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कंट्रोल रूम पर फोन करके मदद को खूब गिड़गिड़ाया पुजारी...नहीं पहुंची पुलिस, तड़प-तड़पकर तोड़ा दम

Sat, 18 Apr 2020 01:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2020 01:42 AM IST
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A priest dead in suspence
suspicius deth - फोटो : demo
झांसी। मऊरानीपुर में हंस गिरी पर्वत मंदिर के पुजारी का शव शुक्रवार की सुबह को जंगल में पड़ा मिला। शव काला पड़ गया है। कई जगह से शरीर इस तरह से उधड़ा है कि मानो जल गया हो। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने का कोई जिक्र नहीं है। पुलिस का कहना है कि पुजारी ने बृहस्पतिवार की दोपहर को करीब साढ़े ग्यारह बजे कंट्रोल रूम पर फोन करके सूचना दी थी कि उसे सांप ने डस लिया है और उसे बेहोशी छा रही है। उसकी मदद की जाए। पुलिस तो कह रही है कि सिपाही पहुंचे थे लेकिन उसे तलाश नहीं पाए लेकिन पुलिस के इस दावे पर कोई विश्वास नहीं कर रहा है। क्योंकि जहां उसका शव मिला है वह जगह मंदिर के पास ही है।
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शुक्रवार सुबह मऊरानीपुर थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम स्यावरी पृथ्वीपुर स्थित हंस गिरी पर्वत पर भगत गोरेलाल उर्फ पप्पू (48) पुजारी थे। मंदिर के पास ही उनका घर है। परिवार वालों का कहना है कि बृहस्पतिवार को वह मंदिर में पूजा अर्चना करने गए थे, लेकिन इसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटे। शुक्रवार सुबह मंदिर पहुंचे ग्रामीणों ने उनका शव मंदिर के पास पड़ा देखा। शव काला पड़ गया था। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि पुजारी ने बीते दिन पुलिस कंट्रोल रूम में 112 नंबर पर फोन किया था। मऊरानीपुर के प्रभारी निरीक्षक सत्यपाल पाल ने बताया कि उनके पास पुजारी द्वारा की गई कॉल की रिकार्डिंग भी है। उन्होंने फोन करके बताया था कि सांप की डस लिया है। काफी जहरीला सांप था। दो सिपाही भेजे भी गए लेकिन जिस मोबाइल से फोन किया था वह उठा ही नहीं। सिपाही बाद में लौट आए थे। इससे माना जा रहा है कि जब तक सिपाही पहुंचे होंगे जहर ने उनकी जान ले ली होगी। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर सिपाही गए थे तो पुजारी को तलाश क्यों नहीं पाए। पुजारी का शव तो मंदिर के पास ही मिला है। पुलिस की कहानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि अगर मदद समय से मिल गई होती तो भगत गोरेलाल को बचाया जा सकता था।
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काफी देर तक सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
झांसी। बताया जाता है कि पुलिस कंट्रोल रूम से इस सूचना को जब प्रसारित किया गया तो काफी देर तक थाना उल्दन और मऊरानीपुर में सीमा विवाद रहा। दोनों घटना क्षेत्र को एक दूसरे के क्षेत्र का बताते रहे। इससे ही पुलिस की खींचतान में काफी समय निकल गया।
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परिवार वाले बोले, हत्या करके शव को जलाया गया है
झांसी। भगत गोरेलाल उर्फ पप्पू की मौत को परिवार वाले हत्या बता रहे हैं। घर वालों का कहना है कि हत्या करके शव को जलाया गया है। शव जगह जगह से उधड़ा हुआ भी लग रहा है। पुलिस का कहना है कि सांप के जहर से ही मौत हुई है। थानाध्यक्ष का कहना है कि उनके पास कोई तहरीर नहीं आई है। जो भी तहरीर आएगी उसे दर्ज किया जाएगा।
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