{"_id":"59ab090d4f1c1b0d278b4f66","slug":"autometeic-ticit-machin","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑटोमटिक टिकट मशीन का प्रचार करेंगे स्वयं सेवी संगठन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑटोमटिक टिकट मशीन का प्रचार करेंगे स्वयं सेवी संगठन
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
ticket machine jhansi news
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। रेलवे स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लगने के ढाई माह बाद भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सके हैं। अभी तक मात्र 215 यात्रियों ने ही कार्ड इश्यू कराए हैं। इससे रेलवे का मशीन लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। रेलवे ने अब इस सुविधा के प्रचार-प्रसार के लिए स्वयं सेवी संगठनों की मदद लेने का निर्णय लिया है।
रेलवे स्टेशन 10 जून से छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का संचालन शुरू हो गया था। इसके लिए यात्री को 70 रुपये में स्मार्ट कार्ड बनवाने के बाद मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होता है। इसके बाद वह यात्री देश के किसी भी स्टेशन के लिए मशीन से जनरल टिकट निकाल सकता है। इस व्यवस्था को चालू हुए 80 दिन बीत गए हैं, इसके बाद भी यात्री स्मार्ट बनने को तैयार नहीं है। अब तक सिर्फ 215 यात्रियों ने ही स्मार्ट कार्ड बनवाए है। मशीनों का उद्देश्य पूरा न होने से रेल प्रशासन भी परेशान हैं।
गौरतलब है कि स्टेशन पर ट्रेनों के जनरल टिकट लेने के कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यात्रियों को इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए स्टेशन पर छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। मगर, अब तक मात्र 215 यात्रियों ने ही स्मार्ट कार्ड बनवाए हैं। स्मार्ट कार्ड बनवाने में भी अधिकांश दैनिक यात्री शामिल हैं। इस सुविधा के प्रचार प्रसार के लिए अब रेल प्रशासन ने स्वयं सेवी संगठनों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
‘ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का यात्री अधिक से अधिक प्रयोग करें, इसका पूरा प्रयास चल रहा है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए स्वयं सेवी संगठनों का भी सहयोग लेने की योजना बनाई गई हैं।’
विपिन कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक।
तैनात नहीं हो सके टिकट सहायक
यात्रियों को जागरूक और टिकट लेने में मदद करने के लिए प्रत्येक मशीन पर दो टिकट सहायकों की तैनाती करने की योजना बनाई गई हैं। टिकट सहायक 60 से 65 वर्ष उम्र के सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी होंगे। टिकट सहायक को रीचार्ज का पांच प्रतिशत मिलेगा। यानी स्मार्ट कार्ड में दस हजार रुपये रीचार्ज कराने पर पांच प्रतिशत के हिसाब से पांच सौ रुपये मिलेंगे। इनकी तैनाती शाम पांच बजे से सुबह नौ बजे के बीच होगी। यह प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है, मगर अभी इस पर स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
ऑटोमिटक वेंडिंग मशीन के ये हैं फायदे
- एक दिन में एक कार्ड से दस टिकट अधिकतम 40 यात्रियों के लिए निकाले जा सकते हैं।
- अपने कार्ड से दूसरे यात्रियों को भी टिकट निकाल कर दे सकते हैं।
- मशीन के स्क्रीन पर झांसी मंडल के सभी स्टेशन (नक्शे के रूप में) दर्शाए गए हैं, जिनका टिकट वे स्क्रीन पर टच करके भी निकाल सकते हैं।
- मंडल के अलावा दूसरे स्टेशनों का टिकट सर्च करके निकाल सकते हैं।
ये भी जानिए
- स्मार्ट कार्ड 70 रुपये में काउंटर नंबर दो पर बन रहा है, इसमें 50 रुपये कार्ड के और 20 रुपये रिचार्ज राशि मिलेगी।
- स्मार्ट कार्ड से आप एकल यात्रा टिकट, प्लेटफार्म टिकट ले सकते हैं तथा एमएसटी भी बनवा सकते हैं।
- स्मार्ट कार्ड के शेष राशि की जानकारी एटीवीएम पर प्राप्त की जा सकती है।
