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आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसंधान में आएगी तेजी

Wed, 06 Jan 2021 12:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 12:12 AM IST
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Aayurvedic research center open
केंद्राय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान का नव निर्मित भवन जिसका लोकार्पण बृहस्पतिवार को होना है। अम?
झांसी। केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में आयुर्वेद फार्मेसी एवं औषधि परीक्षण लैब के नवनिर्मित भवन और राष्ट्रीय औषध मानक संग्रहालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण बृहस्पतिवार को आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक करेंगे। इसके बाद आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसंधान में तेजी आएगी।
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संस्थान के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. जी बाबू ने बताया कि आयुर्वेद फार्मेसी में विविध दवाओं के प्रकार जैसे चूर्ण, वटी-गुटी, टैबलेट, क्वाथ, तेल, घृत, अवलेह आदि बनाने की व्यवस्था है। साथ ही कच्ची औषधियां और उनसे बनने वाले प्रोडक्ट की गुणवत्ता की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला भी इसके साथ जुड़ी है। इस तरह से यह भारत का अद्वितीय विभाग है, जहां दोनों व्यवस्थाएं पूरी तरह से एक साथ जुड़ी हों। इस पहल से आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसंधान में तेजी आएगी और इसका फायदा भी जन-जन तक जल्द से पहुंचने की उम्मीद है। इससे आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार और भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में राष्ट्रीय औषध पादप बोर्ड द्वारा वित्तपोषित परियोजना चल रही है। इसके अंतर्गत भारत के विभिन्न एग्रो क्लाइमेटिक जोंस में स्थित सीसीआरएएस के संस्थानों द्वारा भेजी जाने वाली कच्ची औषधि द्रव्यों का संग्रहण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।
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इसको राष्ट्रीय मानक औषध संग्रहालय का नाम दिया गया है। साथ ही यह केंद्र दवाओं के वास्तविक कच्चा पदार्थ के बारे में प्रशिक्षण और उनकी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना से आमजन को आयुर्वेदिक कच्ची औषधियों के बारे में सटीक व विस्तृत जानकारी मिलेगी। जो शोधार्थी औषधीय पादपों पर शोधकार्य कर रहे हैं, उन्हें भी इससे लाभ होगा। इस संस्थान में माइक्रोबायोलॉजी लैब भी स्थापित की जा रही है। इसमें आयुर्वेदिक कच्ची औषधियों व फाइनल प्रोडक्ट्स की सुरक्षा व अन्य मापदंडों का आंकलन किया जाएगा। संस्थान में कच्ची द्रव्य संग्रहालय, औषधीय पादपों का गार्डन की सुविधा भी उपलब्ध है। जो आयुर्वेद पढ़ने वाले छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयुक्त होगी।
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क्षेत्रीय नहीं अब केंद्रीय संस्थान बना
क्षेत्रीय केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान अब केंद्रीय हो गया है। हाल ही में इसकी स्वीकृति मिल गई है। इससे संस्थान के अधिकारी से लेकर समस्त स्टाफ काफी उत्साहित है।
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