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लेखपाल रहे कलम बंद हड़ताल पर
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:30 AM IST
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लेखपाल रहे कलम बंद हड़ताल पर
तालबेहट।
मंगलवार को तहसील में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खतौनी देने के आरोपी लेखपाल पर दर्ज मुकदमे के विरोध में तहसील लेखपाल संघ ने कलमबंद हड़ताल की। इसके कारण बुधवार को नकल खिड़की पर ताला लटका रहा। किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, पुलिस ने लेखपाल को मुचलके पर छोड़ दिया।
मंगलवार को सचिव पंकज यादव के सामने लेखपाल संदीप कुमार पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर नकल खतौनी देने का कई किसानों ने आरोप लगाया था। इसके बाद आरोपी लेखपाल पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले को लेकर तहसील के लेखपालों में काफी असंतोष था। लेखपाल संघ ने बुधवार को कलम बंद हड़ताल रखी। इसके कारण नकल खिड़की पर ताला लटका रहा। नकल खतौनी लेने आए किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बाद में लेखपालों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद लेखपाल को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
पांच में जेल, लाखों में खेल
तालबेहट। लेखपाल पर की गई इस कार्रवाई को पूराकलां क्षेत्र के अधिकांश किसान चमत्कार मानते है। उनका कहना है कि पांच रुपये में एक लेखपाल को इतनी सजा मिल सकती है, इसका उन्हें अनुमान नहीं है। उनके अनुसार उनके गांव में पट्टों के नाम पर किसानों से लाखों रुपये हड़पने वाले एक पूर्व लेखपाल के खिलाफ डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देश के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय कार्रवाई भी एक एसडीएम ने जिलाधिकारी के आदेश को नजरअंदाज कर समाप्त कर दी ।
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तालबेहट।
मंगलवार को तहसील में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खतौनी देने के आरोपी लेखपाल पर दर्ज मुकदमे के विरोध में तहसील लेखपाल संघ ने कलमबंद हड़ताल की। इसके कारण बुधवार को नकल खिड़की पर ताला लटका रहा। किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, पुलिस ने लेखपाल को मुचलके पर छोड़ दिया।
मंगलवार को सचिव पंकज यादव के सामने लेखपाल संदीप कुमार पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर नकल खतौनी देने का कई किसानों ने आरोप लगाया था। इसके बाद आरोपी लेखपाल पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले को लेकर तहसील के लेखपालों में काफी असंतोष था। लेखपाल संघ ने बुधवार को कलम बंद हड़ताल रखी। इसके कारण नकल खिड़की पर ताला लटका रहा। नकल खतौनी लेने आए किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बाद में लेखपालों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद लेखपाल को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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पांच में जेल, लाखों में खेल
तालबेहट। लेखपाल पर की गई इस कार्रवाई को पूराकलां क्षेत्र के अधिकांश किसान चमत्कार मानते है। उनका कहना है कि पांच रुपये में एक लेखपाल को इतनी सजा मिल सकती है, इसका उन्हें अनुमान नहीं है। उनके अनुसार उनके गांव में पट्टों के नाम पर किसानों से लाखों रुपये हड़पने वाले एक पूर्व लेखपाल के खिलाफ डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देश के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय कार्रवाई भी एक एसडीएम ने जिलाधिकारी के आदेश को नजरअंदाज कर समाप्त कर दी ।
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