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पुष्पावती को नालों ने कर दिया मैला

Sun, 24 Feb 2019 01:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2019 01:22 AM IST
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पुष्पावती को नालों ने कर दिया मैला
पुष्पावती को नालों ने कर दिया मैला
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झांसी। पांच साल का समय पूरा होने को है, लेकिन पहूज (पुष्पवती) नदी के दिन नहीं बहुरे हैं। जानकर ताज्जुब होगा कि नदी में गिर रहे नालों का पानी फिल्टर करके घर- घर पहुंचाया जाता है। ऐसे में महानगर की सवा लाख आबादी को नदी और नालों का पानी पीना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब सांसद / केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने पहूज नदी को गोद लिया है।
पहूज नदी वर्षों से गंदी की जा रही है। रेलवे वर्कशाप, सीपरी बाजार, नंदनपुरा, प्रेमनगर, आवास विकास कॉलोनी समेत आसपास के नालों का गंदा पानी पहूज नदी में जा रहा है। खाती बाबा क्षेत्र से रेलवे वर्कशाप, रेलवे कॉलोनी, केके पुरी, संगम विहार से लहरगांव होते हुए नाला पहूज नदी में गिरता है। इसी तरह नंदनपुरा, ताज कंपाउंड, सीपरी बाजार का नाला भी पहूज नदी में गिरता है। इतना ही नहीं, सीपरी बाजार और नंदनपुरा क्षेत्र की छोटी- बड़ी नालियों का गंदा पानी भी नदी में गिरता है। इन नालों का गंदा पानी नदी के पानी में मिलकर फिल्टर प्लांट तक जाता है, जहां फिटकरी से उसे साफ किया जाता है। बाद में घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
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केंद्रीय मंत्री द्वारा नदी को गोद लेने से यह उम्मीद जागी थी कि अब नदी के दिन बदल जाएंगे और जो गंदगी नदी में बहाई जा रही है, वह बंद हो जाएगी। महानगरवासियों को पीने का पानी शुद्ध मिलने लगेगा। परंतु, ऐसा हो नहीं सका। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री ने नदी का निरीक्षण किया था और गंदगी देखकर उन्होंने नाराजी व्यक्त की थी। नदी में कोई गंदगी न फेंक सके, इसलिए उन्होंने पुल के ऊपर जाल लगाने के निर्देश दिए थे। जाल लगाने के लिए नगर निगम ने एस्टीमेट तैयार कर लिया है, अब टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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पहूज नदी की सफाई के लिए 01 जनवरी 2010 को बृहद स्तर पर नदी के किनारे ‘आल्हा घाट’ पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था। तब नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने संकल्प लिया था कि अब पहूज नदी को गंदा नहीं होने देंगे। लेकिन, दोबारा ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय सांसद/ केंद्रीय मंत्री ने जब नदी को गोद लिया था, तो उस समय उनके पास नदी सफाई का मंत्रालय था, लेकिन बाद में उसमें बदलाव हो गया और जनता की उम्मीदें भी उसी बदलाव की भेंट चढ़ गईं।
यह भी जानिए
दतिया गेट पर पहूज बांध से आने वाले कच्चे पानी को शुद्ध करने के लिए दो प्लांट बने हैं। इसमें 6.5 एमएलडी (65 लाख लीटर पानी) क्षमता का फिल्टर प्लांट काम कर रहा है। इस प्लांट तक पानी लाने के लिए पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर प्लांट तक नौ किलोमीटर लंबी 12 इंच की पाइप लाइन डली हुई है। दतिया गेट वाटर फिल्टर प्लांट से पंचवटी और नरसिंह राव टौरिया पानी की टंकी को भरा जाता है।
जुड़े हैं यह क्षेत्र
पहूज से मोहल्ला थापक बाग, अंदर व बाहर दतिया गेट, पंचवटी, अंदर व बाहर अलीगोल खिड़की, चार खंभा, नईबस्ती, मुकरयाना, बिसातखाना, नरसिंह राव टौरिया, चांद दरवाजा, ऋषिकुंज, उन्नाव गेट, एकता कॉलोनी, राई का ताजिया, दरीगरान, झारखड़िया और आसपास के अन्य मुहल्लों में पानी की सप्लाई दी जाती है।
नदी से जुड़ी आस्था
पहूज नदी के साथ झांसी और दूरदराज के जिलों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि उन्नाव बालाजी में पहूज नदी में नहाने से चर्म रोग (सेहुआं) ठीक हो जाते हैं। आस्था की नदी होने के बाद भी इसमें नालों का पानी बहाया जा रहा है।
पहूज नदी में गिरने वाले सभी नालों के ऊपर स्माल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीवेट्स एसटीपी) लगाए जाएंगे और नालों का पानी साफ करके नदी में गिराया जाएगा, जिससे गंदगी नदी में नहीं जाएगी। लेकिन, यह काम स्मार्ट सिटी के अंतर्गत होगा। इसमें समय लग सकता है।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
पहूज नदी में गंदगी न जाए, इसलिए केंद्रीय मंत्री ने पुल के आसपास लोहे का जाल लगाने को कहा था। नगर निगम जाल लगवा रहा है, थोड़ा इंतजार कीजिए।
- हनुमंत सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि
पहूज नदी में अगर नालों का पानी गिर रहा है तो यह बहुत ही गलत है। ऐसी स्थिति में ट्रीटमेंट प्लांट लगना जरूरी है। दूषित पानी पीने से पीलिया, टायफायड, लीवर की खराबी समेत अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। लोगों को पानी उबालकर या आरओ फिल्टर का पानी पीना चाहिए। दूषित पानी के पीने से लोगों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। जलसंस्थान का काम है कि वह शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए।

- डॉ. सुशील प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
पानी की नियमानुसार सफाई कराई जाती है। इसके बाद ही पानी की सप्लाई होती है। समय- समय पर पानी की टेस्टिंग भी होती है। पानी को साफ करने के बाद ही पीने के लिए भेजा जाता है।
- कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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