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सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर बनेंगे चिकित्सा शिक्षक
amarujala
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:05 AM IST
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teacher, jhansi news
- फोटो : demo
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प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब चिकित्सा शिक्षकों की सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति होगी। शासन ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की चिकित्सा शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार लेक्चरर का पद समाप्त कर दिया है।
मौजूदा समय में प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों के चार पद लेक्चरर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा जारी चिकित्सीय संस्थानों में शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता नियमावली 1988 (जून 2017 में संशोधित) के अनुसार लेक्चरर का पद समाप्त कर सहायक आचार्य में संविलीन करने का अनुरोध किया गया था।
प्रस्ताव पर विचार करने के बाद शासन ने शासनादेश (संख्या 2538) जारी कर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमसीआई की नियमावली के अनुसार लेक्चरर पद को सहायक आचार्य के पद में संयोजित कर दिया है। इसके बाद मेडिकल कॉलेजों में अब चार से घटकर तीन पद यानी सहायक आचार्य, सह आचार्य व आचार्य रहेंगे। राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अध्यापकों की सेवानियमावली 2005 में संशोधन करने की कार्रवाई अलग से की जा रही है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने लेक्चरर का पद समाप्त होने की पुष्टि की है।
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तीन साल नहीं होंगे खराब
उत्तर प्रदेश को छोड़कर देश के सभी राज्यों के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति होती है। यूपी में एमसीआई की सेवा नियमावली लागू नहीं होने के कारण यहां के चिकित्सा शिक्षकों की शुरूआती तीन साल की सेवा एक तरह से व्यर्थ जा रही थी। इससे चिकित्सा शिक्षक भी परेशान थे। दूसरे प्रदेशों की तुलना में उनकी पदोन्नति देर से होती थी।
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मौजूदा समय में प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों के चार पद लेक्चरर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा जारी चिकित्सीय संस्थानों में शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता नियमावली 1988 (जून 2017 में संशोधित) के अनुसार लेक्चरर का पद समाप्त कर सहायक आचार्य में संविलीन करने का अनुरोध किया गया था।
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प्रस्ताव पर विचार करने के बाद शासन ने शासनादेश (संख्या 2538) जारी कर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमसीआई की नियमावली के अनुसार लेक्चरर पद को सहायक आचार्य के पद में संयोजित कर दिया है। इसके बाद मेडिकल कॉलेजों में अब चार से घटकर तीन पद यानी सहायक आचार्य, सह आचार्य व आचार्य रहेंगे। राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अध्यापकों की सेवानियमावली 2005 में संशोधन करने की कार्रवाई अलग से की जा रही है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने लेक्चरर का पद समाप्त होने की पुष्टि की है।
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