{"_id":"5a1b1fa34f1c1b686a8b5e08","slug":"amar-ujala-organised-samwad-karyakram","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अमर उजाला संवाद’ में बुद्धिजीवियों ने उठाईं समस्याएं, विकास पर दी राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अमर उजाला संवाद’ में बुद्धिजीवियों ने उठाईं समस्याएं, विकास पर दी राय
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:40 AM IST
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jhansi news
- फोटो : amar ujala
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नगर निगम चुनाव के मौके पर रविवार को अमर उजाला के ग्वालियर रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कार्यालय पर ‘अमर उजाला संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के बुद्धिजीवियों ने बेबाकी से समस्याओं को उठाया। साथ ही शहर के विकास को लेकर अपनी राय भी रखी। सभी ने एक स्वर में कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य की वजह से झांसी पूरे विश्व में किसी पहचान का मोहताज नहीं है। शहर का स्वरूप भी इसकी पहचान के मुताबिक होना चाहिए। इसके लिए नगर के नये प्रथम नागरिक के पास दृढ़ इच्छा शक्ति और ईमानदार सोच का होना बेहद जरूरी है।
मंडी और बस स्टैंड शिफ्ट होना जरूरी
मंडी और बस स्टैंड की वजह से कानपुर रोड और आसपास की सड़कों पर दिन में कमोबेश हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा गंदगी भी जमा रहती है। दोनों को शहर के बाहर शिफ्ट किया जाना जरूरी है। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर महिला पुलिस की भी तैनाती की जाए। रात में चौकसी ज्यादा हो।
- डा. छवि सहगल, असिस्टेंट प्रोफेसर, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज
जरूरत के हिसाब से बने योजना
सिविल लाइन और कसाई मंडी की समस्याएं एक सी नहीं हो सकतीं। इसी प्रकार शहर के हर क्षेत्र की अपनी अलग जरूरतें हैं। विकास की कोई भी योजना बनाते समय इसका ध्यान रखना जरूरी है। पूरे शहर में एक ही फार्मूले पर काम नहीं किया जाना चाहिए। तभी शहर का सर्वांगीण विकास संभव है।
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- मो. इकबाल खान, एसोसिएट प्रोफेसर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
तेज हो विकास की रफ्तार
विकास की रफ्तार बेहद धीमी है। इसका अंदाजा सीपरी बाजार में निर्माणाधीन ओवरब्रिज को देखकर लगाया जा सकता है, जो पिछले कई सालों से आवागमन में समस्या बना हुआ है। स्वच्छता पर काम होना चाहिए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किए जाने चाहिए। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए जाएं।
- असमां खान, प्रवक्ता, सूरज प्रसाद राजकीय बालिका इंटर कॉलेज
नियंत्रित हो ऑटो की संख्या
शहर में ऑटो की संख्या बेतहाशा रूप से बढ़ती जा रही है। परिवहन विभाग धड़ाधड़ परमिट जारी कर रहा है। इसमें यह भी नहीं देखा जा रहा है कि शहर में ऑटो के चलने और खड़े होने की जगह है या नहीं। इस पर नियंत्रण जरूरी है। इसके अलावा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीएनजी और बैट्री रिक्शा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- अतिन साहू, व्यापारी
ओवरब्रिज की तर्ज पर बने वेंडर स्ट्रीट
शहर के बाजारों में ओवरब्रिज की तर्ज पर वेंडर स्ट्रीट बनाई जा सकती है, जिससे सड़क का अतिक्रमण साफ हो जाएगा। बड़ाबाजार जैसे बाजारों में इसका निर्माण सिंगल पिलर पर डिवाइडर के ऊपर किया जा सकता है। इसके अलावा जेल चौराहे, कचहरी चौराहे का आकार छोटा होना चाहिए। बड़े चौराहे यातायात की बाधा बने हुए हैं।
- अफजाल अहमद, एडवोकेट
नो पार्किंग जोन हैं, पार्किंग नहीं
मेडिकल कालेज के सामने नो पार्किंग जोन बना रखा है। रोजाना डाक्टर और मरीजों की गाड़ी पुलिस उठा ले जाती है। जबकि, वहां निर्धारित पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण पसरा हुआ है। ऐसे में गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी होंगी। यह हालात पूरे शहर के हैं। जरूरी है कि जगह-जगह पार्किंग बनाई जाएं और अतिक्रमण हटाया जाए।
