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Jhansi News: 16 जर्जर स्कूलों के ध्वस्तीकरण की नहीं हुई नीलामी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जनपद में अभी भी 16 परिषदीय विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं। बीएसए द्वारा इनके ध्वस्तीकरण के लिए कई बार नीलामी प्रक्रिया की गई, लेकिन नीलामी में एक भी बोली नहीं लग सकी।
परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में पुरानी जर्जर इमारत को ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अभी भी 16 विद्यालयों के भवन जर्जर हैं। न तो इनका जीर्णोद्धार हो पा रहा, न ही ध्वस्तीकरण। दरअसल, जर्जर विद्यालयों के भवन को ध्वस्त करने के लिए नीलामी प्रक्रिया होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के इन विद्यालयों की नीलामी ही नहीं हो पा रही।
दिसंबर में इन स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी प्रक्रिया रखी गई थी। लेकिन एक भी बोली नहीं लगी। शासनादेश के अनुसार अब यह निर्णय लिया गया कि जिस ग्राम पंचायत में जर्जर विद्यालय है, उसी ग्राम पंचायत में यदि कहीं भराव के लिए मलबे की आवश्यकता होगी तो उस विद्यालय से लिया जाएगा।
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मोंठ में 1, बड़ागांव में 2, चिरगांव में 7, मऊरानीपुर में 1, गुरसराय में 2 और बबीना में 3 जर्जर विद्यालय हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो इन जर्जर स्कूलों के विद्यार्थी किसी दूसरे स्कूल में हस्तांतरित कर दिए गए हैं।
बीएसए नीलम यादव ने बताया कि जर्जर स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए कई बार नीलामी प्रक्रिया हुई। शासनादेश के अनुसार भवन का मूल्यांकन काम करने के बाद तीन बार नीलामी प्रक्रिया की जाती है जो की पूरी हो चुकी है।
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झांसी। जनपद में अभी भी 16 परिषदीय विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं। बीएसए द्वारा इनके ध्वस्तीकरण के लिए कई बार नीलामी प्रक्रिया की गई, लेकिन नीलामी में एक भी बोली नहीं लग सकी।
परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में पुरानी जर्जर इमारत को ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अभी भी 16 विद्यालयों के भवन जर्जर हैं। न तो इनका जीर्णोद्धार हो पा रहा, न ही ध्वस्तीकरण। दरअसल, जर्जर विद्यालयों के भवन को ध्वस्त करने के लिए नीलामी प्रक्रिया होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के इन विद्यालयों की नीलामी ही नहीं हो पा रही।
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दिसंबर में इन स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी प्रक्रिया रखी गई थी। लेकिन एक भी बोली नहीं लगी। शासनादेश के अनुसार अब यह निर्णय लिया गया कि जिस ग्राम पंचायत में जर्जर विद्यालय है, उसी ग्राम पंचायत में यदि कहीं भराव के लिए मलबे की आवश्यकता होगी तो उस विद्यालय से लिया जाएगा।
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मोंठ में 1, बड़ागांव में 2, चिरगांव में 7, मऊरानीपुर में 1, गुरसराय में 2 और बबीना में 3 जर्जर विद्यालय हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो इन जर्जर स्कूलों के विद्यार्थी किसी दूसरे स्कूल में हस्तांतरित कर दिए गए हैं।
बीएसए नीलम यादव ने बताया कि जर्जर स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए कई बार नीलामी प्रक्रिया हुई। शासनादेश के अनुसार भवन का मूल्यांकन काम करने के बाद तीन बार नीलामी प्रक्रिया की जाती है जो की पूरी हो चुकी है।