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कैमरे में कै द होगी विद्युत मीटर की गड़बड़ी
Jhansi
Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
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झांसी। विद्युत परीक्षण शाला में जांच के दौरान मीटरों की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के आरोपों से बचने और पारदर्शिता के लिए अपनाई गई है। वहीं, विभाग अब तक मीटर में छेड़छाड़ करने वाले उपभोक्ताओं से दो करोड़ से अधिक का राजस्व वसूल चुका है।
विद्युत विभाग द्वारा एक जुलाई से चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान जिन उपभोक्ताओं के मीटर बदले गए उनके पुराने मीटरों की जांच की जा रही है। बीस नवंबर तकनगर के अलग- अलग क्षेत्रों में करीब 11000 मीटरों की जांच की गई। इनमें 6400 उपभोक्ताओं के मीटर बदलकर घर के बाहर लगाए गए। इनमें 4900 मीटर सेमी इलेक्ट्रानिक व मेकेनिकल मीटर (पुराने काले मीटर) है, जिनकी अब तक जांच की गई। इनमें नब्बे फीसदी मीटरों में कारस्तानी मिली है। ऐसे सभी मीटरों में इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट लगे पाए जा रहे हैं, जो रीडिंग में बाधा (मीटर का स्लो चलना) उत्पन्न कर देते हैं। विद्युत मीटर परीक्षण शाला में प्रत्येक दिन पच्चीस से तीस उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। विद्युत परीक्षण शाला में उतारे गए मीटरों की जांच उपभोक्ता के सामने की जा रही है। उपभोक्ता बाद में आरोप न लगाए, इसके लिए विभाग मीटर खोलते समय मीटर की वीडियोग्राफी करा रहा है, ताकि पारदर्शिता बनी रही। कारस्तानी मिलने पर मौके पर मौजूद सहायक अभियंता व अवर अभियंता उपभोक्ता को स्थिति से अवगत कराते हैं। छेड़छाड़ स्वीकारने पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर ले लिए जाते है। इसके बाद उपभोक्ता को शमन शुल्क के साथ कर निर्धारण जमा करना पड़ता है।
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विद्युत विभाग द्वारा एक जुलाई से चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान जिन उपभोक्ताओं के मीटर बदले गए उनके पुराने मीटरों की जांच की जा रही है। बीस नवंबर तकनगर के अलग- अलग क्षेत्रों में करीब 11000 मीटरों की जांच की गई। इनमें 6400 उपभोक्ताओं के मीटर बदलकर घर के बाहर लगाए गए। इनमें 4900 मीटर सेमी इलेक्ट्रानिक व मेकेनिकल मीटर (पुराने काले मीटर) है, जिनकी अब तक जांच की गई। इनमें नब्बे फीसदी मीटरों में कारस्तानी मिली है। ऐसे सभी मीटरों में इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट लगे पाए जा रहे हैं, जो रीडिंग में बाधा (मीटर का स्लो चलना) उत्पन्न कर देते हैं। विद्युत मीटर परीक्षण शाला में प्रत्येक दिन पच्चीस से तीस उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। विद्युत परीक्षण शाला में उतारे गए मीटरों की जांच उपभोक्ता के सामने की जा रही है। उपभोक्ता बाद में आरोप न लगाए, इसके लिए विभाग मीटर खोलते समय मीटर की वीडियोग्राफी करा रहा है, ताकि पारदर्शिता बनी रही। कारस्तानी मिलने पर मौके पर मौजूद सहायक अभियंता व अवर अभियंता उपभोक्ता को स्थिति से अवगत कराते हैं। छेड़छाड़ स्वीकारने पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर ले लिए जाते है। इसके बाद उपभोक्ता को शमन शुल्क के साथ कर निर्धारण जमा करना पड़ता है।
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