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झांसी से उरई तक बनेंगे छह फुट ओवरब्रिज
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झांसी से उरई तक बनेंगे छह फुट ओवरब्रिज
झांसी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) झांसी से उरई के बीच फोर लेन पर छह फुट ओवरब्रिज बनाने जा रहा है। तीन जगहों पर काम भी शुरू कर दिया गया है। फुट ओवरब्रिज बन जाने से लोगों के लिए पैदल सड़क पार करना आसान हो जाएगा। दुर्घटना का भी खतरा नहीं रहेगा।
एनएचएआई के झांसी से उरई तक के 135 किलोमीटर के सेक्शन में सड़क से सटे हुए कई कस्बे हैं। फोरलेन सड़क बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, पूंछ कस्बों से होकर गुजरती है। इसके अलावा भी बीच-बीच में सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है। इन स्थानों पर लोगों का सड़क के इस पार से उस पार आना-जाना लगा रहता है। इस फोरलेन पर तेज गति से भागतीं गाड़ियों से टकराने का खतरा बना रहता है। सड़क पार करना मुश्किल होता है। इससे निपटने के लिए एनएचएआई झांसी से उरई तक छह फुट ओवरब्रिज बनाने जा रहा है। प्रत्येक के निर्माण पर 75 लाख रुपये खर्च होंगे। ओवरब्रिज पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां होंगी। चौबीस मीटर लंबे ब्रिज के दोनों ओर जालियां होंगी, ताकि ब्रिज से गिरने का खतरा नहीं रहे। बड़ागांव, अमरा और मोंठ में ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। तीन स्थान और चिह्नित किए जा रहे हैं। एनएचएआई की तीन माह में छह स्थानों पर ब्रिज का निर्माण पूरा करने की योजना है।
जिन स्थानों पर सड़क के पास स्कूल हैं और भीड़भाड़ ज्यादा रहती है, ऐसी जगहों पर फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। तीन का काम शुरू हो चुका है। तीन और स्थान जल्द चिह्नित कर लिए जाएंगे। ब्रिज निर्माण से दुर्घटना का खतरा कम हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को भी सड़क पार करने में सुविधा मिलेगी। यहां लोगों का अच्छा रिस्पांस मिलने पर ललितपुर रोड के लिए योजना बनाई जाएगी। - राजीव पाठक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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यहां भी है दरकार
फुट ओवरब्रिज की शहर में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पास भी आवश्यकता है। मेडिकल के सामने मेडिकल स्टोर और लगभग एक सैकड़ा निजी अस्पताल हैं। दोनों ओर से सड़क पर मरीजों और तीमारदारों का आवागमन लगा रहता है। ऐसे में यहां दिन में सड़क का यातायात बाधित बना रहता है।
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झांसी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) झांसी से उरई के बीच फोर लेन पर छह फुट ओवरब्रिज बनाने जा रहा है। तीन जगहों पर काम भी शुरू कर दिया गया है। फुट ओवरब्रिज बन जाने से लोगों के लिए पैदल सड़क पार करना आसान हो जाएगा। दुर्घटना का भी खतरा नहीं रहेगा।
एनएचएआई के झांसी से उरई तक के 135 किलोमीटर के सेक्शन में सड़क से सटे हुए कई कस्बे हैं। फोरलेन सड़क बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, पूंछ कस्बों से होकर गुजरती है। इसके अलावा भी बीच-बीच में सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है। इन स्थानों पर लोगों का सड़क के इस पार से उस पार आना-जाना लगा रहता है। इस फोरलेन पर तेज गति से भागतीं गाड़ियों से टकराने का खतरा बना रहता है। सड़क पार करना मुश्किल होता है। इससे निपटने के लिए एनएचएआई झांसी से उरई तक छह फुट ओवरब्रिज बनाने जा रहा है। प्रत्येक के निर्माण पर 75 लाख रुपये खर्च होंगे। ओवरब्रिज पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां होंगी। चौबीस मीटर लंबे ब्रिज के दोनों ओर जालियां होंगी, ताकि ब्रिज से गिरने का खतरा नहीं रहे। बड़ागांव, अमरा और मोंठ में ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। तीन स्थान और चिह्नित किए जा रहे हैं। एनएचएआई की तीन माह में छह स्थानों पर ब्रिज का निर्माण पूरा करने की योजना है।
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जिन स्थानों पर सड़क के पास स्कूल हैं और भीड़भाड़ ज्यादा रहती है, ऐसी जगहों पर फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। तीन का काम शुरू हो चुका है। तीन और स्थान जल्द चिह्नित कर लिए जाएंगे। ब्रिज निर्माण से दुर्घटना का खतरा कम हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को भी सड़क पार करने में सुविधा मिलेगी। यहां लोगों का अच्छा रिस्पांस मिलने पर ललितपुर रोड के लिए योजना बनाई जाएगी। - राजीव पाठक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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यहां भी है दरकार
फुट ओवरब्रिज की शहर में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पास भी आवश्यकता है। मेडिकल के सामने मेडिकल स्टोर और लगभग एक सैकड़ा निजी अस्पताल हैं। दोनों ओर से सड़क पर मरीजों और तीमारदारों का आवागमन लगा रहता है। ऐसे में यहां दिन में सड़क का यातायात बाधित बना रहता है।