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सहकारी बैंक के अफसरों का वेतन रोका
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सहकारी बैंक के अफसरों का वेतन रोका
झांसी। बकाये की वसूली में लचर स्थिति सामने आने पर जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रबंधक और जिला सहकारी बैंक के सचिव /मुख्य कार्यपालक अधिकारी के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने ये निर्देश सोमवार को सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान दिए।
कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित बैठक में सामने आया कि उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के 538 बकायेदारों में से 214 की आरसी काटी जा चुकी है। इनसे पांच करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूली जानी है, जबकि वसूले गए हैं महज पांच लाख। बैंक की मोंठ शाखा से 160 बकायेदारों की आरसी जारी की जा चुकी है। इनसे दो करोड़ की वसूली के सापेक्ष सिर्फ नौ लाख रुपये ही वसूल किए गए। बंगरा, गरौठा, मऊरानीपुर, समथर व टहरौली शाखा की भी वसूली में लचर स्थिति सामने आईं।
इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि शाखा प्रबंधक बताएं कि अब तक उन्होंने वसूली के लिए क्या किया? आरसी जारी होने के बाद भी वसूली नहीं होना बेहद असंतोषजनक है। यदि अमीन काम नहीं कर रहे हैं तो इसकी जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें हटाया जा सके। साथ ही डीएम ने कहा कि पचास वर्ष से अधिक आयु के जो कर्मचारी कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी में रखा जाए। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त सहकारिता केपी शुक्ला, सचिव जिला सहकारी बैंक नंदकिशोर, भूमि विकास बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुरजीत सिंह, अपर जिला सहकारी अधिकारी सीएल प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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झांसी। बकाये की वसूली में लचर स्थिति सामने आने पर जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रबंधक और जिला सहकारी बैंक के सचिव /मुख्य कार्यपालक अधिकारी के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने ये निर्देश सोमवार को सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान दिए।
कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित बैठक में सामने आया कि उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के 538 बकायेदारों में से 214 की आरसी काटी जा चुकी है। इनसे पांच करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूली जानी है, जबकि वसूले गए हैं महज पांच लाख। बैंक की मोंठ शाखा से 160 बकायेदारों की आरसी जारी की जा चुकी है। इनसे दो करोड़ की वसूली के सापेक्ष सिर्फ नौ लाख रुपये ही वसूल किए गए। बंगरा, गरौठा, मऊरानीपुर, समथर व टहरौली शाखा की भी वसूली में लचर स्थिति सामने आईं।
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इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि शाखा प्रबंधक बताएं कि अब तक उन्होंने वसूली के लिए क्या किया? आरसी जारी होने के बाद भी वसूली नहीं होना बेहद असंतोषजनक है। यदि अमीन काम नहीं कर रहे हैं तो इसकी जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें हटाया जा सके। साथ ही डीएम ने कहा कि पचास वर्ष से अधिक आयु के जो कर्मचारी कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी में रखा जाए। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त सहकारिता केपी शुक्ला, सचिव जिला सहकारी बैंक नंदकिशोर, भूमि विकास बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुरजीत सिंह, अपर जिला सहकारी अधिकारी सीएल प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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