फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   800 gopis sending love's rakhi to Kanha from Rani's city

रानी की नगरी से कान्हा को प्रीत की राखी भेज रहीं 800 गोपियां

Tue, 09 Aug 2022 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 01:33 AM IST
विज्ञापन
800 gopis sending love's rakhi to Kanha from Rani's city
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई की नगरी झांसी की बहनें जितना प्रेम अपने भाइयों से करती हैं उतना ही प्रेम वह मथुरा-वृंदावन में बैठे कान्हा से करती हैं। बहनों ने जहां अपने भाइयों के लिए सुंदर सजीली राखी खरीदी हैं। वहीं कान्हा को भी मोतियों और गोटा-पत्ती से सजी खूबसूरत राखी डाक के जरिए भेजी हैं। महिलाएं बताती हैं कि झांसी में कान्हा से प्रीत रखने वाली हजारों गोपियां हैं, जो कान्हा को भाई मानकर उन्हें हर साल राखी भेजती आ रही हैं। बहनों का कहना है कि उनकी रानी लक्ष्मीबाई ने बानपुर मौजूदा समय में तालबेहट राजा मर्दन सिंह को राखी भेजी थी और उन्हें अपना भाई बनाया था। उसी तरह वह भी कान्हा को अपना भाई मान चुकी हैं।
विज्ञापन

राखी के दिन बहन अपने भाई के उज्ज्वल भविष्य के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तो भाई भी बहन की रक्षा की शपथ लेता है। झांसी में ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई ने भी बानपुर के राजा मर्दन सिंह को राखी भेजी थी। राजा मर्दन ने भी राखी का फर्ज निभाया और अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में महारानी का बखूबी साथ दिया।
विज्ञापन

साहित्यकार हरगोविंद कुशवाहा ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने दामोदार राव को गोद लेने के दौरान 1853-54 में राजा मर्दन सिंह को निमंत्रण भेजा था। वह बच्चे के कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद वह हर रक्षाबंधन पर राजा मर्दन सिंह को राखी भेजने लगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये समय ऐसा था, जब देश में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह की आग फैल चुकी थी। मर्दन सिंह और रानी का उद्देश्य एक था। दोनों ब्रिटिश हुकूमत का सफाया चाहते थे। राखी का फर्ज निभाते हुए मर्दन सिंह ने रानी का तब तक साथ दिया जब तक वे जेल के सींकचों के बाहर रहे। झांसी में मुंहबोले भाइयों को राखी बांधने की परंपरा तभी से चल रही है। सिविल लाइन निवासी त्रिलोचन बताती हैं कि झांसी की कई बहनें अपने भाइयों के अलावा कई मुस्लिम, सिख और दूसरे धर्म व समुदाय के भाइयों के राखी बांधती आ रही हैं। खातीबाबा की सुनैना और खिरक पट्टी निवासी मीना का कहना है कि मथुरा-वृंदावन में कान्हा जी को राखी भेजने का काफी चलन है। बहनें राखी के साथ टीका भी भेजती हैं। डाक विभाग के प्रवर डाक अधीक्षक वीके पांडेय ने बताया कि इस बार 800 राखियां मथुरा-वृंदावन भेजी जा रही हैं। यहां की बहनें हर साल इसी तरह खूब राखियां भेजती हैं।

झांसी से 3000 राखी भेजी
झांसी। इस बार डाक विभाग के जरिए बहनों ने तीन हजार राखियां दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, भोपाल, इंदौर, पुणे, चंडीगढ़ समेत विभिन्न शहरों को भेजी हैं। इसमें 800 राखी तो कान्हा की नगरी गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed