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अराजक कहने से आक्रोशित हुए अधिवक्ता हड़ताल पर रहे
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झांसी। ग्राम पंचायतों द्वारा पिछले चार साल के दौरान कराए गए कार्यों के भुगतान पर जीएसटी व टीडीएस की वसूली होगी। वाणिज्य कर विभाग द्वारा इसका लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
साल 2018 में प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया था, जिसके तहत ग्राम पंचायतों में ढाई लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर जीएसटी कटौती की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके साथ एक प्रतिशत टीडीएस भी काटने का नियम लागू किया गया था। लेकिन, ये सारे नियम-कायदे कागजों से बाहर नहीं आ पाए। जनपद की 496 ग्राम पंचायतों में से किसी ने भी वाणिज्य कर विभाग को जीएसटी व टीडीएस का भुगतान नहीं किया गया है। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। लेकिन, अब इस मसले पर वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए काम और किए गए भुगतान का लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इसे लेकर जल्द ही पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित किया जाएगा। विभाग की ग्राम पंचायतों से नियमानुसार जुर्माने के साथ जीएसटी व टीडीएस की वसूली की तैयारी है।
विभाग का पूरा जोर राजस्व में बढ़ोतरी पर है। नियमानुसार ग्राम पंचायतों द्वारा ढाई लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर जीएसटी भुगतान की व्यवस्था है। इसके अलावा एक प्रतिशत टीडीएस कटौती का भी प्रावधान है। लेकिन, ये हो नहीं आ रहा है। अब विभाग द्वारा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों से पिछले चार साल की जीएसटी व टीडीएस की वसूली की जाएगी।
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- अरुण कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर - वाणिज्य कर
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साल 2018 में प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया था, जिसके तहत ग्राम पंचायतों में ढाई लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर जीएसटी कटौती की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके साथ एक प्रतिशत टीडीएस भी काटने का नियम लागू किया गया था। लेकिन, ये सारे नियम-कायदे कागजों से बाहर नहीं आ पाए। जनपद की 496 ग्राम पंचायतों में से किसी ने भी वाणिज्य कर विभाग को जीएसटी व टीडीएस का भुगतान नहीं किया गया है। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। लेकिन, अब इस मसले पर वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए काम और किए गए भुगतान का लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इसे लेकर जल्द ही पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित किया जाएगा। विभाग की ग्राम पंचायतों से नियमानुसार जुर्माने के साथ जीएसटी व टीडीएस की वसूली की तैयारी है।
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विभाग का पूरा जोर राजस्व में बढ़ोतरी पर है। नियमानुसार ग्राम पंचायतों द्वारा ढाई लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर जीएसटी भुगतान की व्यवस्था है। इसके अलावा एक प्रतिशत टीडीएस कटौती का भी प्रावधान है। लेकिन, ये हो नहीं आ रहा है। अब विभाग द्वारा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों से पिछले चार साल की जीएसटी व टीडीएस की वसूली की जाएगी।
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- अरुण कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर - वाणिज्य कर