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34 करोड़ की मिली अघोषित आय, ढाई करोड़ के जेवरात जब्त

Sat, 10 Feb 2018 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 10 Feb 2018 12:41 AM IST
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34 caror ki mili aghosit aay
rupay, jhansi news - फोटो : demo
प्रॉपटी डीलर और ट्रांसपोर्टर चावला ग्रुप और उनके पार्टनरों के यहां हुईं छापामार कार्रवाई के बाद 34 करोड़ की अघोषित आय का पता चला। कारोबारियों ने अघोषित आय स्वीकार कर लीं। साथ ही टीम ने ढाई करोड़ के जेवरात और सवा करोड़ की नकदी भी जब्त की है। शुक्रवार की रात आयकर टीम सभी दस्तावेज और जेवरात को सील कर अपने साथ ले गईं। सवा करोड़ की नकदी बैंक में जमा करा दी गई।
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आयकर टीम प्रॉपर्टी और ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले राजेंद्र सिंह चावला, उनके भाई गुरजीत सिंह चावला और हरजीत सिंह चावला के घर, गोदाम और ऑफिस में जांच का काम तीसरे दिन शुक्रवार की रात खत्म हुआ। शुक्रवार को टीम अलग-अलग 21 लॉकर्स से मिले सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, रजिस्ट्री और अन्य संपत्तियों का ब्योरा बनाती रही। ब्योरा बनाने के बाद दस्तावेजों और जेवरातों को सील कर लिया गया। नकदी को आयकर विभाग के खाते में जमा करवा दिया गया। रात में कानपुर, आगरा और फिरोजाबाद की टीमें वापस लौट गईं। पता चला है कि दस्तावेजों में झांसी के और भी कारोबारियों के नाम मिले, जिनको स्क्रूटनी (जब्त दस्तावेजों की जांच के दौरान) के दौरान नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा। उनके घर पर भी छापा पड़ सकता है।
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अपर निदेशक आयकर (जांच) आगरा वृंदा देसाई ने बताया कि चावला ग्रुप और उनके पार्टनरों ने 34 करोड़ की अघोषित आय स्वीकार की है, जिस पर अब संबंधित कारोबारियों को टैक्स के साथ जुर्माना जमा करना होगा।  लॉकर्स और घर में ढाई करोड़ के जेवरातों का पता लगा, जिनकी खरीद का कोई कागजात संबंधित व्यक्ति नहीं दिखा सके। बिना हिसाब-किताब की सवा करोड़ की नकदी मिली, जिसे आयकर खाते में जमा करवा दिया गया है।
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मालूम हो कि बुधवार को अपर निदेशक आयकर (जांच) आगरा वृंदा देसाई के नेतृत्व में आगरा, कानपुर, फिरोजाबाद और झांसी के अधिकारियों ने अलग-अलग टीमों में बंटकर प्रॉपटी और ट्रांसपोर्ट के काम से जुड़े तीन कारोबारियों और उनके छह पार्टनरों को यहां एक साथ छापा मारकर कार्रवाई शुरू की थी। यह कार्रवाई मिशन कंपाउंड स्थित सर्वनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर गुरजीत सिंह चावला और उनके पार्टनर सर्वनगर निवासी किशोरी शरण सरावगी, स्वामीपुरम कॉलोनी निवासी विवेक दत्त स्वामी, झोकन बाग निवासी चैनरूप जैन, ग्वालियर रोड पर स्थित कुंज बिहारी मंदिर के पास निवासी रमाकांत वर्मा, ट्रांसपोर्टर और प्रॉपर्टी डीलर हरजीत सिंह चावला और उनके पार्टनर सिविल लाइन निवासी अजय गुप्ता, मेहंदी बाग निवासी जगदीश दुबे और ट्रांसपोर्टर राजेंद्र सिंह चावला के घर, ऑफिस और गोदाम पर की गई। दस्तावेजों के आधार पर बाबूलाल कारखाने के पीछे रहने वाले भाजपा नेता जगदीश साहू, राजघाट कॉलोनी नंदनपुरा निवासी दीपक पुरुषवानी और सीपी मिशन कंपाउंड निवासी अमन मदान के घर भी जांच की गई थी। चावला ग्रुप को छोड़कर बाकी सबके यहां जांच का काम बृहस्पतिवार की सुबह ही पूरा हो गया था।


इस तरह होगा कर निर्धारण
संपत्तियों से मिले दस्तावेजों की स्क्रूटनी (जांच) होगी। पता किया जाएगा कि संपत्तियों की खरीदने और बेचने में टैक्स अदा किया गया कि नहीं। इस दौरान संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर अपनी बात रखने का भी मौका दिया जाएगा। जवाब से असंतुष्ट होने पर कर निर्धारण होगा। अगर कर निर्धारण राशि (जुर्माना) को संबंधित व्यक्ति जमा नहीं करता है तो उस राशि को जेवरात बेचकर जमा करवाया जाएगा। तय कर निर्धारण जमा होने पर ही जेवरात वापस होंगे।
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