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अंबेडकर के बहाने कार्यकर्ताओं को किया एकजुट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Dec 2016 01:07 AM IST
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- फोटो : demo
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बहुजन समाज पार्टी ने डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर कांशीराम के सपनों को पूरा करने और मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। पार्टी ने परिनिर्वाण दिवस के बहाने पिछले कुछ समय से नोटबंदी के कारण सुस्त पड़ी राजनीतिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में हुए कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी।
नोटबंदी के कारण नवंबर माह में राजनीतिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं, कारण हर कोई नोटों के चक्कर में उलझा रहा। लेकिन, अब कार्यकर्ता फिर से सक्रिय हो गए हैं। इस साल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसको लेकर गत दिवस जहां बरुआसागर में पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने रैली आयोजित की, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने डा. अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को एकजुट किया। आमतौर पर बहुजन समाज पार्टी इस दिन लखनऊ में रैली आयोजित करती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया। इसकी वजह विधानसभा चुनाव की तैयारी रही।
झांसी सदर विधानसभा क्षेत्र के तुलसा विवाह घर और सदर बाजार क्षेत्र में तुलसाबाई धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम की कमान बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार को सौंपी गई थी। बबीना विधानसभा क्षेत्र में मुख्य जोन कोआर्डिनेटर बृजेश जाटव, गरौठा विधानसभा क्षेत्र में जोन कोआर्डिनेटर चंद्रदत्त गौतम राजू, मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में जिला प्रभारी विजय कुशवाहा तथा उरई विधानसभा क्षेत्र में मुख्य जोन कोआर्डिनेटर भूपेंद्र आर्या को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जानकारों के अनुसार पार्टी ने पूरे प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया था। इस बहाने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया और संदेश दिया कि अबकी बार मायावती को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी को समर्पित होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटना है। कार्यकर्ताओं को वर्तमान सरकार और मायावती सरकार का फर्क भी बताया गया। खासकर कानून व्यवस्था के मामले में मायावती सरकार को अखिलेश सरकार से कई गुना बेहतर बताया गया।
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बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार ने कहा कि बाबा साहब और कांशीराम के सपनों को पूरा करने की लड़ाई बहनजी लड़ रही हैं। इसलिए उन्हें पांचवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है। यदि वह मुख्यमंत्री बनती हैं तो वह न केवल दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ेंगी, बल्कि सभी कमजोर वर्ग के लोगों के हक की लड़ाई लड़ेंगी। पार्टी के सामाजिक भाईचारा संगठन के बुंदेलखंड अध्यक्ष ए के सोनी और मंडल अध्यक्ष जगदीश यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि अन्य समाजों में भी यह संदेश जाए कि पार्टी सभी जाति के लोगों को साथ लेकर चल रही है।
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नोटबंदी के कारण नवंबर माह में राजनीतिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं, कारण हर कोई नोटों के चक्कर में उलझा रहा। लेकिन, अब कार्यकर्ता फिर से सक्रिय हो गए हैं। इस साल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसको लेकर गत दिवस जहां बरुआसागर में पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने रैली आयोजित की, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने डा. अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को एकजुट किया। आमतौर पर बहुजन समाज पार्टी इस दिन लखनऊ में रैली आयोजित करती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया। इसकी वजह विधानसभा चुनाव की तैयारी रही।
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झांसी सदर विधानसभा क्षेत्र के तुलसा विवाह घर और सदर बाजार क्षेत्र में तुलसाबाई धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम की कमान बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार को सौंपी गई थी। बबीना विधानसभा क्षेत्र में मुख्य जोन कोआर्डिनेटर बृजेश जाटव, गरौठा विधानसभा क्षेत्र में जोन कोआर्डिनेटर चंद्रदत्त गौतम राजू, मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में जिला प्रभारी विजय कुशवाहा तथा उरई विधानसभा क्षेत्र में मुख्य जोन कोआर्डिनेटर भूपेंद्र आर्या को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जानकारों के अनुसार पार्टी ने पूरे प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया था। इस बहाने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया और संदेश दिया कि अबकी बार मायावती को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी को समर्पित होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटना है। कार्यकर्ताओं को वर्तमान सरकार और मायावती सरकार का फर्क भी बताया गया। खासकर कानून व्यवस्था के मामले में मायावती सरकार को अखिलेश सरकार से कई गुना बेहतर बताया गया।
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बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार ने कहा कि बाबा साहब और कांशीराम के सपनों को पूरा करने की लड़ाई बहनजी लड़ रही हैं। इसलिए उन्हें पांचवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है। यदि वह मुख्यमंत्री बनती हैं तो वह न केवल दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ेंगी, बल्कि सभी कमजोर वर्ग के लोगों के हक की लड़ाई लड़ेंगी। पार्टी के सामाजिक भाईचारा संगठन के बुंदेलखंड अध्यक्ष ए के सोनी और मंडल अध्यक्ष जगदीश यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि अन्य समाजों में भी यह संदेश जाए कि पार्टी सभी जाति के लोगों को साथ लेकर चल रही है।