{"_id":"60b541338ebc3e59ab431bc9","slug":"auto-driver-lockdown-crisis-jhansi-news-jhs1960112167","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्जी, फल और बिरयानी बेचने को मजबूर हुए ऑटो चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्जी, फल और बिरयानी बेचने को मजबूर हुए ऑटो चालक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। कोरोना काल में शहर के ऑटो चालकों व मालिकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना कर्फ्यू के कारण लगभग एक महीने से ऑटो के पहिए थमे होने के कारण चालकों को घर चलाना तक मुश्किल हो गया है। इसके चलते कई ऑटो चालक आजीविका चलाने के लिए सब्जी, फल के साथ ही बिरयानी बेचने लगे हैं। वहीं मालिकों को अब बीमा, फिटनेस, प्रदूषण व यात्रीकर के साथ ही बैंकों की किस्त जमा करने की चिंता सताने लगी है।
वर्तमान में शहर में लगभग पंद्रह हजार ऑटो पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग चार हजार ऑटो प्राइवेट व सरकारी बैंकों से फाइनेंस हैं। पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के कारण ऑटो का संचालन बंद हो गया जिसके चलते ऑटो चालकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यह स्थिति लगभग एक साल से बनी हुई है। इसने ऑटो चालकों व मालिकों की कमर तोड़कर रख दी है। आलम यह हो गया है कि घर चलाने के लिए कई ऑटो चालकों ने दूसरे कामों की ओर रुख कर लिया है। वहीं ऑटो मालिकों को टैक्स अदा करने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब इनको सरकारी मदद की आस है। बुंदेलखंड आपे, मैजिक व टैक्सी फैडरेशन के अध्यक्ष मंसूर अहमद मंसूरी ने बताया कि लगभग साल भर से ऑटो चालकों को आर्थिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। आर्थिक परेशानी के चलते कई ऑटो चालक आत्महत्या कर चुके हैं।
दूसरे कीा ऑटो चलाते थे लेकिन वाहनों का संचालन बंद हो गया है जिससे आर्थिक परेशानी हो गई है। बिरयानी बेचकर ही घर चला रहे हैं।
जावेद, ऑटो ड्राइवर
कोरोना काल में दो से अधिक सवारियां बैठाने पर पाबंदी के चलते घर चलाना तक मुश्किल हो गया है। अब कोरोना कर्फ्यू में लगभग एक महीने से ऑटो खड़े हुए हैं।
विज्ञापन
सुरेंद्र, ऑटो चालक
लॉकडाउन से ही ऑटो ड्राइवरों की हालत खस्ता है। लॉकडाउन के खुलने के बाद भी ऑटो में सीमित सवारियां ही बैठाने का नियम तय किया गया था।
मुमताज, ऑटो ड्राइवर
गाड़ी को एक निजी बैंक से फाइनेंस कराया था। एक साल से धंधा काफी धीमा हो गया है। बीमा की किस्त के साथ ही टैक्सों को अदा करने की चिंता से परेशान हैं।
निर्मल, ऑटो मालिक
कोरोना के दस्तक देते ही सवारियाें का निकलना कम हो गया था। अब कोरोना कर्फ्यू में ऑटो खड़े हैं। ड्राइवरों को आर्थिक परेशानी हो रही है।
राजेंद्र कुमार, ऑटो ड्राइवर
कोरोना काल में ड्राइवरों के साथ ही ऑटो मालिक भी अर्थिक परेशानी का दंश झेल रहे हैं। गाड़ी का बीमा, यात्रीकर, फिटनेस और प्रदूषण शुल्क अदा करने की चिंता सता रही है।
मुनीर खान, ऑटो मालिक
विज्ञापन
वर्तमान में शहर में लगभग पंद्रह हजार ऑटो पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग चार हजार ऑटो प्राइवेट व सरकारी बैंकों से फाइनेंस हैं। पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के कारण ऑटो का संचालन बंद हो गया जिसके चलते ऑटो चालकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यह स्थिति लगभग एक साल से बनी हुई है। इसने ऑटो चालकों व मालिकों की कमर तोड़कर रख दी है। आलम यह हो गया है कि घर चलाने के लिए कई ऑटो चालकों ने दूसरे कामों की ओर रुख कर लिया है। वहीं ऑटो मालिकों को टैक्स अदा करने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब इनको सरकारी मदद की आस है। बुंदेलखंड आपे, मैजिक व टैक्सी फैडरेशन के अध्यक्ष मंसूर अहमद मंसूरी ने बताया कि लगभग साल भर से ऑटो चालकों को आर्थिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। आर्थिक परेशानी के चलते कई ऑटो चालक आत्महत्या कर चुके हैं।
विज्ञापन
दूसरे कीा ऑटो चलाते थे लेकिन वाहनों का संचालन बंद हो गया है जिससे आर्थिक परेशानी हो गई है। बिरयानी बेचकर ही घर चला रहे हैं।
जावेद, ऑटो ड्राइवर
कोरोना काल में दो से अधिक सवारियां बैठाने पर पाबंदी के चलते घर चलाना तक मुश्किल हो गया है। अब कोरोना कर्फ्यू में लगभग एक महीने से ऑटो खड़े हुए हैं।
विज्ञापन
सुरेंद्र, ऑटो चालक
लॉकडाउन से ही ऑटो ड्राइवरों की हालत खस्ता है। लॉकडाउन के खुलने के बाद भी ऑटो में सीमित सवारियां ही बैठाने का नियम तय किया गया था।
मुमताज, ऑटो ड्राइवर
गाड़ी को एक निजी बैंक से फाइनेंस कराया था। एक साल से धंधा काफी धीमा हो गया है। बीमा की किस्त के साथ ही टैक्सों को अदा करने की चिंता से परेशान हैं।
निर्मल, ऑटो मालिक
कोरोना के दस्तक देते ही सवारियाें का निकलना कम हो गया था। अब कोरोना कर्फ्यू में ऑटो खड़े हैं। ड्राइवरों को आर्थिक परेशानी हो रही है।
राजेंद्र कुमार, ऑटो ड्राइवर
कोरोना काल में ड्राइवरों के साथ ही ऑटो मालिक भी अर्थिक परेशानी का दंश झेल रहे हैं। गाड़ी का बीमा, यात्रीकर, फिटनेस और प्रदूषण शुल्क अदा करने की चिंता सता रही है।
मुनीर खान, ऑटो मालिक