- डा. गौरव गुप्ता, दंत चिकित्सक
वनवे ट्रैफिक से सुधरेंगे हालात
शहर के बाजारों में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि वहां सड़कें चौड़ी करने की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में बाजारों में वनवे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे यातायात सुगमता से संचालित होता रहे। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम अंडरग्राउंड बनाया जाए। जयपुर की तरह ऐतिहासिक शहर को एक ही रंग में रंगा जाए।
- ए मुबारक, एडवोकेट
सुंदर और स्वस्थ हो शहर
शहर को सुंदर और स्वस्थ बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। स्ट्रीट लाइट, सड़क, चौराहे और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। स्वस्थ रखने के लिए हरा-भरा बनाना चाहिए। सुबह-शाम भारी संख्या में लोग किले पर चहलकदमी करने पहुंचते हैं। इस जगह को सुबह-शाम दो-दो घंटे के लिए नो व्हीकल जोन बनाया जाना चाहिए।
- ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी, पंजाब नेशनल बैंक अधिकारी
छुट्टा जानवरों पर हो नियंत्रण
शहर में छुट्टा जानवरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस पर नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए। पशु पालन शहर के भीतर नहीं होना चाहिए। यह नियम पहले से भी है। इसका पालन कराया जाना चाहिए। लोग मॉर्निंग वॉक पर अपने पालतू जानवरों को साथ ले जाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। इस पर अंकुश लगना चाहिए।
- रेव्ह जॉन एस स्टीफन, यलो चर्च
लोगों को भी होना होगा स्मार्ट
झांसी का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हुआ है। इससे शहर का कायाकल्प होने की उम्मीद है। लेकिन, यह परिकल्पना तब ही पूरी तरह से अपने रूप में आएगी, जब शहर के लोग भी स्मार्ट होंगे। हमें नगर निगम के नियमों का पालन करना होगा। यहां-वहां गंदगी फैलाने या थूकने जैसी बुरी आदतों को दूर करना होगा।
- अपर्णा दुबे, समाजसेवी
ये सुझाव भी आए
- सड़क पर थूकने वालों पर लगे जुर्माना
- परकोटे और ऐतिहासिक इमारतों का हो संरक्षण
- पर्यटन विकास की दिशा में हो काम
- सुरक्षा की दृष्टि से शहर में जगह-जगह लगें सीसीटीवी कैमरे
- सभी ऑटो जीपीएस सिस्टम से जोड़े जाएं
- शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जाएं पार्क
- सफाई की नियमित व्यवस्था हो
- सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं
- बाजारों में हों शौचालय, खासतौर पर महिलाओं के लिए
- मल्टीस्टोरी बने बड़ाबाजार और सीपरी की सब्जी मंडी
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मंडी और बस स्टैंड शिफ्ट होना जरूरी
मंडी और बस स्टैंड की वजह से कानपुर रोड और आसपास की सड़कों पर दिन में कमोबेश हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा गंदगी भी जमा रहती है। दोनों को शहर के बाहर शिफ्ट किया जाना जरूरी है। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर महिला पुलिस की भी तैनाती की जाए। रात में चौकसी ज्यादा हो।
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- डा. छवि सहगल, असिस्टेंट प्रोफेसर, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज
जरूरत के हिसाब से बने योजना
सिविल लाइन और कसाई मंडी की समस्याएं एक सी नहीं हो सकतीं। इसी प्रकार शहर के हर क्षेत्र की अपनी अलग जरूरतें हैं। विकास की कोई भी योजना बनाते समय इसका ध्यान रखना जरूरी है। पूरे शहर में एक ही फार्मूले पर काम नहीं किया जाना चाहिए। तभी शहर का सर्वांगीण विकास संभव है।
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- मो. इकबाल खान, एसोसिएट प्रोफेसर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
तेज हो विकास की रफ्तार
विकास की रफ्तार बेहद धीमी है। इसका अंदाजा सीपरी बाजार में निर्माणाधीन ओवरब्रिज को देखकर लगाया जा सकता है, जो पिछले कई सालों से आवागमन में समस्या बना हुआ है। स्वच्छता पर काम होना चाहिए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किए जाने चाहिए। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए जाएं।
