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दो दिन में ठप हुआ 460 मेगावाट बिजली का उत्पादन, खड़ा हो सकता है बड़ा संकट
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झांसी। कोयले की कमी की वजह से पारीछा थर्मल पावर प्लांट में पिछले दो दिनों के भीतर 460 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप हो गया है। यहां केवल दो इकाइयों से ही बिजली बनाई जा रही है। सोमवार को कोयला न मिलने पर इनके भी बंद होने का खतरा बना हुआ है।
कानपुर रोड स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट में संचालित चार इकाइयों के जरिये प्रतिदिन 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। यहां दो 250 और दो 210 मेगावाट की इकाइयां हैं। इन इकाइयों को निर्बाध रूप से चलाने के लिए प्लांट में प्रतिदिन तीन - चार रैक (मालगाड़ी) कोयले की खपत होती है। इस कोयले से पानी को 450-500 डिग्री तक के उच्च तापमान पर उबाला जाता है, जिससे निकलने वाली भाप से विद्युत उत्पादन होता है। लेकिन, पिछले दो-तीन दिनों से प्लांट को कोयला नहीं मिला है। इसका असर ये रहा है कि संयंत्र की इकाइयां एक-एक कर बंद होती जा रही हैं। शनिवार की शाम 250 मेगावाट की पांच नंबर इकाई को बंद करना पड़ गया था। इसके अगले दिन रविवार की शाम 210 मेगावाट की तीन नंबर इकाई बंद कर दी गई। दो दिन के भीतर प्लांट का विद्युत उत्पादन घटकर आधा रह गया है। सोमवार को कोयले की आपूर्ति न होने पर बाकी दो इकाइयों को भी बंद करना पड़ सकता है।
150-170 मेगावाट की रोजाना है खपत
झांसी। झांसी जनपद में प्रतिदिन 150 से 170 मेगावाट बिजली की खपत है। यानी कि पारीछा थर्मल पावर प्लांट में कोयले की कमी से जितना उत्पादन ठप हुआ है, उससे लगातार तीन दिनों तक निर्बाध रूप से झांसी की विद्युतापूर्ति की जा सकती थी। हालांकि, पारीछा संयंत्र में पैदा होने वाली बिजली को संयंत्र में भेजा जाता है, जहां से इसका वितरण होता है।
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कानपुर रोड स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट में संचालित चार इकाइयों के जरिये प्रतिदिन 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। यहां दो 250 और दो 210 मेगावाट की इकाइयां हैं। इन इकाइयों को निर्बाध रूप से चलाने के लिए प्लांट में प्रतिदिन तीन - चार रैक (मालगाड़ी) कोयले की खपत होती है। इस कोयले से पानी को 450-500 डिग्री तक के उच्च तापमान पर उबाला जाता है, जिससे निकलने वाली भाप से विद्युत उत्पादन होता है। लेकिन, पिछले दो-तीन दिनों से प्लांट को कोयला नहीं मिला है। इसका असर ये रहा है कि संयंत्र की इकाइयां एक-एक कर बंद होती जा रही हैं। शनिवार की शाम 250 मेगावाट की पांच नंबर इकाई को बंद करना पड़ गया था। इसके अगले दिन रविवार की शाम 210 मेगावाट की तीन नंबर इकाई बंद कर दी गई। दो दिन के भीतर प्लांट का विद्युत उत्पादन घटकर आधा रह गया है। सोमवार को कोयले की आपूर्ति न होने पर बाकी दो इकाइयों को भी बंद करना पड़ सकता है।
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150-170 मेगावाट की रोजाना है खपत
झांसी। झांसी जनपद में प्रतिदिन 150 से 170 मेगावाट बिजली की खपत है। यानी कि पारीछा थर्मल पावर प्लांट में कोयले की कमी से जितना उत्पादन ठप हुआ है, उससे लगातार तीन दिनों तक निर्बाध रूप से झांसी की विद्युतापूर्ति की जा सकती थी। हालांकि, पारीछा संयंत्र में पैदा होने वाली बिजली को संयंत्र में भेजा जाता है, जहां से इसका वितरण होता है।
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