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मेडिकल कॉलेज में मिलेंगी नर्सिंगहोम जैसी सुविधाएं, शुरू होगा प्राइवेट वार्ड
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मेडिकल कॉलेज में मिलेंगी नर्सिंगहोम जैसी सुविधाएं, शुरू होगा प्राइवेट वार्ड
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही निजी नर्सिंगहोमों जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगीं। यहां पर जर्जर हालत में पड़े प्राइवेट वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। यहां पर 24 बेड वाले अलग-अलग कमरे होंगे।
मेडिकल कॉलेज में बने प्राइवेट वार्ड लंबे समय से खस्ताहाल हालत में पड़े हुए थे। कुछ समय के लिए यहां पर वन स्टॉप सेंटर खोला गया, जिसको बाद में शिफ्ट कर दिया गया। इस वार्ड का उपयोग बिल्कुल नहीं हो पा रहा था। ऐसे में जिन लोगों को निजी अस्पतालों की तरह प्राइवेट कमरों की जरूरत होती थी, वो यहां पर भर्ती नहीं हो पाते थे। इससे मेडिकल कॉलेज को भी आय का नुकसान हो रहा था। अब इस वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। प्राइवेट वार्ड की रंगाई-पुताई जारी है। बेड, सोफे, मेज-कुर्सियां समेत नया फर्नीचर मंगवाया जा रहा है।
दरें तय होंगी
शुरूआत में प्राइवेट वार्ड में रोजाना कमरे की फीस 50 रुपये थी। हालांकि, अब इसे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर, स्टाफ, जांचें, एंबुलेंस आदि का शुल्क अलग से देना होगा।
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प्राइवेट वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। यहां पर 24 बेड हैं। इसके लिए नया फर्नीचर आ रहा है। सभी कमरों में एसी की सुविधा होगी। जल्द ही वार्ड चालू हो जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही निजी नर्सिंगहोमों जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगीं। यहां पर जर्जर हालत में पड़े प्राइवेट वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। यहां पर 24 बेड वाले अलग-अलग कमरे होंगे।
मेडिकल कॉलेज में बने प्राइवेट वार्ड लंबे समय से खस्ताहाल हालत में पड़े हुए थे। कुछ समय के लिए यहां पर वन स्टॉप सेंटर खोला गया, जिसको बाद में शिफ्ट कर दिया गया। इस वार्ड का उपयोग बिल्कुल नहीं हो पा रहा था। ऐसे में जिन लोगों को निजी अस्पतालों की तरह प्राइवेट कमरों की जरूरत होती थी, वो यहां पर भर्ती नहीं हो पाते थे। इससे मेडिकल कॉलेज को भी आय का नुकसान हो रहा था। अब इस वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। प्राइवेट वार्ड की रंगाई-पुताई जारी है। बेड, सोफे, मेज-कुर्सियां समेत नया फर्नीचर मंगवाया जा रहा है।
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दरें तय होंगी
शुरूआत में प्राइवेट वार्ड में रोजाना कमरे की फीस 50 रुपये थी। हालांकि, अब इसे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर, स्टाफ, जांचें, एंबुलेंस आदि का शुल्क अलग से देना होगा।
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प्राइवेट वार्ड का कायाकल्प किया जा रहा है। यहां पर 24 बेड हैं। इसके लिए नया फर्नीचर आ रहा है। सभी कमरों में एसी की सुविधा होगी। जल्द ही वार्ड चालू हो जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य।