{"_id":"682641e131084190d80d64e4","slug":"a-camp-of-misery-in-the-childrens-courtyard-jhansi-news-c-132-1-sjhs1002-106171-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: बच्चों के आंगन पर बदहाली का डेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: बच्चों के आंगन पर बदहाली का डेरा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंछ। मोंठ तहसील के अंतर्गत आने वाले पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत महाराजगंज ढेरी के मजरा ग्राम ढेरा में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल स्थिति में है। केंद्र का भवन जर्जर स्थिति में है और इसके मुख्य द्वार पर हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे बच्चों की शिक्षा और पोषण की योजना कागजों सिमट कर रह गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र कई महीनों से बंद पड़ा है। वहां कभी भी कक्षाओं का संचालन नहीं होता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भी नजर नहीं आती है। केंद्र का परिसर कचरा डालने और मवेशियों का गोबर रखने की जगह बन गया है। सफाईकर्मी अपनी कूड़ा गाड़ी भी वहीं खड़ी करते हैं, जिससे वहां और अधिक गंदगी फैलती जा रही है। लोगों ने परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली तक खड़े करना शुरू कर दिए हैं। यहां तक कि गोबर के उपले बनाकर वहां सुखाए जा रहे हैं।
कमरों के भीतर गंदगी की भरमार है, जिससे दुर्गंध आती है। फर्श पर धूल की मोटी परत जमा है। बच्चों के लिए कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस केंद्र की स्थिति में शीघ्र सुधार किया जाए। परिसर की साफ-सफाई कराई जाए और नियमित रूप से बच्चों की शिक्षा व पोषण संबंधी योजनाएं संचालित की जाएं। साथ ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
विज्ञापन
वहीं, इस संबंध में सीडीपीओ मोंठ दिनेश राजपूत से बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस केंद्र की स्थिति की कोई जानकारी ही नहीं है।
विज्ञापन
पूंछ। मोंठ तहसील के अंतर्गत आने वाले पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत महाराजगंज ढेरी के मजरा ग्राम ढेरा में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल स्थिति में है। केंद्र का भवन जर्जर स्थिति में है और इसके मुख्य द्वार पर हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे बच्चों की शिक्षा और पोषण की योजना कागजों सिमट कर रह गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र कई महीनों से बंद पड़ा है। वहां कभी भी कक्षाओं का संचालन नहीं होता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भी नजर नहीं आती है। केंद्र का परिसर कचरा डालने और मवेशियों का गोबर रखने की जगह बन गया है। सफाईकर्मी अपनी कूड़ा गाड़ी भी वहीं खड़ी करते हैं, जिससे वहां और अधिक गंदगी फैलती जा रही है। लोगों ने परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली तक खड़े करना शुरू कर दिए हैं। यहां तक कि गोबर के उपले बनाकर वहां सुखाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कमरों के भीतर गंदगी की भरमार है, जिससे दुर्गंध आती है। फर्श पर धूल की मोटी परत जमा है। बच्चों के लिए कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस केंद्र की स्थिति में शीघ्र सुधार किया जाए। परिसर की साफ-सफाई कराई जाए और नियमित रूप से बच्चों की शिक्षा व पोषण संबंधी योजनाएं संचालित की जाएं। साथ ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
विज्ञापन
वहीं, इस संबंध में सीडीपीओ मोंठ दिनेश राजपूत से बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस केंद्र की स्थिति की कोई जानकारी ही नहीं है।