- असमां खान, प्रवक्ता, सूरज प्रसाद राजकीय बालिका इंटर कॉलेज
नियंत्रित हो ऑटो की संख्या
शहर में ऑटो की संख्या बेतहाशा रूप से बढ़ती जा रही है। परिवहन विभाग धड़ाधड़ परमिट जारी कर रहा है। इसमें यह भी नहीं देखा जा रहा है कि शहर में ऑटो के चलने और खड़े होने की जगह है या नहीं। इस पर नियंत्रण जरूरी है। इसके अलावा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीएनजी और बैट्री रिक्शा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- अतिन साहू, व्यापारी
ओवरब्रिज की तर्ज पर बने वेंडर स्ट्रीट
शहर के बाजारों में ओवरब्रिज की तर्ज पर वेंडर स्ट्रीट बनाई जा सकती है, जिससे सड़क का अतिक्रमण साफ हो जाएगा। बड़ाबाजार जैसे बाजारों में इसका निर्माण सिंगल पिलर पर डिवाइडर के ऊपर किया जा सकता है। इसके अलावा जेल चौराहे, कचहरी चौराहे का आकार छोटा होना चाहिए। बड़े चौराहे यातायात की बाधा बने हुए हैं।
- अफजाल अहमद, एडवोकेट
नो पार्किंग जोन हैं, पार्किंग नहीं
मेडिकल कालेज के सामने नो पार्किंग जोन बना रखा है। रोजाना डाक्टर और मरीजों की गाड़ी पुलिस उठा ले जाती है। जबकि, वहां निर्धारित पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण पसरा हुआ है। ऐसे में गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी होंगी। यह हालात पूरे शहर के हैं। जरूरी है कि जगह-जगह पार्किंग बनाई जाएं और अतिक्रमण हटाया जाए।
- डा. गौरव गुप्ता, दंत चिकित्सक
वनवे ट्रैफिक से सुधरेंगे हालात
शहर के बाजारों में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि वहां सड़कें चौड़ी करने की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में बाजारों में वनवे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे यातायात सुगमता से संचालित होता रहे। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम अंडरग्राउंड बनाया जाए। जयपुर की तरह ऐतिहासिक शहर को एक ही रंग में रंगा जाए।
- ए मुबारक, एडवोकेट
सुंदर और स्वस्थ हो शहर
शहर को सुंदर और स्वस्थ बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। स्ट्रीट लाइट, सड़क, चौराहे और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। स्वस्थ रखने के लिए हरा-भरा बनाना चाहिए। सुबह-शाम भारी संख्या में लोग किले पर चहलकदमी करने पहुंचते हैं। इस जगह को सुबह-शाम दो-दो घंटे के लिए नो व्हीकल जोन बनाया जाना चाहिए।
- ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी, पंजाब नेशनल बैंक अधिकारी
छुट्टा जानवरों पर हो नियंत्रण
शहर में छुट्टा जानवरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस पर नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए। पशु पालन शहर के भीतर नहीं होना चाहिए। यह नियम पहले से भी है। इसका पालन कराया जाना चाहिए। लोग मॉर्निंग वॉक पर अपने पालतू जानवरों को साथ ले जाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। इस पर अंकुश लगना चाहिए।
- रेव्ह जॉन एस स्टीफन, यलो चर्च
लोगों को भी होना होगा स्मार्ट
झांसी का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हुआ है। इससे शहर का कायाकल्प होने की उम्मीद है। लेकिन, यह परिकल्पना तब ही पूरी तरह से अपने रूप में आएगी, जब शहर के लोग भी स्मार्ट होंगे। हमें नगर निगम के नियमों का पालन करना होगा। यहां-वहां गंदगी फैलाने या थूकने जैसी बुरी आदतों को दूर करना होगा।
- अपर्णा दुबे, समाजसेवी
ये सुझाव भी आए
- सड़क पर थूकने वालों पर लगे जुर्माना
- परकोटे और ऐतिहासिक इमारतों का हो संरक्षण
- पर्यटन विकास की दिशा में हो काम
- सुरक्षा की दृष्टि से शहर में जगह-जगह लगें सीसीटीवी कैमरे
- सभी ऑटो जीपीएस सिस्टम से जोड़े जाएं
- शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जाएं पार्क
- सफाई की नियमित व्यवस्था हो
- सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं
- बाजारों में हों शौचालय, खासतौर पर महिलाओं के लिए
- मल्टीस्टोरी बने बड़ाबाजार और सीपरी की सब्जी मंडी