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नुकसान के आकलन के बाद हर्जाने का नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:03 AM IST
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- फोटो : demo
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क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान की ओर से जीआईसी के बगल में जमीन पर उगाई गई औषधियों की फसल रौंदे जाने के मामले में जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान वहां शराब की खाली बोतलें भी मिली, जिन्हें बाहर फेकवा दिया गया। पाइप भी क्षतिग्रस्त हो गए। अब संस्थान नुकसान के आकलन के बाद हर्जाने का नोटिस भेजेगा।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ने कई एकड़ अपनी जमीन पर एलोवेरा, शतावरी, सरपूंरवा, कंचवार, वायक, अर्जुन, नीम, कदंव, गंभारी, सप्तपर्ण, सालपर्णी, प्रिश्राणी, गिलोय के बीज बोए हैं। इन औषधियों की मदद से कई गंभीर बीमारियों की दवाएं तैयार होनी हैं। बुधवार को जमीन के ठीक सामने एक विवाह घर में शादी थी। विवाह घर में पार्किंग न होने से गाड़ियों को संस्थान की खली जमीन पर खड़ी करने की अनुमति दी गई थी। कार चालकों ने मनमर्जी से गाड़ियां खड़ी की। इस दौरान दर्जनों कारों ने पृष्णपर्णी और शतावरी के पौधों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा पाइप पर गाड़ी चढ़ाकर तोड़ दिया। वहां शराब भी पी गई। सुबह शराब और सोडे की खाली बोतलें मिलीं। संस्थान के अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने साफ-सफाई कर बोतलें उठाकर फेंकी।
क्षति न होने की शर्त पर थी अनुमति
पौधों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचने की शर्त पर पार्किंग की अनुमति दी गई थी, लेकिन शर्तों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई गई।
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हर्जाना वसूलेंगे
कार चालकों द्वारा पौधों को पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। जल्द ही पता चल जाएगा कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा। - डॉ. रमाशंकर, अनुसंधान अधिकारी।
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गौरतलब है कि क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ने कई एकड़ अपनी जमीन पर एलोवेरा, शतावरी, सरपूंरवा, कंचवार, वायक, अर्जुन, नीम, कदंव, गंभारी, सप्तपर्ण, सालपर्णी, प्रिश्राणी, गिलोय के बीज बोए हैं। इन औषधियों की मदद से कई गंभीर बीमारियों की दवाएं तैयार होनी हैं। बुधवार को जमीन के ठीक सामने एक विवाह घर में शादी थी। विवाह घर में पार्किंग न होने से गाड़ियों को संस्थान की खली जमीन पर खड़ी करने की अनुमति दी गई थी। कार चालकों ने मनमर्जी से गाड़ियां खड़ी की। इस दौरान दर्जनों कारों ने पृष्णपर्णी और शतावरी के पौधों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा पाइप पर गाड़ी चढ़ाकर तोड़ दिया। वहां शराब भी पी गई। सुबह शराब और सोडे की खाली बोतलें मिलीं। संस्थान के अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने साफ-सफाई कर बोतलें उठाकर फेंकी।
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क्षति न होने की शर्त पर थी अनुमति
पौधों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचने की शर्त पर पार्किंग की अनुमति दी गई थी, लेकिन शर्तों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई गई।
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हर्जाना वसूलेंगे
कार चालकों द्वारा पौधों को पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। जल्द ही पता चल जाएगा कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा। - डॉ. रमाशंकर, अनुसंधान अधिकारी।