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आकाशवाणी केंद्र - कोरोना काल में फंस गई आठ लाख की रायल्टी
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आकाशवाणी केंद्र : कोरोना काल में फंस गई आठ लाख की रॉयल्टी
झांसी। आकाशवाणी केंद्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसके एवज में आकाशवाणी द्वारा रॉयल्टी के रूप में कार्यक्रम के हिसाब से ही धनराशि अदा की जाती है। लेकिन कोरोना के वजह से लगभग पचास लोगों का आठ लाख से अधिक का भुगतान नहीं किया जा सका।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न प्रकार की जानकारी के लिए ऑल इंडिया रेडियो पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रमों में शहर के कवि, पत्रकार, विशेषज्ञोें के साथ ही प्रोफेसर सहित कई बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया जाता है। आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान केंद्र द्वारा निर्धारित रॉयल्टी अदा की जाती है। जिसके तहत किसान वाणी, नारी जगत व महिला मंडल के 1300 रुपये, कवि व कहानीकार को 2200 रुपये, भेंटवार्ता व स्क्रिप्ट राइटर को 4500 रुपये की धनराशि अदा की जाती है। यह रकम सीधा उनके खाते में पहुंचाई जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते लगभग पचास लोगों की रॉयल्टी अधर में लटकी हुई है।
इस संबंध में आकाशवाणी केंद्र के प्रबंधक कुंज बिहारी ने बताया की कोरोना काल के दौरान निदेशालय से बजट नहीं मिल पाया था। जिसके चलते रॉयल्टी नहीं दी जा सकी है। निदेशालय द्वारा छह लाख रुपये का बजट भेजा गया है। इसी सप्ताह रॉयल्टी सीधा खातों में भेज दी जाएगी।
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झांसी। आकाशवाणी केंद्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसके एवज में आकाशवाणी द्वारा रॉयल्टी के रूप में कार्यक्रम के हिसाब से ही धनराशि अदा की जाती है। लेकिन कोरोना के वजह से लगभग पचास लोगों का आठ लाख से अधिक का भुगतान नहीं किया जा सका।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न प्रकार की जानकारी के लिए ऑल इंडिया रेडियो पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रमों में शहर के कवि, पत्रकार, विशेषज्ञोें के साथ ही प्रोफेसर सहित कई बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया जाता है। आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान केंद्र द्वारा निर्धारित रॉयल्टी अदा की जाती है। जिसके तहत किसान वाणी, नारी जगत व महिला मंडल के 1300 रुपये, कवि व कहानीकार को 2200 रुपये, भेंटवार्ता व स्क्रिप्ट राइटर को 4500 रुपये की धनराशि अदा की जाती है। यह रकम सीधा उनके खाते में पहुंचाई जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते लगभग पचास लोगों की रॉयल्टी अधर में लटकी हुई है।
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इस संबंध में आकाशवाणी केंद्र के प्रबंधक कुंज बिहारी ने बताया की कोरोना काल के दौरान निदेशालय से बजट नहीं मिल पाया था। जिसके चलते रॉयल्टी नहीं दी जा सकी है। निदेशालय द्वारा छह लाख रुपये का बजट भेजा गया है। इसी सप्ताह रॉयल्टी सीधा खातों में भेज दी जाएगी।
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