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क्षेत्र बढ़ा, संसाधन नहीं, गहराया पेयजल संकट
Thu, 11 Apr 2019 12:16 AM IST
देवेंद्र कुमार
amarujala
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:16 AM IST
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pani ki samasya, in jhansi
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। पिछले तीन दशक में महानगर के विस्तार के साथ पेयजल पहुंचाने के संसाधन व व्यवस्थाएं नहीं बढ़ाए जाने के कारण अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। कई क्षेत्रों में तो पाइप लाइन के अंतिम छोर तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। वहां के लोग पानी के टैंकरों व हैंडपंपों पर निर्भर हैं। गर्मी बढ़ने से हैंडपंप भी साथ छोड़ने लगे हैं।
जल निगम द्वारा बबीना जलशोधन संयंत्र से दिया जाने वाला सत्तर एमएलडी पानी नगर में सबसे पहले नगरा एवं पुलिया नंबर नौ जोन में पहुंचता है। इसके बाद तालपुरा जोन, सागर गेट जोन और पुराना मोटर स्टैंड जोन और फिर खातीबाबा, सीपरी, मसीहागंज, सिविल लाइन, आयुर्वेदिक कॉलेज व खंडेराव गेट जोन तक पहुंचता है। इसके अलावा जल संस्थान द्वारा पहूज बांध से दस एमएलडी कच्चा पानी प्राप्त कर बाहर दतिया गेट स्थित जलकल संस्थान में शुद्धीकरण के बाद नरसिंह राव टौरिया व दरीगरान जोन को उपलब्ध कराया जाता है। पिछले तीन दशकों से इसी व्यवस्था के तहत शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि, इस दौरान नगर क्षेत्र का 25 प्रतिशत से अधिक विस्तारीकरण हो चुका है। पुराने क्षेत्र में भी जनसंख्या का बोझ बढ़ा है। हालात ये हैं कि पाइपलाइन से जुड़े क्षेत्र के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
हर साल की तरह नगर के कई क्षेत्रों के लोगों के सामने जल संकट की समस्या फिर खड़ी हो गई है। इनमें सबसे सराय, तालपुरा, हैवट मार्केट, कसाई मंडी, शिवाजी नगर, बड़ागांव गेट बाहर नारायण बाग चौराहे, मास्टर कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी व शिवाजी नगर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी तरह, सिलवटगंज जोन में सीडब्लूआर व ओवरहेड टैंक की योजना के परवान न चढ़ पाने के कारण सिलवटगंज, गढ़ियागांव व प्रेमनगर में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई इलाकों में पाइपलाइन ही नहीं बिछी है।
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वहीं, लहरगिर्द जोन में सीडब्लूआर व ओवर हेड टैंक की योजना प्रस्तावित है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। अभी इस जोन के लहरगिर्द, आईटीआई, सिद्धेश्वर नगर को मसीहागंज जोन से आपूर्ति दी जाती है, लेकिन गर्मी में यहां तक पानी पहुंचना बंद हो जाता है। इधर, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्थित गुमनावारा, वीरांगना नगर, महाराणा प्रताप नगर, करगुवा, वकील कॉलोनी आदि क्षेत्र के लोग पाइप लाइन न होने के कारण हैंडपंप व बोरिंग पर निर्भर हैं। जलस्तर गिरने से इन क्षेत्रों में लगातार संकट गहराता जा रहा है। मजबूरन, गर्मी में उक्त क्षेत्र के लोगों को हैंडपंप व जल संस्थान द्वारा संचालित टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
टैंकर संचालन के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जल्द ही पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से पानी भेजने का काम शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
सिजरिया कॉलोनी में नहीं पाइप लाइन
दरीगरान स्थित सिजरिया कॉलोनी में 50 से अधिक परिवार रहते हैं। मगर, शहर की घनी आबादी स्थित इस कॉलोनी में आज तक पाइप लाइन नहीं डल सकी। गर्मियों में कॉलोनी के लोगों को टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है। कॉलोनी वालों ने जलसंस्थान से यहां शीघ्र पाइपलाइन डालने की मांग की है।
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जल निगम द्वारा बबीना जलशोधन संयंत्र से दिया जाने वाला सत्तर एमएलडी पानी नगर में सबसे पहले नगरा एवं पुलिया नंबर नौ जोन में पहुंचता है। इसके बाद तालपुरा जोन, सागर गेट जोन और पुराना मोटर स्टैंड जोन और फिर खातीबाबा, सीपरी, मसीहागंज, सिविल लाइन, आयुर्वेदिक कॉलेज व खंडेराव गेट जोन तक पहुंचता है। इसके अलावा जल संस्थान द्वारा पहूज बांध से दस एमएलडी कच्चा पानी प्राप्त कर बाहर दतिया गेट स्थित जलकल संस्थान में शुद्धीकरण के बाद नरसिंह राव टौरिया व दरीगरान जोन को उपलब्ध कराया जाता है। पिछले तीन दशकों से इसी व्यवस्था के तहत शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि, इस दौरान नगर क्षेत्र का 25 प्रतिशत से अधिक विस्तारीकरण हो चुका है। पुराने क्षेत्र में भी जनसंख्या का बोझ बढ़ा है। हालात ये हैं कि पाइपलाइन से जुड़े क्षेत्र के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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हर साल की तरह नगर के कई क्षेत्रों के लोगों के सामने जल संकट की समस्या फिर खड़ी हो गई है। इनमें सबसे सराय, तालपुरा, हैवट मार्केट, कसाई मंडी, शिवाजी नगर, बड़ागांव गेट बाहर नारायण बाग चौराहे, मास्टर कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी व शिवाजी नगर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी तरह, सिलवटगंज जोन में सीडब्लूआर व ओवरहेड टैंक की योजना के परवान न चढ़ पाने के कारण सिलवटगंज, गढ़ियागांव व प्रेमनगर में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई इलाकों में पाइपलाइन ही नहीं बिछी है।
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वहीं, लहरगिर्द जोन में सीडब्लूआर व ओवर हेड टैंक की योजना प्रस्तावित है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। अभी इस जोन के लहरगिर्द, आईटीआई, सिद्धेश्वर नगर को मसीहागंज जोन से आपूर्ति दी जाती है, लेकिन गर्मी में यहां तक पानी पहुंचना बंद हो जाता है। इधर, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्थित गुमनावारा, वीरांगना नगर, महाराणा प्रताप नगर, करगुवा, वकील कॉलोनी आदि क्षेत्र के लोग पाइप लाइन न होने के कारण हैंडपंप व बोरिंग पर निर्भर हैं। जलस्तर गिरने से इन क्षेत्रों में लगातार संकट गहराता जा रहा है। मजबूरन, गर्मी में उक्त क्षेत्र के लोगों को हैंडपंप व जल संस्थान द्वारा संचालित टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
टैंकर संचालन के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जल्द ही पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से पानी भेजने का काम शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
सिजरिया कॉलोनी में नहीं पाइप लाइन
दरीगरान स्थित सिजरिया कॉलोनी में 50 से अधिक परिवार रहते हैं। मगर, शहर की घनी आबादी स्थित इस कॉलोनी में आज तक पाइप लाइन नहीं डल सकी। गर्मियों में कॉलोनी के लोगों को टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है। कॉलोनी वालों ने जलसंस्थान से यहां शीघ्र पाइपलाइन डालने की मांग की है।