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कई बांधों में नहीं सिंचाई के लिए पानी,,,,-City
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:24 AM IST
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बांधों में अभी भी नहीं सिंचाई के लिए पानी
झांसी। जनपद में औसत से आधी बरसात होने के बाद भी जनपद के कई बांधों में अभी सिंचाई के लिए पानी नहीं आया है। इसका खामियाजा कई गांवों के लोगों को भुगतना पड़ेगा। दरअसल, माताटीला बांध को छोड़ कर जनपद के अन्य सभी बांधों में अभी तक सिंचाई के लिए पानी नहीं भरा है।
माताटीला बांध में इस समय पूर्ण क्षमता के सापेक्ष 90.32 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। यह बांध तो मध्य प्रदेश से आए पानी से भर गया है, मगर जनपद के दूसरे बांधों की स्थिति बारिश होने के बाद भी दयनीय बनी हुई है। इनमें खपरार बांध में पूर्ण क्षमता के सापेक्ष 65.50 प्रतिशत पानी है और इस बांध से चार किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी हुई हैं। इसी तरह, पहूज बांध में 64.45 प्रतिशत पानी है और इस बांध से बीस किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी र्हुइं हैं। सिजार बांध में 48.36 प्रतिशत पानी है, इससे 6.9 किलोमीटर की नहरें जुड़ी हुई हैं। कुरार बांध में 36.57 प्रतिशत पानी है, इस बांध से 11 किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी हुई हैं। इसी तरह, बरुआसागर तालाब में 59.67 प्रतिशत पानी है, इस बांध से आसपास की छोटी- छोटी नहरें जुड़ी हुई हैं।
राजघाट और माताटीला बांध के गेट बंद
भोपाल, विदिशा और ललितपुर क्षेत्र में बारिश थमने से बेतवा नदी शांत पड़ गई है। इससे राजघाट और माताटीला बांध का पानी स्थिर हो गया। सोमवार को माताटीला बांध के खुले गेट बंद कर दिए गए।
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पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और ललितपुर के आसपास क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश से बेतवा नदी में पानी तेजी से दौड़ रहा था। नतीजतन राजघाट और माताटीला बांध लबालब भर गए। मगर, बारिश बंद होने के बाद राजघाट बांध के बाद सोमवार को माताटीला बांध के भी गेट बंद कर दिए गए। इससे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
बारिश में बांदा सबसे आगे
बुंदेलखंड में अभी बारिश के मामले में बांदा सबसे आगे चल रहा है। बांदा में अभी तक 758 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है। साथ ही झांसी में 429 मिलीमीटर, जालौन में 386 मिलीमीटर, हमीरपुर में 638 मिलीमीटर, ललितपुर में 365 मिलीमीटर, महोबा में 366 मिलीमीटर और चित्रकूटधाम कर्वी में 565 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है।
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झांसी। जनपद में औसत से आधी बरसात होने के बाद भी जनपद के कई बांधों में अभी सिंचाई के लिए पानी नहीं आया है। इसका खामियाजा कई गांवों के लोगों को भुगतना पड़ेगा। दरअसल, माताटीला बांध को छोड़ कर जनपद के अन्य सभी बांधों में अभी तक सिंचाई के लिए पानी नहीं भरा है।
माताटीला बांध में इस समय पूर्ण क्षमता के सापेक्ष 90.32 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। यह बांध तो मध्य प्रदेश से आए पानी से भर गया है, मगर जनपद के दूसरे बांधों की स्थिति बारिश होने के बाद भी दयनीय बनी हुई है। इनमें खपरार बांध में पूर्ण क्षमता के सापेक्ष 65.50 प्रतिशत पानी है और इस बांध से चार किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी हुई हैं। इसी तरह, पहूज बांध में 64.45 प्रतिशत पानी है और इस बांध से बीस किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी र्हुइं हैं। सिजार बांध में 48.36 प्रतिशत पानी है, इससे 6.9 किलोमीटर की नहरें जुड़ी हुई हैं। कुरार बांध में 36.57 प्रतिशत पानी है, इस बांध से 11 किलोमीटर क्षेत्र की नहरें जुड़ी हुई हैं। इसी तरह, बरुआसागर तालाब में 59.67 प्रतिशत पानी है, इस बांध से आसपास की छोटी- छोटी नहरें जुड़ी हुई हैं।
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राजघाट और माताटीला बांध के गेट बंद
भोपाल, विदिशा और ललितपुर क्षेत्र में बारिश थमने से बेतवा नदी शांत पड़ गई है। इससे राजघाट और माताटीला बांध का पानी स्थिर हो गया। सोमवार को माताटीला बांध के खुले गेट बंद कर दिए गए।
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पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा और ललितपुर के आसपास क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश से बेतवा नदी में पानी तेजी से दौड़ रहा था। नतीजतन राजघाट और माताटीला बांध लबालब भर गए। मगर, बारिश बंद होने के बाद राजघाट बांध के बाद सोमवार को माताटीला बांध के भी गेट बंद कर दिए गए। इससे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
बारिश में बांदा सबसे आगे
बुंदेलखंड में अभी बारिश के मामले में बांदा सबसे आगे चल रहा है। बांदा में अभी तक 758 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है। साथ ही झांसी में 429 मिलीमीटर, जालौन में 386 मिलीमीटर, हमीरपुर में 638 मिलीमीटर, ललितपुर में 365 मिलीमीटर, महोबा में 366 मिलीमीटर और चित्रकूटधाम कर्वी में 565 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है।