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योगी जी, ऐसे कैसे समय पर पहुंचेगा 648 गांवों के हर घर में जल
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झांसी। बुंदेलखंड के 4513 राजस्व गांवों के लिए शुरू की गई हर घर जल योजना का काम बेहद धीमे गति से चल रहा है। आलम यह है कि नौ माह में केवल दो गांवों में ही काम शुरू हो सका है। ऐसे में तय समय तक काम पूरा होने की गुंजाइश बेहद कम लग रही है। कई चेतावनी के बावजूद काम की गति रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। अब मुख्यमंत्री खुद इसकी समीक्षा करने यहां आने वाले हैं।
1600 करोड़ रुपये की लागत से हर घर जल परियोजना की शुरूआत जून माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। शुरूआत में इसकी जिम्मेदारी जल निगम को दी गई लेकिन, डीपीआर तैयार होने के बाद अचानक पूरा काम लघु सिंचाई विभाग को सौंप दिया गया। दो महकमों के बीच मामला उलझ जाने से काम काफी देर से आरंभ हुआ। इसके बाद सिंचाई विभाग की एनओसी न मिलने की वजह से महीने तक मामला फंसा रहा। आला अफसरों के दखल के बाद पिछले माह किसी तरह धमना, तिलैथा, गुलारा में यह काम शुरू हो सका। अभी तक मौके पर सिर्फ बाउंड्रीवाल ही बन सकी है।
बता दें, परियोजना की शुरूआत फरवरी, 2019 में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके। सरफेस वॉटर पर आधारित इस परियोजना के जरिए पूरे बुंदेलखंड के 4513 राजस्व गांव के हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना है। उम्मीद की जा रही इससे भूजल पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनावोें तक सरकार इस परियोजना को पूरी कर लेना चाहती है, जिससे इसके वोटों की फसल काटी जा सके लेकिन, जिस धीमी रफ्तार से परियोजना का काम आगे बढ़ रहा, उसे देखते हुए इसके तय समय तक पूरा हो पाना संभव नहीं दिखता।
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पाइपलाइन के जरिये पहुंचाया जाएगा पानी
इस परियोजना के जरिए घरों तक सीधे नल से पानी पहुंचेगा। इसके लिए तिलैथा, गुड़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, भरथरी, बड़वार, पूर्वा, टहरका, गुलारा एवं बचावली में जल परियोजनाएं स्थापित होंगी। माताटीला बांध से इंटेक वेल के जरिए लिफ्ट कराकर यहां तक पानी पहुंचेगा। पानी साफ करने के बाद इसे बड़े ओवरहेड टैंक अथवा रिर्जव वाटर टैंक में भेजा जाएगा। जहां से पाइपलाइन तक घरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके जरिये प्रति व्यक्ति को 55 लीटर के लिहाज से जलापूर्ति होगी।
209637 घरों तक सीधे पहुंचेगा पानी
परियोजना के जरिए झांसी जनपद के 648 गांवों के कुल 209637 घरों के 1142249 लोगों तक पीने का पानी सीधे पहुंचेगा। यह परियोजना इस मायने में भी अहम है कि इसके जरिए झांसी जनपद के करीब 90 फीसद गांव तक पानी पहुंच जाएगा। इनमें कई सूखाग्रस्त इलाके भी शामिल हैं। इसी तरह ललितपुर के 559 राजस्व गांव के 997689 लोगों तक एवं महोबा के 364 गांव की 668660 लोगों तक पेयजल पहुंचेगा।
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1600 करोड़ रुपये की लागत से हर घर जल परियोजना की शुरूआत जून माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। शुरूआत में इसकी जिम्मेदारी जल निगम को दी गई लेकिन, डीपीआर तैयार होने के बाद अचानक पूरा काम लघु सिंचाई विभाग को सौंप दिया गया। दो महकमों के बीच मामला उलझ जाने से काम काफी देर से आरंभ हुआ। इसके बाद सिंचाई विभाग की एनओसी न मिलने की वजह से महीने तक मामला फंसा रहा। आला अफसरों के दखल के बाद पिछले माह किसी तरह धमना, तिलैथा, गुलारा में यह काम शुरू हो सका। अभी तक मौके पर सिर्फ बाउंड्रीवाल ही बन सकी है।
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बता दें, परियोजना की शुरूआत फरवरी, 2019 में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके। सरफेस वॉटर पर आधारित इस परियोजना के जरिए पूरे बुंदेलखंड के 4513 राजस्व गांव के हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना है। उम्मीद की जा रही इससे भूजल पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनावोें तक सरकार इस परियोजना को पूरी कर लेना चाहती है, जिससे इसके वोटों की फसल काटी जा सके लेकिन, जिस धीमी रफ्तार से परियोजना का काम आगे बढ़ रहा, उसे देखते हुए इसके तय समय तक पूरा हो पाना संभव नहीं दिखता।
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पाइपलाइन के जरिये पहुंचाया जाएगा पानी
इस परियोजना के जरिए घरों तक सीधे नल से पानी पहुंचेगा। इसके लिए तिलैथा, गुड़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, भरथरी, बड़वार, पूर्वा, टहरका, गुलारा एवं बचावली में जल परियोजनाएं स्थापित होंगी। माताटीला बांध से इंटेक वेल के जरिए लिफ्ट कराकर यहां तक पानी पहुंचेगा। पानी साफ करने के बाद इसे बड़े ओवरहेड टैंक अथवा रिर्जव वाटर टैंक में भेजा जाएगा। जहां से पाइपलाइन तक घरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके जरिये प्रति व्यक्ति को 55 लीटर के लिहाज से जलापूर्ति होगी।
209637 घरों तक सीधे पहुंचेगा पानी
परियोजना के जरिए झांसी जनपद के 648 गांवों के कुल 209637 घरों के 1142249 लोगों तक पीने का पानी सीधे पहुंचेगा। यह परियोजना इस मायने में भी अहम है कि इसके जरिए झांसी जनपद के करीब 90 फीसद गांव तक पानी पहुंच जाएगा। इनमें कई सूखाग्रस्त इलाके भी शामिल हैं। इसी तरह ललितपुर के 559 राजस्व गांव के 997689 लोगों तक एवं महोबा के 364 गांव की 668660 लोगों तक पेयजल पहुंचेगा।