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रेलवे के 711 कर्मचारियों ने वक्त से पहले छोड़ी नौकरी-Lalitpur
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तीन साल में 711 ने छोड़ी नौकरी
झांसी। रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत 711 कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। इसमें कोई बीमारी तो कोई काम के दबाव से परेशान था। दंड के चलते भी 50 कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त दी गई। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान रहे। नौकरी छोड़ने वाले इन सभी कर्मचारियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है।
रेलवे के अंतर्गत वाणिज्य, परिचालन, इंजीनियरिंग, कैरिज एंड वैगन, लेखा, इलेक्ट्रिक, संरक्षा, दूरसंचार, कार्मिक, मेडिकल समेत तेरह विभाग आते हैं। रेल मंडल के उक्त सभी विभागों में दो हजार से अधिक कर्मचारियों की कमी चल रही है। वर्तमान में रेल मंडल में सत्रह हजार व वर्कशाप में 4700 कर्मचारी कार्यरत हैं।
रेलवे के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की लगातार हो रही कमी के कारण अन्य कर्मियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान हैं। कोई बीमारी से पीड़ित है तो कोई दंड प्रक्रिया में भी फंसा है। इन्हीं सब समस्याओं से निजात पाने के लिए मंडल में पिछले तीन साल में 711 कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। अभी 100 से अधिक कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन दे रखा है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन कर्मचारियों के मांगने पर ही वीआरएस दिया गया है। यह उनका हक है।
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झांसी। रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत 711 कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। इसमें कोई बीमारी तो कोई काम के दबाव से परेशान था। दंड के चलते भी 50 कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त दी गई। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान रहे। नौकरी छोड़ने वाले इन सभी कर्मचारियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है।
रेलवे के अंतर्गत वाणिज्य, परिचालन, इंजीनियरिंग, कैरिज एंड वैगन, लेखा, इलेक्ट्रिक, संरक्षा, दूरसंचार, कार्मिक, मेडिकल समेत तेरह विभाग आते हैं। रेल मंडल के उक्त सभी विभागों में दो हजार से अधिक कर्मचारियों की कमी चल रही है। वर्तमान में रेल मंडल में सत्रह हजार व वर्कशाप में 4700 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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रेलवे के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की लगातार हो रही कमी के कारण अन्य कर्मियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान हैं। कोई बीमारी से पीड़ित है तो कोई दंड प्रक्रिया में भी फंसा है। इन्हीं सब समस्याओं से निजात पाने के लिए मंडल में पिछले तीन साल में 711 कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। अभी 100 से अधिक कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन दे रखा है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन कर्मचारियों के मांगने पर ही वीआरएस दिया गया है। यह उनका हक है।
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