फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   agriculture university

कृषि विश्वविद्यालय को तीन सौ एकड़ जमीन और मिलेगी

Fri, 07 Aug 2015 01:32 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Fri, 07 Aug 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के विकास के प्रति प्रदेश सरकार ने भी प्रतिबद्धता जताई है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के लिए तीन सौ एकड़ और भूमि देने पर सहमति जता दी है। हालांकि, यह भूमि वर्तमान में उपलब्ध भूमि पर काम होने के बाद ही दी जाएगी।
विज्ञापन




देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में स्थापित किया गया है। हालांकि, यह अभी शैशवावस्था में है। स्वयं का भवन न होने की वजह से वर्तमान में आईजीएफआरआई के भवन में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। केवल बीएससी कृषि की ही कक्षा संचालित की जा रही है। लेकिन, भविष्य में यहां कृषि विज्ञान संबंधी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोर्स तथा शोध कार्य किए जाने की योजना है। इसके अलावा आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल आदि भी बनाए जाने हैं।
विज्ञापन




केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को तीन सौ एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इतनी ही भूमि की और आवश्यकता है। इसके लिए विश्वविद्यालय की भूमि से लगी राज्य सरकार की भूमि चिह्नित की गई है। पूर्व में इसकी शासन से डिमांड की गई थी, परंतु शासन की ओर से कोई सकारात्मक संकेत न मिलने पर कुलपति डा. अरविंद कुमार ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट की। उन्होंने सीएम को भूमि की उपयोगिता के बारे में बताया। कुलपति के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति जता दी है। लेकिन, सीएम ने एक शर्त रखी है। उन्होंने वर्तमान में उपलब्ध भूमि पर निर्माण कार्य होने पर उक्त भूमि आवंटित करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed