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कार्रवाई : संरक्षित स्मारक से कब्जा हटवाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गरौठा थाना क्षेत्र में पुरातत्व विभाग ने बुलडोजर चलाकर शिलालेख मुक्त कराए। यहां शिलालेखों पर ही लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिए थे। पुरातत्व विभाग तक इसकी भनक पहुंची तो इसका सर्वे कराया और मामला सही पाया गया। इस पर पुरातत्व विभाग ने पुलिस की मदद से कार्रवाई की गई।
गरौठा तहसील में नुनार गांव के पास भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक मंदिर के भग्नावशेष राय का ताल है। इसी ताल के ऊपरी किनारे के पर गोल प्रस्तर पर संवत 1604 और 1603 के दो शिलालेख मौजूद हैं। यह ऐतिहासिक शिलालेख पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अभिलेखों में भी दर्ज हैं लेकिन, बीते पांच दशक से यहां स्थानीय ग्रामीणों ने मकान बना रखे थे। ऐसे में ऐतिहासिक शिलालेख विलुप्त हो गए थे।पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम यहां पहुंची तो पाया कि शिलालेखों को अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। पहले लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया दस्तावेज मांगने पर कोई नहीं दिखा सका। पुलिस बल की मदद से बुलडोजर चलाकर 50 साल से संरक्षित स्मारक से कब्जा हटाया गया।सोमवार को अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. इज़हार अली ने निर्देशन में पुरातत्व अभियंता मनोज कुमार वर्मा टीम के साथ नुनार गांव पहुंचे थे। इसके साथ, तहसील, पुलिस और पुरातत्व सर्वेक्षण के अभिषेक सिंह, वरिष्ठ संरक्षण सहायक दीवान प्रसाद पराशर, लेखपाल हामिद, अजय राजौरिया, सागर रायकवार, नरबद पटेल, दीपक कुमार, सुकृति, ग्राम चौकीदार बलवीर व उदयराम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की गई।ग
झांसी। गरौठा थाना क्षेत्र में पुरातत्व विभाग ने बुलडोजर चलाकर शिलालेख मुक्त कराए। यहां शिलालेखों पर ही लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिए थे। पुरातत्व विभाग तक इसकी भनक पहुंची तो इसका सर्वे कराया और मामला सही पाया गया। इस पर पुरातत्व विभाग ने पुलिस की मदद से कार्रवाई की गई।
गरौठा तहसील में नुनार गांव के पास भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक मंदिर के भग्नावशेष राय का ताल है। इसी ताल के ऊपरी किनारे के पर गोल प्रस्तर पर संवत 1604 और 1603 के दो शिलालेख मौजूद हैं। यह ऐतिहासिक शिलालेख पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अभिलेखों में भी दर्ज हैं लेकिन, बीते पांच दशक से यहां स्थानीय ग्रामीणों ने मकान बना रखे थे। ऐसे में ऐतिहासिक शिलालेख विलुप्त हो गए थे।पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम यहां पहुंची तो पाया कि शिलालेखों को अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। पहले लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया दस्तावेज मांगने पर कोई नहीं दिखा सका। पुलिस बल की मदद से बुलडोजर चलाकर 50 साल से संरक्षित स्मारक से कब्जा हटाया गया।सोमवार को अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. इज़हार अली ने निर्देशन में पुरातत्व अभियंता मनोज कुमार वर्मा टीम के साथ नुनार गांव पहुंचे थे। इसके साथ, तहसील, पुलिस और पुरातत्व सर्वेक्षण के अभिषेक सिंह, वरिष्ठ संरक्षण सहायक दीवान प्रसाद पराशर, लेखपाल हामिद, अजय राजौरिया, सागर रायकवार, नरबद पटेल, दीपक कुमार, सुकृति, ग्राम चौकीदार बलवीर व उदयराम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की गई।ग
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