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मानकों की धज्जियां उड़ा प्रदूषण फैला रहे हैं क्रशर-City
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:54 AM IST
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मानकों की धज्जियां उड़ा प्रदूषण फैला रहे हैं क्रशर
- न चारदीवारी बनाई न स्प्रिंकलर की व्यवस्था कराई
- धूल के गुब्बार से उपजाऊ जमीनें हो रही हैं पथरीली
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
स्टोन क्रशर मानकों को दरकिनार कर जिले में प्रदूषण फैला रहे हैं। कई क्रशर मालिकों ने न तो चारदीवारी बनाई है न ही स्प्रिंकलर की व्यवस्था की है। ऐसे में क्रशर के आसपास के क्षेत्र में चारों तरफ धूल का गुबार उड़ता रहता है। इससे उपजाऊ जमीनें पथरीली हो रही हैं। जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जिले में लगभग सवा सौ स्टोन क्रशर हैं। सभी क्रशर शहर की सीमा से बाहर तो हैं मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों को ताक पर रखकर क्रशर प्लांट का संचालन हो रहा है। बोर्ड से एनओसी लेने के बाद भी अधिकतर प्लांट संचालक क्रशर जनित डस्ट रोकने के लिए प्लांट में फव्वारा नहीं लगाए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में बस्ती से लेकर पेड़ पौधे, खेत खलियान में डस्ट की चादर बिछी हैं। गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर धूल बुरा प्रभाव डाल रही है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार क्रशर प्लांट संचालक को उत्खनन के दौरान विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। वातावरण प्रदूषित न हो, इसके लिए प्लांट के पास वृक्ष, पेड़-पौधे लगाने चाहिए। धूल से बचाव के लिए पानी की लगातार छिड़काव करने की व्यवस्था होनी चाहिए। मजदूरों के स्वास्थ्य की लगातार जांच करानी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर उनका इलाज कराना चाहिए। प्लांट में सुरक्षा व सुविधा के साधन होना अनिवार्य है, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी तरह दुर्घटना में मदद मिल सके। मजदूर के घायल होने पर मेडिकल किट में उनका उपचार किया जा सके। झांसी में अधिकांश क्रशर प्लांट में स्प्रिंकलर, कन्वेयर कवर्ड बेल्ट, 15 फीट की चारदीवारी, पेड़-पौधे की व्यवस्था नहीं है। प्लांट मालिक मनमानी कर जिले को प्रदूषित कर रहे हैं।
बॉक्स..
ये हैं मानक
- क्रशर प्लांट के चारों तरफ 15 फीट की चारदीवारी हो
- कन्वेयर बेल्ट कवर्ड होनी चाहिए
- स्प्रिंकलर सेट लगाना अनिवार्य
- डस्ट भंडारण कक्ष होना जरूरी
- तारकोल की रोड बनी हो
- टेलीस्कोपिक स्युट भी आवश्यक
- स्कूल, आबादी से एक व हाईवे से किलोमीटर दूर हों
वर्जन..
कार्रवाई की जाएगी
क्रशर संचालकों को हर हाल में सभी मानक पूर्ण करने होंगे। अभी लक्ष्मणपुरा क्षेत्र की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही अन्य क्षेत्रों का भी टीम निरीक्षण करेगी। जहां कमियां मिलेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विजय कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी।
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मानकों की धज्जियां उड़ा प्रदूषण फैला रहे हैं क्रशर
- न चारदीवारी बनाई न स्प्रिंकलर की व्यवस्था कराई
- धूल के गुब्बार से उपजाऊ जमीनें हो रही हैं पथरीली
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
स्टोन क्रशर मानकों को दरकिनार कर जिले में प्रदूषण फैला रहे हैं। कई क्रशर मालिकों ने न तो चारदीवारी बनाई है न ही स्प्रिंकलर की व्यवस्था की है। ऐसे में क्रशर के आसपास के क्षेत्र में चारों तरफ धूल का गुबार उड़ता रहता है। इससे उपजाऊ जमीनें पथरीली हो रही हैं। जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जिले में लगभग सवा सौ स्टोन क्रशर हैं। सभी क्रशर शहर की सीमा से बाहर तो हैं मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों को ताक पर रखकर क्रशर प्लांट का संचालन हो रहा है। बोर्ड से एनओसी लेने के बाद भी अधिकतर प्लांट संचालक क्रशर जनित डस्ट रोकने के लिए प्लांट में फव्वारा नहीं लगाए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में बस्ती से लेकर पेड़ पौधे, खेत खलियान में डस्ट की चादर बिछी हैं। गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर धूल बुरा प्रभाव डाल रही है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार क्रशर प्लांट संचालक को उत्खनन के दौरान विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। वातावरण प्रदूषित न हो, इसके लिए प्लांट के पास वृक्ष, पेड़-पौधे लगाने चाहिए। धूल से बचाव के लिए पानी की लगातार छिड़काव करने की व्यवस्था होनी चाहिए। मजदूरों के स्वास्थ्य की लगातार जांच करानी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर उनका इलाज कराना चाहिए। प्लांट में सुरक्षा व सुविधा के साधन होना अनिवार्य है, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी तरह दुर्घटना में मदद मिल सके। मजदूर के घायल होने पर मेडिकल किट में उनका उपचार किया जा सके। झांसी में अधिकांश क्रशर प्लांट में स्प्रिंकलर, कन्वेयर कवर्ड बेल्ट, 15 फीट की चारदीवारी, पेड़-पौधे की व्यवस्था नहीं है। प्लांट मालिक मनमानी कर जिले को प्रदूषित कर रहे हैं।
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बॉक्स..
ये हैं मानक
- क्रशर प्लांट के चारों तरफ 15 फीट की चारदीवारी हो
- कन्वेयर बेल्ट कवर्ड होनी चाहिए
- स्प्रिंकलर सेट लगाना अनिवार्य
- डस्ट भंडारण कक्ष होना जरूरी
- तारकोल की रोड बनी हो
- टेलीस्कोपिक स्युट भी आवश्यक
- स्कूल, आबादी से एक व हाईवे से किलोमीटर दूर हों
वर्जन..
कार्रवाई की जाएगी
क्रशर संचालकों को हर हाल में सभी मानक पूर्ण करने होंगे। अभी लक्ष्मणपुरा क्षेत्र की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही अन्य क्षेत्रों का भी टीम निरीक्षण करेगी। जहां कमियां मिलेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विजय कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी।
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