- स्मार्ट कार्ड अंतिम रिचार्ज से एक साल तक वैध रहेगा।
- जमानत राशि, शेष राशि की धन वापसी वैद्यता के एक माह बाद दी जाएगी।
- कटे-फटे, खोये, चोरी हुए स्मार्ट कार्ड के मामले में न धन वापसी होगी और न डुप्लीकेट स्मार्ट कार्ड जारी होगा।
- स्मार्ट कार्ड की वापसी पर 30 रुपये काटकर बाकी राशि मिलेगी।
- एमएसटी का नवीनीकरण तय राशि पर ही होगा।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन 10 जून से छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का संचालन शुरू हो गया था। इसके लिए यात्री को 70 रुपये में स्मार्ट कार्ड बनवाने के बाद मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होता है। इसके बाद वह यात्री देश के किसी भी स्टेशन के लिए मशीन से जनरल टिकट निकाल सकता है। इस व्यवस्था को चालू हुए 80 दिन बीत गए हैं, इसके बाद भी यात्री स्मार्ट बनने को तैयार नहीं है। अब तक सिर्फ 215 यात्रियों ने ही स्मार्ट कार्ड बनवाए है। मशीनों का उद्देश्य पूरा न होने से रेल प्रशासन भी परेशान हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि स्टेशन पर ट्रेनों के जनरल टिकट लेने के कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यात्रियों को इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए स्टेशन पर छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। मगर, अब तक मात्र 215 यात्रियों ने ही स्मार्ट कार्ड बनवाए हैं। स्मार्ट कार्ड बनवाने में भी अधिकांश दैनिक यात्री शामिल हैं। इस सुविधा के प्रचार प्रसार के लिए अब रेल प्रशासन ने स्वयं सेवी संगठनों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
‘ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का यात्री अधिक से अधिक प्रयोग करें, इसका पूरा प्रयास चल रहा है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए स्वयं सेवी संगठनों का भी सहयोग लेने की योजना बनाई गई हैं।’
विपिन कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक।
तैनात नहीं हो सके टिकट सहायक
यात्रियों को जागरूक और टिकट लेने में मदद करने के लिए प्रत्येक मशीन पर दो टिकट सहायकों की तैनाती करने की योजना बनाई गई हैं। टिकट सहायक 60 से 65 वर्ष उम्र के सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी होंगे। टिकट सहायक को रीचार्ज का पांच प्रतिशत मिलेगा। यानी स्मार्ट कार्ड में दस हजार रुपये रीचार्ज कराने पर पांच प्रतिशत के हिसाब से पांच सौ रुपये मिलेंगे। इनकी तैनाती शाम पांच बजे से सुबह नौ बजे के बीच होगी। यह प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है, मगर अभी इस पर स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
ऑटोमिटक वेंडिंग मशीन के ये हैं फायदे
- एक दिन में एक कार्ड से दस टिकट अधिकतम 40 यात्रियों के लिए निकाले जा सकते हैं।
- अपने कार्ड से दूसरे यात्रियों को भी टिकट निकाल कर दे सकते हैं।
- मशीन के स्क्रीन पर झांसी मंडल के सभी स्टेशन (नक्शे के रूप में) दर्शाए गए हैं, जिनका टिकट वे स्क्रीन पर टच करके भी निकाल सकते हैं।
- मंडल के अलावा दूसरे स्टेशनों का टिकट सर्च करके निकाल सकते हैं।
ये भी जानिए
- स्मार्ट कार्ड 70 रुपये में काउंटर नंबर दो पर बन रहा है, इसमें 50 रुपये कार्ड के और 20 रुपये रिचार्ज राशि मिलेगी।
- स्मार्ट कार्ड से आप एकल यात्रा टिकट, प्लेटफार्म टिकट ले सकते हैं तथा एमएसटी भी बनवा सकते हैं।
- स्मार्ट कार्ड के शेष राशि की जानकारी एटीवीएम पर प्राप्त की जा सकती है।
- स्मार्ट कार्ड अंतिम रिचार्ज से एक साल तक वैध रहेगा।
- जमानत राशि, शेष राशि की धन वापसी वैद्यता के एक माह बाद दी जाएगी।
- कटे-फटे, खोये, चोरी हुए स्मार्ट कार्ड के मामले में न धन वापसी होगी और न डुप्लीकेट स्मार्ट कार्ड जारी होगा।
- स्मार्ट कार्ड की वापसी पर 30 रुपये काटकर बाकी राशि मिलेगी।
- एमएसटी का नवीनीकरण तय राशि पर ही होगा।