फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   agriculture university wait for PM

कृषि विश्वविद्यालय भवन को प्रधानमंत्री का इंतजार

Sun, 23 Apr 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 23 Apr 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
agriculture university wait for PM
agriculture university jhansi - फोटो : demo
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए चार महीने पहले बजट आवंटित हो चुका है, प्रधानमंत्री के इंतजार में अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री भवन के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार आमंत्रण दे चुके हैं, परंतु उनका समय नहीं मिल पा रहा है। 
विज्ञापन

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी। इसके लिए ग्वालियर रोड पर भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (आईजीएफआरआई) के पास तीन सौ एकड़ जमीन भी केंद्र सरकार ने आवंटित कर दी थी। दिसंबर 2016 में सरकार ने विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की थी। भवन का मॉडल भी फाइनल कर लिया गया है और निर्माण संबंधी अन्य औपचारिकताएं भी पूरी हैं। लेकिन, निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। दरअसल, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन दास मुख्य भवन का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराना चाहते हैं। इसके लिए भी पीएम को कई पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन पीएम का समय नहीं मिल पा रहा है, जिससे निर्माण लटका हुआ है। 
विज्ञापन


दो साल में हो जाएगा तैयार  
कृषि विश्वविद्यालय को संसद ने राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया है। आने वाले समय में यह संस्थान बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यही वजह है कि केंद्रीय कृषि मंत्री भवन का शिलान्यास प्रधानमंत्री से कराना चाहते हैं। शिलान्यास होते ही दो साल में भवन तैयार हो जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हैं। - डा. अरविंद कुमार, कुलपति 
विज्ञापन
विज्ञापन



हॉस्टल बनकर तैयार 
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में दो हॉस्टल और एकेडेमिक भवन बनकर तैयार हो गए हैं। यह बिल्डिंग प्री फ्रेब्रिकेटेड तकनीक से बनाई गई है, जिससे इनके निर्माण पर ईंट, सीमेंट, बालू का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह लोहे के फ्रेम पर फ्रेब्रीकेटेड शीट से तैयार किए गए हैं। निर्माण में छह महीने से भी कम समय लगा है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अभी परिसर के बाहर किराये के भवन में बनाए गए हॉस्टल में रह रहे हैं। इससे आने - जाने में उनका समय जाया होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed