{"_id":"5aea1d234f1c1b3a0b8b7c21","slug":"91525292323-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग बच्चों का सर्वे होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांग बच्चों का सर्वे होगा
Updated Thu, 03 May 2018 03:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रेणी - सिविकएमीनिटीज
----------------------
मानसिक दिव्यांग बच्चों का 10 से होगा सर्वे
झांसी। मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों का 10 मई से सर्वे शुरू होगा। ऐसे बच्चों का बचपन डे केयर सेंटर में दाखिला कराया जाएगा, ताकि उनमें अकेलेपन के माहौल को बदला जा सके।
इंद्रपुरी कालोनी के एक मकान में बचपन डे केयर सेंटर संचालित हो रहा है। विद्यालय की क्षमता 30 बच्चों की है, लेकिन यहां पर सिर्फ 19 बच्चे हैं। केयर सेंटर में रहने वाले यह बच्चे अकेलेपन से दूर रहते हैं, इनके खेलने की भी सुविधाएं हैं। दोपहर में बच्चों को भोजन दिया जाता है। स्कूली वाहन से बच्चे आते - जाते हैं। समाज कल्याण आयुक्त चंद्रप्रकाश पिछले दिनों विद्यालय की समीक्षा की तो पाया कि स्कूल में जगह बहुत कम है। बच्चों के लिए खेलने की पर्याप्त और खुली जगह नहीं है। इसलिए उन्होंने निर्देश दिए कि दूसरी जगह तलाशी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की संख्या बहुत कम है। शहर में ऐसे कई बच्चे होंगे, जो मानसिक रूप से दिव्यांग होंगे। ऐसे सभी बच्चों का सर्वे कर उनका एडमीशन विद्यालय में कराया जाए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 10 मई से सर्वे शुरू होगा। विद्यालय की जगह भी बदली जाएगी। विद्यालय में चार कमरे और खेलने के लिए जगह होनी चाहिए, विद्यालय परिसर खुला होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
----------------------
मानसिक दिव्यांग बच्चों का 10 से होगा सर्वे
झांसी। मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों का 10 मई से सर्वे शुरू होगा। ऐसे बच्चों का बचपन डे केयर सेंटर में दाखिला कराया जाएगा, ताकि उनमें अकेलेपन के माहौल को बदला जा सके।
इंद्रपुरी कालोनी के एक मकान में बचपन डे केयर सेंटर संचालित हो रहा है। विद्यालय की क्षमता 30 बच्चों की है, लेकिन यहां पर सिर्फ 19 बच्चे हैं। केयर सेंटर में रहने वाले यह बच्चे अकेलेपन से दूर रहते हैं, इनके खेलने की भी सुविधाएं हैं। दोपहर में बच्चों को भोजन दिया जाता है। स्कूली वाहन से बच्चे आते - जाते हैं। समाज कल्याण आयुक्त चंद्रप्रकाश पिछले दिनों विद्यालय की समीक्षा की तो पाया कि स्कूल में जगह बहुत कम है। बच्चों के लिए खेलने की पर्याप्त और खुली जगह नहीं है। इसलिए उन्होंने निर्देश दिए कि दूसरी जगह तलाशी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की संख्या बहुत कम है। शहर में ऐसे कई बच्चे होंगे, जो मानसिक रूप से दिव्यांग होंगे। ऐसे सभी बच्चों का सर्वे कर उनका एडमीशन विद्यालय में कराया जाए।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 10 मई से सर्वे शुरू होगा। विद्यालय की जगह भी बदली जाएगी। विद्यालय में चार कमरे और खेलने के लिए जगह होनी चाहिए, विद्यालय परिसर खुला होना चाहिए।
विज्ञापन