फांसी लगा ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। अमरपुर गांव के तुलसीराम कुशवाहा खेती करते हैं। उनके छह पुत्रों में कल्याण सबसे छोटा था। परिजनों का कहना है जन्म से ही कल्याण दोनों पांव से दिव्यांग था। शुक्रवार को सभी लोगों के साथ उसने खाना खाया। इसके बाद ऊपर अपने कमरे में जाकर उसने फांसी लगा ली। सुबह उसे जगाने उसका बड़ा भाई प्रीतम कमरे में पहुंचा तब कल्याण फांसी पर लटका था। यह देखकर प्रीतम बदहवास हो उठा। उसने शोर मचाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कल्याण दिव्यांग होने की वजह से मायूस रहता था। इस वजह से कई बार वह सुसाइड कर लेने की बात भी कहता था। इसके पहले उसके एक भाई हरचरण ने करीब पांच साल पहले फांसी लगाकर अपनी जान दे चुका। परिवार में कल्याण सबका चहेता था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
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कलह से परेशान युवक ने बेर के पेड़ पर लगाई फांसी
बबीना के ठकुरपुरा गांव निवासी युवक पुष्पेंद्र राजपूत (29) ने कलह से आजिज आकर खेत के पास बेर के पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी। काफी देर तक घर वापस न लौटने पर तलाशने निकले परिजनों ने उसका शव लटका देखा। यह देखकर उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पुष्पेंद्र शराब पीने का आदी था। इस वजह से घर में अक्सर कलह होती थी। शुक्रवार को भी वह शराब पीकर नशे में घर लौटा था। इस बात को लेकर परिवार में झगड़ा हुआ। यहां से बिना कुछ बताए पुष्पेंद्र बाहर चला गया। इसके बाद वह काफी देर तक नहीं लौटा। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह नेे मुताबिक परिजनों का कहना है कि शराब के नशे में ही उसने फांसी लगाई।