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गीता में समाहित ज्ञान का भंडार
Jhansi
Updated Thu, 10 Oct 2013 05:41 AM IST
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झांसी। नित्यानंद बापू ने कहा कि गीता में ज्ञान का भंडार समाहित है। गीता से हमें अच्छे कर्म करने की प्रेरणा मिलती है। बिना अच्छे कर्म किए मोक्ष प्राप्ति की कल्पना करना व्यर्थ है। वह बुधवार को श्री सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का बखान कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपा अच्छा आचरण, माता- पिता, गुरु एवं दीनों की सेवा करने से ही प्राप्त होती है। ईश्वर भक्ति से ही जीवन में सब कुछ संभव हो सकता है। अगाध भक्ति ही ईश्वर के समीप ले जाती है। प्रभु भक्ति के लिए सदैव उठते बैठते चिंतन करते रहना चाहिए।
इस मौके पर यजमान राजकुमार गोस्वामी, महेंद्र यादव, बृजेंद्र सिंह यादव, रवींद्र, राम मिलन यादव, उदय शुक्ला, पुष्पेंद्र यादव, श्याम सुंदर साहू, राघवेंद्र पटैरिया, रमाकांत गोस्वामी, संजय सविता, विवेक, नीलम, धीरज आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपा अच्छा आचरण, माता- पिता, गुरु एवं दीनों की सेवा करने से ही प्राप्त होती है। ईश्वर भक्ति से ही जीवन में सब कुछ संभव हो सकता है। अगाध भक्ति ही ईश्वर के समीप ले जाती है। प्रभु भक्ति के लिए सदैव उठते बैठते चिंतन करते रहना चाहिए।
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इस मौके पर यजमान राजकुमार गोस्वामी, महेंद्र यादव, बृजेंद्र सिंह यादव, रवींद्र, राम मिलन यादव, उदय शुक्ला, पुष्पेंद्र यादव, श्याम सुंदर साहू, राघवेंद्र पटैरिया, रमाकांत गोस्वामी, संजय सविता, विवेक, नीलम, धीरज आदि मौजूद रहे।
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