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Jhansi News: नोएडा की तर्ज पर झांसी में भी बनेगा औद्योगिक विकास प्राधिकरण
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झांसी। नोएडा की तर्ज पर झांसी में औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीडा) विकसित किया जाएगा। इसके लिए सदर तहसील में 10,450 हेक्टेअर जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जिस पर जल्द मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
बुंदेलखंड प्रदेश के औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाकों में से एक माना जाता है। इससे यहां रोजगार का भी अभाव रहता है। इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश के छह जनपदों में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर में झांसी को शामिल किया गया है। अब यहां नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) की तर्ज पर झांसी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाने की कोशिशें भी शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए सदर तहसील के 23 गांवों में 10,450 हेक्टेअर भूमि चिह्नित कर ली गई है। इस भूमि की सर्किल रेट के हिसाब से कीमत 20 अरब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है। भू स्वामियों से लिए जाने पर जमीन की कीमत का उन्हें चार गुना 83 अरब 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन द्वारा इसका प्रस्ताव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग को भेजा गया है। इस पर जल्द मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
इन गांवों में विकसित होगा जीडा
झांसी। झांसी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडा) डगरवाहा, वमेर, बाजना, राजापुर, बछौनी, परासई, इमिलिया, अमरपुर, गागौनी, बदनपुर, बसाई, खैरा, बैदोरा, चमरौआ, खजराहा बुजुर्ग, खजराहा खुर्द, मुरारी, किल्चुवारा बुजुर्ग, मथुरापुरा, रक्सा, बरुआपुरा, सफा व ग्राम किल्चुवारा खुर्द में विकसित किया जाएगा।
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यह मिलेगा लाभ
- जीडा में उद्यमियों को जमीन लीज पर दी जाएगी। उन्हें जमीन की कीमत की महज 10 प्रतिशत राशि शुरुआत में अदा करनी होगी, बाकी रकम किस्तों में ली जाएगी। इसके अलावा एक लाभ यह भी है कि वह जमीन पर महज 10 फीसदी निवेश कर उसे बंधक बनाकर बैंक से ऋण भी ले सकेंगे।
- 33 विभागों के अनापत्ति, अनुमोदन व लाइसेंस जैसे काम एक ही स्थान से प्राधिकरण के माध्यम से होंगे।
- सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें उद्योगों की मांग से जुड़े सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे।
- बेयर हाउस, लॉजिस्टिक इंडस्ट्री, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि भी रहेंगे।
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बुंदेलखंड प्रदेश के औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाकों में से एक माना जाता है। इससे यहां रोजगार का भी अभाव रहता है। इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश के छह जनपदों में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर में झांसी को शामिल किया गया है। अब यहां नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) की तर्ज पर झांसी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाने की कोशिशें भी शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए सदर तहसील के 23 गांवों में 10,450 हेक्टेअर भूमि चिह्नित कर ली गई है। इस भूमि की सर्किल रेट के हिसाब से कीमत 20 अरब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है। भू स्वामियों से लिए जाने पर जमीन की कीमत का उन्हें चार गुना 83 अरब 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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स्थानीय प्रशासन द्वारा इसका प्रस्ताव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग को भेजा गया है। इस पर जल्द मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
इन गांवों में विकसित होगा जीडा
झांसी। झांसी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडा) डगरवाहा, वमेर, बाजना, राजापुर, बछौनी, परासई, इमिलिया, अमरपुर, गागौनी, बदनपुर, बसाई, खैरा, बैदोरा, चमरौआ, खजराहा बुजुर्ग, खजराहा खुर्द, मुरारी, किल्चुवारा बुजुर्ग, मथुरापुरा, रक्सा, बरुआपुरा, सफा व ग्राम किल्चुवारा खुर्द में विकसित किया जाएगा।
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यह मिलेगा लाभ
- जीडा में उद्यमियों को जमीन लीज पर दी जाएगी। उन्हें जमीन की कीमत की महज 10 प्रतिशत राशि शुरुआत में अदा करनी होगी, बाकी रकम किस्तों में ली जाएगी। इसके अलावा एक लाभ यह भी है कि वह जमीन पर महज 10 फीसदी निवेश कर उसे बंधक बनाकर बैंक से ऋण भी ले सकेंगे।
- 33 विभागों के अनापत्ति, अनुमोदन व लाइसेंस जैसे काम एक ही स्थान से प्राधिकरण के माध्यम से होंगे।
- सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें उद्योगों की मांग से जुड़े सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे।
- बेयर हाउस, लॉजिस्टिक इंडस्ट्री, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि भी रहेंगे।