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किसानों से छल, 12 सौ रुपये में खरीदा गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:58 AM IST
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mandi jhansi
- फोटो : demo
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सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मऊरानीपुर में कम दाम पर गेहूं खरीदने के मामले के एक दिन बाद ही मंडी समिति झांसी में किसान से 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने केंद्र प्रभारी राहुल यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है। उधर, मऊरानीपुर में कम दाम पर गेहूं खरीदने के मामले में भारती ट्रेडर्स का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति शासन से कर दी गई है, जबकि मऊरानीपुर एसडीएम ने लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने मंडी समिति में बने गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां पर छपरा गांव के किसान सोबरन सिंह ने पीसीएफ खरीद केंद्र प्रभारी राहुल यादव की शिकायत करते हुए कहा कि उसने 32 क्विंटल गेहूं बेचा है। समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन उसे सिर्फ 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल गेहूं के दाम दिए गए हैं। इस पर उन्होंने मंडी पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार को बुलाकर शिकायत की जांच कराई तो मामला सही पाया गया। इस पर उन्होंने दोषी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने पीसीएफ के दूसरे खरीद केंद्रका निरीक्षण किया तो वह बंद मिला। जबकि, खरीद केंद्र पर सात किसान ट्रालियों में गेहूं रखकर केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे। इस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी आसिफ से मोबाइल फोन पर वार्ता की, उन्होंने जल्द आकर केंद्र खोलने का आश्वासन दिया, लेकिन एक घंटा इंतजार करने के बाद भी केंद्र प्रभारी नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को दोषी केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रबंधक द्वारा दोषी केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो जिला प्रबंधक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि डीसीडीएफ एवं केंद्रीय उपभोक्ता भंडार लिमिटेड द्वारा किसानों को अब तक गेहूं खरीद का भुगतान नहीं किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव अजय निरंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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कई तय खरीद केंद्र नहीं खुले
पीसीएफ ने झांसी में 97 केंद्र, ललितपुर में 67 केंद्र और जालौन में 66 केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन, अब तक झांसी में 18 केंद्र, ललितपुर में 20 केंद्र और जालौन में 35 केंद्र नहीं खुले हैं। खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि केंद्र खोलने में लापरवाही बरतने पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक को नोटिस दिया है। इसके बाद भी यदि केंद्र नहीं खुलते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अब तक छह हजार टन खरीद
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है। अब तक छह हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। यह खरीद 15 जून तक होनी है। माना जा रहा है कि अबकी बार गेहूं की रिकार्ड खरीद होगी।
पंजीकरण अनिवार्य
किसानों को गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र पर आनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए किसान को अपने साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता की पासबुक, खतौनी या किसान बही की मूल कॉपी और फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है।
किसी भी केंद्र पर बेचें गेहूं
किसानों को सुविधा दी गई है कि वह अपना गेहूं मंडल के किसी भी खरीद केंद्र पर बेच सकते हैं। किसान गेहूं की छनाई और उतराई के लिए दस रुपये देंगे। बाद में यह पैसा उनको आरटीजीएस के माध्यम से बैंक खाते में वापस कर दिया जाएगा।
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सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने मंडी समिति में बने गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां पर छपरा गांव के किसान सोबरन सिंह ने पीसीएफ खरीद केंद्र प्रभारी राहुल यादव की शिकायत करते हुए कहा कि उसने 32 क्विंटल गेहूं बेचा है। समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन उसे सिर्फ 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल गेहूं के दाम दिए गए हैं। इस पर उन्होंने मंडी पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार को बुलाकर शिकायत की जांच कराई तो मामला सही पाया गया। इस पर उन्होंने दोषी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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इसके बाद उन्होंने पीसीएफ के दूसरे खरीद केंद्रका निरीक्षण किया तो वह बंद मिला। जबकि, खरीद केंद्र पर सात किसान ट्रालियों में गेहूं रखकर केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे। इस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी आसिफ से मोबाइल फोन पर वार्ता की, उन्होंने जल्द आकर केंद्र खोलने का आश्वासन दिया, लेकिन एक घंटा इंतजार करने के बाद भी केंद्र प्रभारी नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को दोषी केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रबंधक द्वारा दोषी केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो जिला प्रबंधक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि डीसीडीएफ एवं केंद्रीय उपभोक्ता भंडार लिमिटेड द्वारा किसानों को अब तक गेहूं खरीद का भुगतान नहीं किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव अजय निरंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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कई तय खरीद केंद्र नहीं खुले
पीसीएफ ने झांसी में 97 केंद्र, ललितपुर में 67 केंद्र और जालौन में 66 केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन, अब तक झांसी में 18 केंद्र, ललितपुर में 20 केंद्र और जालौन में 35 केंद्र नहीं खुले हैं। खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि केंद्र खोलने में लापरवाही बरतने पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक को नोटिस दिया है। इसके बाद भी यदि केंद्र नहीं खुलते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अब तक छह हजार टन खरीद
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है। अब तक छह हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। यह खरीद 15 जून तक होनी है। माना जा रहा है कि अबकी बार गेहूं की रिकार्ड खरीद होगी।
पंजीकरण अनिवार्य
किसानों को गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र पर आनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए किसान को अपने साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता की पासबुक, खतौनी या किसान बही की मूल कॉपी और फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है।
किसी भी केंद्र पर बेचें गेहूं
किसानों को सुविधा दी गई है कि वह अपना गेहूं मंडल के किसी भी खरीद केंद्र पर बेच सकते हैं। किसान गेहूं की छनाई और उतराई के लिए दस रुपये देंगे। बाद में यह पैसा उनको आरटीजीएस के माध्यम से बैंक खाते में वापस कर दिया जाएगा।