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आठ महीने बाद कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला
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झांसी। आठ महीने के लंबे अंतराल के बाद दो फरवरी की तारीख राहत की बड़ी खबर लेकर आई है। दो जून के बाद ऐसा पहला दिन रहा जब जिले में कोरोना का एक भी नया मरीज सामने नहीं आया। जिले में 2,899 नमूनों की जांच हुई और एक में भी इस महामारी का संक्रमण नहीं पाया गया।
जिले में कोरोना का पहला मरीज 27 अप्रैल 2020 को सामने आया था। ओरछा गेट निवासी 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। इसके बाद से रोजाना इक्का-दुक्का मरीज सामने आते रहे। केवल दो जून की तारीख ही ऐसी थी, जब एक भी मरीज नहीं मिला था। इस दिन कोरोना के 124 नमूनों की जांच की गई थी, इनमें से संक्रमण एक में भी नहीं पाया गया था। इसके बाद अब दो फरवरी को भी एक भी नया मरीज सामने नहीं आया है। जबकि, 2,899 नमूने जांचे गए।
विदित हो कि एक जुलाई से अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कोरोना ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली थी। खासतौर पर महानगर की घनी आबादी को इस महामारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया था। संकरी गलियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में कोरोना के मरीज सामने आने लगे थे। जिले में अब तक कोरोना के 10,424 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 10,184 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में 66 सक्रिय संक्रमित हैं। इनमें से चार को छोड़ बाकी सभी सूक्ष्म या बगैर लक्षण वाले रोगी हैं। जिले का रिकवरी रेट 97.69 प्रतिशत है। जिले में कोरोना से 174 मरीज जान भी गवां चुके हैं।
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जिले में कोरोना का पहला मरीज 27 अप्रैल 2020 को सामने आया था। ओरछा गेट निवासी 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। इसके बाद से रोजाना इक्का-दुक्का मरीज सामने आते रहे। केवल दो जून की तारीख ही ऐसी थी, जब एक भी मरीज नहीं मिला था। इस दिन कोरोना के 124 नमूनों की जांच की गई थी, इनमें से संक्रमण एक में भी नहीं पाया गया था। इसके बाद अब दो फरवरी को भी एक भी नया मरीज सामने नहीं आया है। जबकि, 2,899 नमूने जांचे गए।
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विदित हो कि एक जुलाई से अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कोरोना ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली थी। खासतौर पर महानगर की घनी आबादी को इस महामारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया था। संकरी गलियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में कोरोना के मरीज सामने आने लगे थे। जिले में अब तक कोरोना के 10,424 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 10,184 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में 66 सक्रिय संक्रमित हैं। इनमें से चार को छोड़ बाकी सभी सूक्ष्म या बगैर लक्षण वाले रोगी हैं। जिले का रिकवरी रेट 97.69 प्रतिशत है। जिले में कोरोना से 174 मरीज जान भी गवां चुके हैं।
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