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ब्याज दर अधिक होने पर बढ़े डाकघरों के खातेदार
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झांसी। फिक्स डिपॉजिट और बचत खातों में बैंकों की अपेक्षा ब्याज दर अधिक होने के कारण डाकघरों में खातेदारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल खाता धारकों में बीस फीसदी का इजाफा हुआ है।
मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन में 75 उप डाकघर, 534 शाखा डाकघर व तीन प्रधान डाकघर सहित कुल 612 डाकघर संचालित किए जा रहे हैं। बैंकों के मुकाबले अधिक ब्याज दर होने के चलते डाकघरों में संचालित होने वाली तमाम बचत योजनाओं में लोग बड़े पैमाने पर रकम जमा कर रहे हैं। डाक विभाग द्वारा संचालित पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र, एक से पांच वर्षीय सावधि जमा योजना, 15 वर्षीय लोक भविष्य निधि खाता एवं सुकन्या समृद्धि के खातों में लगातार इजाफा हो रहा है। विभागीय रिकार्ड के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में खातों की संख्या एक लाख से अधिक थी जो अब बढ़कर एक लाख बीस हजार से अधिक हो गई है। इस तरह बीस फीसदी के खातों का इजाफा हुआ है। इसके अलावा डाक विभाग द्वारा फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान, बीमा खरीदना, आधार अपडेट, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, कैश निकालने की सुविधा को डाकिए के माध्यम से घर बैठे ही दिया जा रहा है।
प्रवर डाक अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि डाकघरों में बैंकों से अधिक ब्याज दर होने के कारण खाते धारकों के साथ ही डिपॉजिट करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल लगभग बीस हजार खाते धारक बढ़े हैं।
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मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन में 75 उप डाकघर, 534 शाखा डाकघर व तीन प्रधान डाकघर सहित कुल 612 डाकघर संचालित किए जा रहे हैं। बैंकों के मुकाबले अधिक ब्याज दर होने के चलते डाकघरों में संचालित होने वाली तमाम बचत योजनाओं में लोग बड़े पैमाने पर रकम जमा कर रहे हैं। डाक विभाग द्वारा संचालित पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र, एक से पांच वर्षीय सावधि जमा योजना, 15 वर्षीय लोक भविष्य निधि खाता एवं सुकन्या समृद्धि के खातों में लगातार इजाफा हो रहा है। विभागीय रिकार्ड के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में खातों की संख्या एक लाख से अधिक थी जो अब बढ़कर एक लाख बीस हजार से अधिक हो गई है। इस तरह बीस फीसदी के खातों का इजाफा हुआ है। इसके अलावा डाक विभाग द्वारा फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान, बीमा खरीदना, आधार अपडेट, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, कैश निकालने की सुविधा को डाकिए के माध्यम से घर बैठे ही दिया जा रहा है।
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प्रवर डाक अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि डाकघरों में बैंकों से अधिक ब्याज दर होने के कारण खाते धारकों के साथ ही डिपॉजिट करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल लगभग बीस हजार खाते धारक बढ़े हैं।
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