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7.88 लाख बच्चे खाएंगे पेट में कीड़े मारने की दवा
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झांसी। 21 फरवरी से शुरू होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को वेबिनार हुई। इसमें नोडल अधिकारी डॉ. राजकिशोर ने बताया कि दो मार्च तक चलने वाले अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा के जरिए घर-घर भ्रमण करके पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाएंगी है। एक साल से लेकर 19 साल तक के 7.88 लाख बालक-बालिकाओं को कृमि से मुक्ति के लिए एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कृषि का असर सीधा सेहत पर पड़ता है और बच्चे एनीमिया का शिकार हो जाते हैं। किसी उम्र में यह बीमारी बालक-बालिकाओं को घेर ले, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। पेट में कीड़े होने की दशा में बालक-बालिकाओं का विकास बुरी तरह प्रभावित होता है। कई प्रकार के पेट के रोग भी हो जाते हैं। एल्बेंडाजॉल दवा खाने से पेट के कीड़ों से मुक्ति मिल जाती है। डीईआईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू ने बताया कि 1 से 2 साल तक के बालक-बालिकाओं को एल्बेंडाजॉल की आधी गोली चूरा बनाकर दी जाएगी। दो से तीन साल तक के बच्चों को एक गोली का चूरा दिया जाएगा। जबकि, इसके ऊपर के सभी बच्चों को एक गोली दी जाएगी, जो उन्हें चबाकर खानी होगी। संचालन जिला कार्यक्रम प्रक्रिया प्रबंधक प्रशांत वर्मा ने किया।
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उन्होंने बताया कि कृषि का असर सीधा सेहत पर पड़ता है और बच्चे एनीमिया का शिकार हो जाते हैं। किसी उम्र में यह बीमारी बालक-बालिकाओं को घेर ले, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। पेट में कीड़े होने की दशा में बालक-बालिकाओं का विकास बुरी तरह प्रभावित होता है। कई प्रकार के पेट के रोग भी हो जाते हैं। एल्बेंडाजॉल दवा खाने से पेट के कीड़ों से मुक्ति मिल जाती है। डीईआईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू ने बताया कि 1 से 2 साल तक के बालक-बालिकाओं को एल्बेंडाजॉल की आधी गोली चूरा बनाकर दी जाएगी। दो से तीन साल तक के बच्चों को एक गोली का चूरा दिया जाएगा। जबकि, इसके ऊपर के सभी बच्चों को एक गोली दी जाएगी, जो उन्हें चबाकर खानी होगी। संचालन जिला कार्यक्रम प्रक्रिया प्रबंधक प्रशांत वर्मा ने किया।
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