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एफसीआई की लापरवाही से किसानों का अटका 65.83 करोड़ का भुगतान

Thu, 10 Jun 2021 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 12:42 AM IST
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65.83 carore rupees bhugtan hang to farmer
झांसी। भारतीय खाद्य निगम की लापरवाही से मंडल के सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों का 65.83 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि अटकी पड़ी है। जबकि मुख्यमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक ने खरीद पूरी होने के बाद किसानों को जल्द भुगतान को भरोसा दिलाया था। एफसीआई की क्रेडिट लिमिट कम होने की वजह से भी भुगतान होने में देरी हो रही है।
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सरकारी खरीद में समय पर भुगतान न होने से बड़ी संख्या में किसान सरकारी क्रय केंद्रों में उपज बेचने से कतराते हैं। सरकार हर बार तीन दिन के भीतर भुगतान कराने का वायदा करती है लेकिन यह सिर्फ कागजी वायदा साबित हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष के गेहूं खरीद में भी किसानों को समय से उपज का दाम नहीं मिल रहा। सबसे बड़ी समस्या एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) की ओर से आ रही है। अमूमन गोदाम में अनाज पहुंचने के साथ ही भुगतान प्रक्रिया आरंभ कर दी जानी चाहिए लेकिन एफसीआई की लापरवाही एवं लेटलतीफी से यह प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं हो पाती। इस वजह से भुगतान में अधिकांशता देरी होती है। एफसीआई की क्रेडिट लिमिट भी काफी कम है। इस वजह से भी किसानों को समय पर पैसा नहीं मिलता। जबकि कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भोजला मंडी में किसान से खुद सीधी बात की। उससे भुगतान के बारे में पूछा। दो दिन पहले आए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी एफसीआई की भूमिका पर नाराजगी जताते हुए भुगतान तेजी से कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भुगतान प्रणाली में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक झांसी मंडल में कुल 207 केंद्रों के जरिए खरीद की जा रही है। अभी तक 218885.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। इसमें 198241.58 एमटी गेहूं एफसीआई गोदामों तक भेजा जा चुका। अभी 20643.67 एमटी गेहूं केंद्रों पर पड़ा हुआ है। लेकिन इसके बावजूद किसानों का कुल 65.83 करोड़ का भुगतान किया जाना शेष है। इनमें कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने आठ दिन पहले गेहूं बेचा लेकिन उनके खाते में अभी तक पैसा नहीं आया। एफसीआई के भुगतान करने में लेटलतीफी से तमाम किसान सरकारी केंद्रों में गेहूं बेचने में दिलचस्पी भी नहीं दिखा रहे हैं। इस संबंध में आरएफसी नरेंद्र कुमार का कहना है एफसीआई से समन्वय बनाकर जल्द ही किसानों को उनका भुगतान दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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