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बिजली: टैरिफ ने बढ़ाईं किसानों की मुश्किलें
Jhansi
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। किसानों को सिंचाई के लिए अस्थायी संयोजन (फसली संयोजन) लेना भी अब महंगा सौदा साबित हो रहा है। नए टैरिफ में अस्थायी संयोजन लेने का शुल्क ढाई हजार रुपये से अधिक बढ़ा दिया गया है। यही कारण है कि अब तक मात्र दो सौ किसानों ने ही अस्थायी संयोजन लिए हैं।
विद्युत विभाग फसली सिंचाई के लिए किसानों को सिंगल फेस पर दो किलोवाट व तीन किलोवाट का अस्थायी विद्युत संयोजन (तीन माह के लिए) प्रदान करता है। विभाग ने इस साल से अस्थायी संयोजन शुल्क बढ़ा दिया है। दो किलोवाट के संयोजन का शुल्क 5208 रुपये से बढ़ाकर 7701 रुपये व तीन किलोवाट पर 7700 रुपये से बढ़ाकर 10,396 रुपये कर दिया गया है। इस कारण गरीब व मध्यम वर्गीय किसान संयोजन लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पिछले साल इस समय तक पांच सौ से अधिक किसान संयोजन ले चुके थे, जबकि इस साल अब तक दो सौ ही लोगों ने संयोजन लिया है। किसान पंद्रह दिसंबर तक ही संयोजन लेते हैं, ऐसे में विभाग को पिछले साल के एक हजार संयोजन तक के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल लग रहा है।
दलालों के चक्कर में न पड़ें किसान
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि संयोजन लेने के लिए किसान दलालों के चक्कर में न पड़ें। किसान संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता या उपखंड अधिकारी से संपर्क कर तुरंत संयोजन ले सकते हैं। अगर कोई दिक्कत आती है तो उनसे संपर्क किया जा सकता है। किसी भी हाल में मुफ्त में सिंचाई की मोटर चलाने को बिजली नहीं दी जाएगी। चेकिंग शुरू कर दी गई है, पकड़े जाने पर 40 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। नहीं तो मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
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सात किसानों को दिए अस्थायी संयोजन
झांसी। विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी ग्रामीण मुकेश कुमार ने शुक्रवार को बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मणपुरा में चोरी से विद्युत मोटर चलाते हुए सात किसानों को पकड़ा। हालांकि, किसानों के आग्रह पर बिना कार्रवाई उन्हें शुल्क जमा करने पर अस्थायी संयोजन दे दिए गए।
ट्रांसफार्मरों की कमी से किसान परेशान
पैंतीस स्थानों के फुंके पड़े हैं परिवर्तक
झांसी। विद्युत स्टोर में ट्रांसफार्मरों की कमी किसानों को भारी पड़ रही है। जनपद के अलग- अलग ग्रामीण क्षेत्रों में पैंतीस ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, जिससे किसानों को पलेवा में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में पलेवा का समय चल रहा है। किसान रात और दिन खेतों में पानी देने में जुटा हुआ है, ताकि समय पर खेतों को सिंचित करने का काम पूरा कर सके। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के केशवपुर, पच्चरगढ़, लकारा, मुस्तरा, बरहल, बिठरी समेत पैंतीस अलग- अलग गांवों में लगे ट्रांसफार्मर फुंके चल रहे हैं। इनमें अधिकांश 25 व 63 केवीए क्षमता के हैं। इन ट्रांसफार्मरों की स्टोर में कमी है। इस कारण इन क्षेत्रों के किसान पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। संबंधित अफसरों के पास किसान ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर मंगाने के लिए दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है। चार पांच दिन में ट्रांसफार्मर आने पर स्थिति को सामान्य बना लिया जाएगा।
विद्युत विभाग फसली सिंचाई के लिए किसानों को सिंगल फेस पर दो किलोवाट व तीन किलोवाट का अस्थायी विद्युत संयोजन (तीन माह के लिए) प्रदान करता है। विभाग ने इस साल से अस्थायी संयोजन शुल्क बढ़ा दिया है। दो किलोवाट के संयोजन का शुल्क 5208 रुपये से बढ़ाकर 7701 रुपये व तीन किलोवाट पर 7700 रुपये से बढ़ाकर 10,396 रुपये कर दिया गया है। इस कारण गरीब व मध्यम वर्गीय किसान संयोजन लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पिछले साल इस समय तक पांच सौ से अधिक किसान संयोजन ले चुके थे, जबकि इस साल अब तक दो सौ ही लोगों ने संयोजन लिया है। किसान पंद्रह दिसंबर तक ही संयोजन लेते हैं, ऐसे में विभाग को पिछले साल के एक हजार संयोजन तक के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल लग रहा है।
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दलालों के चक्कर में न पड़ें किसान
अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि संयोजन लेने के लिए किसान दलालों के चक्कर में न पड़ें। किसान संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता या उपखंड अधिकारी से संपर्क कर तुरंत संयोजन ले सकते हैं। अगर कोई दिक्कत आती है तो उनसे संपर्क किया जा सकता है। किसी भी हाल में मुफ्त में सिंचाई की मोटर चलाने को बिजली नहीं दी जाएगी। चेकिंग शुरू कर दी गई है, पकड़े जाने पर 40 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। नहीं तो मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
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सात किसानों को दिए अस्थायी संयोजन
झांसी। विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी ग्रामीण मुकेश कुमार ने शुक्रवार को बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मणपुरा में चोरी से विद्युत मोटर चलाते हुए सात किसानों को पकड़ा। हालांकि, किसानों के आग्रह पर बिना कार्रवाई उन्हें शुल्क जमा करने पर अस्थायी संयोजन दे दिए गए।
ट्रांसफार्मरों की कमी से किसान परेशान
पैंतीस स्थानों के फुंके पड़े हैं परिवर्तक
झांसी। विद्युत स्टोर में ट्रांसफार्मरों की कमी किसानों को भारी पड़ रही है। जनपद के अलग- अलग ग्रामीण क्षेत्रों में पैंतीस ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, जिससे किसानों को पलेवा में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में पलेवा का समय चल रहा है। किसान रात और दिन खेतों में पानी देने में जुटा हुआ है, ताकि समय पर खेतों को सिंचित करने का काम पूरा कर सके। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के केशवपुर, पच्चरगढ़, लकारा, मुस्तरा, बरहल, बिठरी समेत पैंतीस अलग- अलग गांवों में लगे ट्रांसफार्मर फुंके चल रहे हैं। इनमें अधिकांश 25 व 63 केवीए क्षमता के हैं। इन ट्रांसफार्मरों की स्टोर में कमी है। इस कारण इन क्षेत्रों के किसान पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। संबंधित अफसरों के पास किसान ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर मंगाने के लिए दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है। चार पांच दिन में ट्रांसफार्मर आने पर स्थिति को सामान्य बना लिया जाएगा।