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झांसी में एक हजार में 41 शिशु तोड़ देते दम

Wed, 13 Nov 2019 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 01:06 AM IST
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41 baby died in jhansi over one thousand baby
जनपद में अभी भी एक हजार जीवित जन्म लेने वाले शिशुओं में 41 दम तोड़ देते हैं। इसके कई कारण हैं, लेकिन जन्म के एक घंटे की भीतर स्तनपान और छह माह तक सिर्फ मां का दूध पिलाने से शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। समाज में जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 14 से 21 नवंबर तक नवजात शिशु देखभाल सप्ताह मनाएगा। इसमें कंगारू मदर केयर व स्तनपान को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
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केंद्र सरकार की ओर से जारी एसआरएस-2016 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश की शिशु मृत्यु दर 43 प्रति 1000 जीवित जन्म है। जबकि, राष्ट्रीय स्तर पर यह सूचकांक 34 प्रति 1000 जीवित जन्म है। इनमें से तीन चौथाई शिशुओं की मृत्यु जन्म के पहले हफ्ते में हो जाती है। वहीं, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान और छह माह तक सिर्फ मां का दूध पिलाने से शिशु मृत्यु दर में 20 से 22 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नियमित टीकाकरण के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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शुरू के 1000 दिन उपयोगी
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है। इसलिए गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर बच्चे के जन्म के दो साल तक यानी गर्भकाल के 270 दिन और बच्चे के जन्म के दो साल यानी 730 दिन तक कुल 1000 दिनों तक माँ और बच्चे को सही पोषण मिलना चाहिए। इससे बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है।
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