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क्राइम: अग्निशमन-City

Sun, 16 Jul 2017 09:02 PM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 09:02 PM IST
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क्राइम: अग्निशमन-City
अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के उपायों का अभाव
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सब हेड... आग लगने पर खतरे में पड़ सकती है मरीजों की जान
क्रासर
- लखनऊ की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अग्नि सुरक्षा उपायों के मामले में शहर के निजी अस्पतालों की स्थिति भयावह है। लखनऊ के केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में बीते रोज लगी भीषण आग की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने यह खुलासा किया है। ज्यादातर अस्पताल अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं कर रहे हैं, जिससे इनमें भर्ती मरीजों की जान पर कभी भी गंभीर खतरा खड़ा हो सकता है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान हो या अस्पताल, सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के उपाय किए जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए अग्निशमन विभाग की गाइड लाइन है, जिसे सभी को पूरा करना होता है। लेकिन, अग्निशमन विभाग के अनुसार यहां ज्यादातर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के उपाय नहीं हैं। यहां तक कि उन्होंने अस्पताल के लिए अग्निशमन विभाग की अनापत्ति लेना भी जरूरी नहीं समझा है, जो विभाग द्वारा भवन का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा के मानकों को परखने के बाद दी जाती है। अस्पताल संचालकों की यह लापरवाही आग लगने की स्थिति में मरीजों पर भारी पड़ सकती है।
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अग्नि सुरक्षा के ये उपाय हैं जरूरी
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- अस्पताल में न्यूनतम डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े दो दरवाजे होना जरूरी हैं।
- अस्पताल के ऊपरी माले पर ओवर हैड टैंक होना चाहिए, जिसमें हमेशा पानी भरा रहे।
- प्रत्येक मंजिल पर होज रील की व्यवस्था होनी चाहिए।
- भवन में जगह-जगह फायर एक्सरिग्यूसर (लाल सिलेंडर) लगे होना चाहिए।
- आपातकालीन संकेत चिह्न होना चाहिए।
- फायर एलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए।

तलघर में नहीं चल सकता अस्पताल
अग्निशमन विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी भवन के तलघर में अस्पताल का संचालन नहीं किया जा सकता, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल से बाहर निकालने में असुविधा न हो।
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ये हैं निजी अस्पतालों का खेल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि नियमानुसार किसी भी व्यावसायिक भवन का मानचित्र विभाग की अनापत्ति के बगैर स्वीकृत नहीं किया जा सकता। लेकिन, ज्यादातर निजी अस्पतालों के मानचित्र आवासीय भवन के रूप में स्वीकृत कराए गए हैं, जिससे उनमें अग्निशमन सुरक्षा उपायों की जांच नहीं हो पाती है।

अब होगी सघन जांच
जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों की जांच की जाएगी। उनमें अग्नि सुरक्षा के उपायों को जांचा जाएगा। कमी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। मरीजों को किसी भी दशा में खतरनाक स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके लिए इसी सप्ताह अभियान छेड़ा जाएगा।

- महावीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

हम जांच को तैयार
ज्यादातर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के उपाय अग्निशमन विभाग की गाइड लाइन के अनुसार किए गए हैं। विभाग जांच करे, हम इसके लिए तैयार हैं। अस्पतालों में जो कमी निकलकर सामने आएगी, उसे पूरा किया जाएगा। इसके अलावा किसी भी भवन के बेसमेंट में अस्पताल संचालित नहीं किया जा रहा है।
- निलय जैन, सचिव - प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन।
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