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डाक्युमेंट्री फिल्म में दिखेगा बुंदेलखंड -CTY
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डॉक्युमेंट्री फिल्म में दिखेगा बुंदेलखंड
झांसी। बुंदेलखंड के पर्यटन व पुरातत्व स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए पर्यटन विभाग एक घंटे की डॉक्युमेंट्री फिल्म बनवा रहा है, जो देश-विदेश में होने वाले कार्यक्रमों में प्रदर्शित की जाएगी। इसमें बुंदेलखंड के लोक चित्र, खानपान और सांस्कृतिक विविधता के दर्शन होंगे।
एतिहासिक और धार्मिक मान्यता है कि बुंदेलखंड का अस्तित्व वैदिक कालीन है। मौर्य, शुंग, हूण, गुप्त सहित कई राजवंशों का यहां शासन रहा है। यही कारण है कि बुंदेलखंड के ललितपुर, कालिंजर, महोबा, बांदा के अलावा झांसी के आसपास कई एतिहासिक विरासतें पाई जाती हैं, जिन्हें देखने के लिए देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से सैलानी आते हैं। इन पुरातत्व स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता से भरे बुंदेलखंड का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन 20 लाख रुपये की लागत में यह फिल्म बनवा रहा है। पर्यटन उप निदेशक आरके रावत के मुताबिक डॉक्युमेंट्री फिल्म मेसर्स शिमारू इंटरटेंनमेंट लिमिटेड मुंबई के माध्यम से बनाई जा रही है। इसमें बुंदेलखंड की लोक चित्र कला चितेरी, विवाह कार्यक्रम में होने वाले बुंदेली खानपान, बुंदेली परिवेश और लोक कला संस्कृति को दिखाया जाएगा। इसके अलावा झांसी का रानी महल, किला, बरुआसागर का किला, बड़ा बाजार, मानिक चौक, सदर बाजार, सीपरी बाजार, सेंट ज्यूड श्राइन चर्च, गंगाधर राव की छतरी, रघुनाथ महल, गणेश मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, तालबेहट का किला, देवगढ़ के जैन मंदिर, वाराह अवतार मंदिर आदि भी शामिल होगा।
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झांसी। बुंदेलखंड के पर्यटन व पुरातत्व स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए पर्यटन विभाग एक घंटे की डॉक्युमेंट्री फिल्म बनवा रहा है, जो देश-विदेश में होने वाले कार्यक्रमों में प्रदर्शित की जाएगी। इसमें बुंदेलखंड के लोक चित्र, खानपान और सांस्कृतिक विविधता के दर्शन होंगे।
एतिहासिक और धार्मिक मान्यता है कि बुंदेलखंड का अस्तित्व वैदिक कालीन है। मौर्य, शुंग, हूण, गुप्त सहित कई राजवंशों का यहां शासन रहा है। यही कारण है कि बुंदेलखंड के ललितपुर, कालिंजर, महोबा, बांदा के अलावा झांसी के आसपास कई एतिहासिक विरासतें पाई जाती हैं, जिन्हें देखने के लिए देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से सैलानी आते हैं। इन पुरातत्व स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता से भरे बुंदेलखंड का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन 20 लाख रुपये की लागत में यह फिल्म बनवा रहा है। पर्यटन उप निदेशक आरके रावत के मुताबिक डॉक्युमेंट्री फिल्म मेसर्स शिमारू इंटरटेंनमेंट लिमिटेड मुंबई के माध्यम से बनाई जा रही है। इसमें बुंदेलखंड की लोक चित्र कला चितेरी, विवाह कार्यक्रम में होने वाले बुंदेली खानपान, बुंदेली परिवेश और लोक कला संस्कृति को दिखाया जाएगा। इसके अलावा झांसी का रानी महल, किला, बरुआसागर का किला, बड़ा बाजार, मानिक चौक, सदर बाजार, सीपरी बाजार, सेंट ज्यूड श्राइन चर्च, गंगाधर राव की छतरी, रघुनाथ महल, गणेश मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, तालबेहट का किला, देवगढ़ के जैन मंदिर, वाराह अवतार मंदिर आदि भी शामिल होगा।
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