फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   बढ़ रही पर्यावरणविद् की मांग, करें पर्यावरण विज्ञान -City

बढ़ रही पर्यावरणविद् की मांग, करें पर्यावरण विज्ञान -City

Thu, 03 May 2018 05:44 AM IST
Updated Thu, 03 May 2018 05:44 AM IST
विज्ञापन
बढ़ रही पर्यावरणविद् की मांग, करें पर्यावरण विज्ञान -City
बीयू का लोगो लगाएं
विज्ञापन

.............................
बढ़ रही पर्यावरणविद् की मांग, सीखें इसका विज्ञान
टैग: मिशन एडमिशन
- वैज्ञानिक, इंजीनियर, कंप्यूटर एनालिस्ट भी बन सकते
- कई संस्थान करा रहे हैं इस पर शोध
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
देश ही नहीं समूचे विश्व में पर्यावरण का स्तर लगातार बदतर होता जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, वायु, जल और भूमि प्रदूषण, मिट्टी का क्षरण, पेड़ों की कटाई आदि पर्यावरण के सामने मुख्य समस्याएं हैं। ऐसे में पर्यावरणविद् की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के इच्छुक छात्र-छात्राएं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहा पर्यावरण विज्ञान कोर्स कर सकते हैं।
तकनीकी मानव के आर्थिक उद्देश्य और जीवन में विलासिता के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रकृति के साथ किए गए व्यापक छेड़छाड़ की वजह से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण करने की बेहद जरूरत है। अगर आप प्रकृति से जुड़ाव महसूस करते हैं, तो आज के दौर में पर्यावरण विज्ञान कोर्स करना बेहतर विकल्पों में से एक होगा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि इस कोर्स में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से होने वाले असर का अध्ययन कराया जाता है। जिन छात्र-छात्राओं की पर्यावरण विज्ञान में रुचि है, उन्हें कॅरियर में ऊपर तक पहुंचने के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल होनी चाहिए। तकनीकी का अच्छा ज्ञान भी जरूरी है। साथ ही समस्या को समझकर उसे परिभाषित करने की क्षमता, डेटा जमा करने और उसका विश्लेषण करने की क्षमता जैसे गुण होने भी जरूरी हैं।
विज्ञापन

ये कोर्स करने के बाद विद्यार्थी वैज्ञानिक, शोधकर्ता, इंजीनियर, कंप्यूटर एनालिस्ट, लैब असिस्टेंट, जियो साइंटिस्ट, प्रोटेक्शन एजेंट के तौर पर काम कर सकता है। इसके अलावा कोर्स करने के बाद एनजीओ में पंजीकरण भी कराया जा सकता है, जिससे छात्र रोजगार के साथ-साथ समाज का भी विकास कर सकते हैं। कोर्स की महत्ता के मद्देनजर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश के सभी महाविद्यालयों में पर्यावरण अध्ययन कोर्स को अनिवार्य कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्नातक पास के लिए कोर्स
.....................................
कोर्स का नाम: एमएससी पर्यावरण विज्ञान
योग्यता: बीएससी बायोलॉजी, एग्रीकल्चर व एलाइड साइंस में 45 प्रतिशत से स्नातक
चयन प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
अवधि: दो साल
सीट: 30
फीस: 27,200

ऑनलाइन आवेदन शुरू
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे कैंपस कोर्सों के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालय में कुछ कोर्सों में सीधे, जबकि कुछ में परीक्षा के जरिए प्रवेश मिलता है। प्रवेश परीक्षा वाले कोर्सों के ऑनलाइन फॉर्म बिना विलंब के साथ 25 मई और 600 रुपये विलंब शुल्क के साथ 30 मई तक भरे जा सकते हैं। बीएलएड की प्रवेश परीक्षा 11 जून को, जबकि अन्य सभी कोर्सों की 12 जून को होगी। प्रवेश परीक्षा के लिए झांसी के अलावा लखनऊ, गोरखपुर, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, सीधे प्रवेश वाले कोर्सों के ऑनलाइन फॉर्म बिना विलंब के साथ पांच जून और 300 रुपये विलंब शुल्क के साथ 10 जून तक भरे जा सकते हैं। 18 जून को मेरिट जारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed