फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   65 years open despencery now made hospital

ईएसआईसी: 65 साल से खुली डिस्पेंसिरी, अब हॉस्पिटल बने

Fri, 09 Jul 2021 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 12:42 AM IST
विज्ञापन
65 years open despencery now made hospital
झांसी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की डिस्पेंसिरी रेफर सेंटर बनकर रह गई है। इससे जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में अस्पताल खुलना बेहद जरूरी हो गया है। पिछले 20 सालों से कर्मचारी यूनियन की तरफ से भी अस्पताल खोलने की मांग की जा रही है। छह साल पहले झांसी आए एक अफसर तो इसकी मंजूरी तक की बात कह गए थे। मगर कुछ नहीं हुआ है।
विज्ञापन

झांसी में ईएसआईसी डिस्पेसिरी खुले हुए 65 साल बीत चुके हैं। लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद न तो डिस्पेंसिरी की संख्या बढ़ाई गई और न ही इसे अस्पताल में तब्दील किया गया। जबकि, इस डिस्पेंसिरी से यूपी, एमपी के 11 से ज्यादा जिले जुड़े हैं। भेल वर्कर्स यूनियन की तरफ से भी ईएसआईसी अस्पताल खोलने की मांग 20 सालों से की जा रही है। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक, ईएसआईसी के झांसी आने पर यूनियन ने ज्ञापन दिया था। निदेशक ने भी बताया था कि शासन ने 50 बेड का खुद का अस्पताल झांसी के लिए मंजूर कर दिया है। डीएम को जगह उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 2017 तक अस्पताल बन जाएगा मगर अब तक कुछ भी नहीं हुआ है। इसके अलावा निदेशक ने निजी अस्पतालों को कैशलेस पर इलाज करने के लिए सहमति पत्र भिजवाने को कहा था, इस पर यूनियन ने कई अस्पतालों का मंजूरी पत्र भी भेजा था। वर्ष 2006-07 में एक डायग्नोस्टिक सेंटर ने भी इस पर सहमति जताई थी मगर उनका भुगतान न होने पर यह सुविधा देनी बंद कर दी।
विज्ञापन

ये है कर्मचारियों की मांग
- ईएसआईसी का अपना कम से कम 50 बेड का अस्पताल होना चाहिए। केंद्र सरकार संचालित करे।
- ईएसआईसी के पैनल में झांसी के अच्छे निजी अस्पतालों को लिया जाए, अन्य शहरों की तरह।
- बीएचईएल में एक अलग से डिस्पेंसिरी कम ऑफिस खोला जाए।
- गंभीर बीमारी में लाभार्थी को तत्काल अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए।
- रिम्बर्समेंट कई सालों में हो पाता है, जिसे एक तय समयसीमा में हो।
- अन्य प्रदेशों के अच्छे अस्पताल जो ईएसआईसी के पैनल पर हैं, वहां रेफर की अथॉरिटी झांसी आईएमओ को दी जाए।
- डायग्नोस सेंटर को भी पैनल पर लिया जाए।
ये बोले पदाधिकारी
बीएचईएल के ही दो हजार कर्मचारी ईएसआईसी से जुड़े हैं। डिस्पेंसिरी की जगह अस्पताल खोलने की मांग हम लंबे समय से कर रहे हैं। - मनोज चौरसिया, अध्यक्ष, भेल यूनियन।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले 20 सालों से ईएसआईसी अस्पताल खोलने की मांग यूनियन कर रही है। मौजूदा समय में ईएसआईसी अस्पताल खुलना बेहद जरूरी है। - महेंद्र सिंह, महामंत्री, भेल यूनियन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed