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नलकूप चलाने का विकल्प बनेगा सोलर प्लांट, बिजली की भी होगी बचत
Mon, 21 Jan 2019 12:38 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:38 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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जलसंस्थान नलकूप संचालन के लिए सोलर प्लांट को विकल्प बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे गर्मियों में बिजली जाने पर पानी की किल्लत से महानगर वासियों को बचाया जा सकेगा। अभी बिजली जाने पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। सोलर एनर्जी प्लांट में बनी बिजली से नलकूप चलाए जाएंगे।
झांसी नगर को माताटीला बांध से मिलने वाले पानी को बबीना में शोधित करने के बाद 75.45 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। पुराने शहर के कुछ क्षेत्रों में पहूंज बांध से प्राप्त पानी दतिया गेट फिल्टर पर शोधन के उपरांत लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है। इस बांध से प्रतिदिन लगभग पांच एमएलडी पानी मिलता है। इसके अलावा नगर में स्थापित 29 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति होती है।
अधिकांश नलकूप शहर की घनी आबादी में लगे हैं। इनकी मदद से करीब पचास हजार की आबादी को जलापूर्ति की जाती है। गर्मियों के दिनों में होने वाली बिजली की कटौती व वोल्टेज की समस्या के कारण ट्यूबवेलों को चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में संबंधित आबादी को जल संकट का सामना करना पड़ता है। इन ट्यूबवेलों पर गर्मियों में बिजली की समस्या न रहे। इसके लिए जल संस्थान नलकूपों पर सोलर प्लांट लगाने जा रहा है। योजना का स्टीमेट तैयार हो रहा है।
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झांसी के अलावा जालौन और ललितपुर के नगरीय क्षेत्र के ट्यूबवेलों पर भी सोलर प्लांट लगाने की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इस योजना को जिला प्रशासन के पास भेजा जाएगा। - राजेश कुमार, महाप्रबंधक जल संस्थान।
यह होते है नलकूप
सरकारी कुओं पर पंप लगाकर या बोर करके दी जाने वाली पानी की सप्लाई को नलकूप को कहा जाता है। जिन क्षेत्रों में टंकियों से पानी की सप्लाई नहीं पहुंच पाती है, उन क्षेत्रों में नलकूप लगाकर की पानी की व्यवस्था की जाती है।
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झांसी नगर को माताटीला बांध से मिलने वाले पानी को बबीना में शोधित करने के बाद 75.45 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। पुराने शहर के कुछ क्षेत्रों में पहूंज बांध से प्राप्त पानी दतिया गेट फिल्टर पर शोधन के उपरांत लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है। इस बांध से प्रतिदिन लगभग पांच एमएलडी पानी मिलता है। इसके अलावा नगर में स्थापित 29 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति होती है।
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अधिकांश नलकूप शहर की घनी आबादी में लगे हैं। इनकी मदद से करीब पचास हजार की आबादी को जलापूर्ति की जाती है। गर्मियों के दिनों में होने वाली बिजली की कटौती व वोल्टेज की समस्या के कारण ट्यूबवेलों को चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में संबंधित आबादी को जल संकट का सामना करना पड़ता है। इन ट्यूबवेलों पर गर्मियों में बिजली की समस्या न रहे। इसके लिए जल संस्थान नलकूपों पर सोलर प्लांट लगाने जा रहा है। योजना का स्टीमेट तैयार हो रहा है।
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झांसी के अलावा जालौन और ललितपुर के नगरीय क्षेत्र के ट्यूबवेलों पर भी सोलर प्लांट लगाने की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इस योजना को जिला प्रशासन के पास भेजा जाएगा। - राजेश कुमार, महाप्रबंधक जल संस्थान।
यह होते है नलकूप
सरकारी कुओं पर पंप लगाकर या बोर करके दी जाने वाली पानी की सप्लाई को नलकूप को कहा जाता है। जिन क्षेत्रों में टंकियों से पानी की सप्लाई नहीं पहुंच पाती है, उन क्षेत्रों में नलकूप लगाकर की पानी की व्यवस्था की जाती है।