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मंथन के बाद लागू होंगे सर्किल रेट
झांसी/ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2015 11:18 PM IST
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जमीन के नये सर्किल रेट लागू करने को लेकर आईं आपत्तियों की सुनवाई अब अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) करेंगे। इसके लिए वह आपत्तिकर्ताओं के साथ बैठक कर उनका पक्ष सुनेंगे। तदुपरांत, भूमि की नई दरों पर फैसला लिया जाएगा।
निबंधन विभाग द्वारा प्रति वर्ष जमीन के सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है। इसके माध्यम से जमीन की सरकारी दरों को बाजारू मूल्य के समतुल्य लाया जाता है। विभाग की अगस्त माह की शुरुआत में जमीन के नये सर्किल रेट लागू करने की योजना थी। इसके लिए पिछले माह विभाग द्वारा सब रजिस्ट्रारों के माध्यम से तहसीलवार सर्वे कराकर नई दरों का मसौदा तैयार कर लिया गया था। लेकिन, जिलाधिकारी ने पुन: सर्वे के निर्देश जारी किये थे। इसके बाद निबंधन विभाग द्वारा सर्किल रेट का नया मसौदा तैयार किया गया है, जिसके सापेक्ष आपत्तियां मांगी गईं थीं। जनपद में लगभग दो दर्जन आपत्तियां प्राप्त हुईं थीं। इनमें सर्वाधिक झांसी नगर क्षेत्र की जमीनों को लेकर थीं। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को आपत्तिकर्ताओं के साथ बैठक कर उनका पक्ष सुनने के निर्देश दिए हैं।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन एके पासवान के अनुसार इस संबंध में आपत्तिकर्ताओं के साथ बैठक होगी, जिसमें आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। तदुपरांत, जिलाधिकारी की स्वीकृति से नये सर्किल रेट लागू किए जाएंगे।
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क्रेडाई ने प्रस्तावित सर्किल रेट पर दर्ज की आपत्ति
झांसी। रियल स्टेट कारोबारियों की संस्था क्रेडाई द्वारा जमीन की प्रस्तावित सर्किल दरों पर आपत्ति दर्ज की है। क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। उन्होंने सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न करने की मांग की है।
रविवार को क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से भेंट की। इस दौरान जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र के जरिये जमीन की मूल्यांकन सूची की कमियां बताकर दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही बिल्डर्स द्वारा कालोनी निर्माण के लिए प्राथमिक स्तर पर क्रय की जाने वाली जमीन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी में पैंतालीस प्रतिशत की छूट देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मूल्यांकन सूची में संलग्न गाटा नंबरों की लिस्ट पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सही लिस्ट जारी करने की भी मांग की। जिलाधिकारी ने मूल्यांकन सूची की कमियों को दूर करने तथा विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिए जाने का क्रेडाई को आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में सुधीर सिंह एडवोकेट, जेपी गुप्ता सीए, पवन साहू, मनोज अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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निबंधन विभाग द्वारा प्रति वर्ष जमीन के सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है। इसके माध्यम से जमीन की सरकारी दरों को बाजारू मूल्य के समतुल्य लाया जाता है। विभाग की अगस्त माह की शुरुआत में जमीन के नये सर्किल रेट लागू करने की योजना थी। इसके लिए पिछले माह विभाग द्वारा सब रजिस्ट्रारों के माध्यम से तहसीलवार सर्वे कराकर नई दरों का मसौदा तैयार कर लिया गया था। लेकिन, जिलाधिकारी ने पुन: सर्वे के निर्देश जारी किये थे। इसके बाद निबंधन विभाग द्वारा सर्किल रेट का नया मसौदा तैयार किया गया है, जिसके सापेक्ष आपत्तियां मांगी गईं थीं। जनपद में लगभग दो दर्जन आपत्तियां प्राप्त हुईं थीं। इनमें सर्वाधिक झांसी नगर क्षेत्र की जमीनों को लेकर थीं। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को आपत्तिकर्ताओं के साथ बैठक कर उनका पक्ष सुनने के निर्देश दिए हैं।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन एके पासवान के अनुसार इस संबंध में आपत्तिकर्ताओं के साथ बैठक होगी, जिसमें आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। तदुपरांत, जिलाधिकारी की स्वीकृति से नये सर्किल रेट लागू किए जाएंगे।
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क्रेडाई ने प्रस्तावित सर्किल रेट पर दर्ज की आपत्ति
झांसी। रियल स्टेट कारोबारियों की संस्था क्रेडाई द्वारा जमीन की प्रस्तावित सर्किल दरों पर आपत्ति दर्ज की है। क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। उन्होंने सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न करने की मांग की है।
रविवार को क्रेडाई के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से भेंट की। इस दौरान जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र के जरिये जमीन की मूल्यांकन सूची की कमियां बताकर दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही बिल्डर्स द्वारा कालोनी निर्माण के लिए प्राथमिक स्तर पर क्रय की जाने वाली जमीन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी में पैंतालीस प्रतिशत की छूट देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मूल्यांकन सूची में संलग्न गाटा नंबरों की लिस्ट पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सही लिस्ट जारी करने की भी मांग की। जिलाधिकारी ने मूल्यांकन सूची की कमियों को दूर करने तथा विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिए जाने का क्रेडाई को आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में सुधीर सिंह एडवोकेट, जेपी गुप्ता सीए, पवन साहू, मनोज अग्रवाल आदि शामिल रहे।