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दतिया में पशु विज्ञान एवं मत्स्य महाविद्यालयों का निर्माण शुरू
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बीयू के जैविक कृषि प्रक्षेत्र का भ्रमण करते पूर्व कुलपति प्रो. एसी पांडेय।
- फोटो : REPORTERS
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान और मत्स्यकीय महाविद्यालयों का निर्माण कार्य मंगलवार से शुरू हो गया। इस दौरान कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह भी उपस्थित रहे। 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉलेज डेढ़ साल में तैयार हो जाएगा और 2022 से कक्षाएं संचालित होने लगेंगी।
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इसके बाद दतिया में पशु चिकित्सा व पशु विज्ञान एवं मत्स्यकीय महाविद्यालयों के शिलान्यास की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। 27 सितंबर 2020 को इसकी नींव रख दी गई। दतिया के नौनेर में 189 एकड़ में बनने वाले इस महाविद्यालय में पशु चिकित्सा एवं मत्स्यकीय के अलग-अलग कॉलेज बनेंगे। वर्ष 2022 से शुरू होने वाले पहले सत्र में पशु चिकित्सा में 60 और मत्स्यकीय महाविद्यालय में 30 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
निर्माण शुरू होने के दौरान कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय में शोध और बिल्डिंग के विस्तार कार्य का भी जायजा लिया। निवाड़ी में बनने वाले कृषि विज्ञान केंद्र को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर भी चर्चा की। जल्द अनुमति मिलने की संभावना बढ़ गई है। कुलाधिपति ने शिक्षकों को क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। 141 प्रैक्टिकल मैनुअल बनने पर खुशी भी जताई।
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रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इसके बाद दतिया में पशु चिकित्सा व पशु विज्ञान एवं मत्स्यकीय महाविद्यालयों के शिलान्यास की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। 27 सितंबर 2020 को इसकी नींव रख दी गई। दतिया के नौनेर में 189 एकड़ में बनने वाले इस महाविद्यालय में पशु चिकित्सा एवं मत्स्यकीय के अलग-अलग कॉलेज बनेंगे। वर्ष 2022 से शुरू होने वाले पहले सत्र में पशु चिकित्सा में 60 और मत्स्यकीय महाविद्यालय में 30 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
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निर्माण शुरू होने के दौरान कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय में शोध और बिल्डिंग के विस्तार कार्य का भी जायजा लिया। निवाड़ी में बनने वाले कृषि विज्ञान केंद्र को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर भी चर्चा की। जल्द अनुमति मिलने की संभावना बढ़ गई है। कुलाधिपति ने शिक्षकों को क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। 141 प्रैक्टिकल मैनुअल बनने पर खुशी भी जताई।
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