{"_id":"612938ee8ebc3e79b801e7ee","slug":"297-children-orphaned-in-corona-got-grant-money-jhansi-news-jhs2029151163","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना में अनाथ हुए 420 बच्चों में से 297 को मिली अनुदान राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना में अनाथ हुए 420 बच्चों में से 297 को मिली अनुदान राशि
विज्ञापन
झांसी। कोरोना महामारी में उजड़ गए परिवारों की मदद के लिए प्रदेश सरकार आगे आई है। झांसी मंडल में अनाथ हुए 420 बच्चों को खोजा गया है, जिसमें से 311 का ब्योरा तैयार किया जा चुका है। 297 बच्चों के खातों में अनुदान का पैसा भेजा जा चुका है।
कोरोना के चलते अपने माता-पिता और अभिभावक को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की है। इसके जरिए ऐसे बच्चों की खोज की जा रही है, जिन्होंने कोविड काल में अपने माता-पिता दोनों या किसी एक को खोया हो। मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय के निर्देश के बाद मंडल में 420 बच्चों को खोजा गया है। इसमें 237 बच्चे झांसी, 198 ललितपुर और 45 बच्चे जालौन में चिह्नित किए गए हैं। आयुक्त ने निर्देश दिया है कि कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चों को खोजा कर उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाया जा सके। ऐसे बच्चों की खोज में गंभीरता दिखाई जाए, ताकि कोई भी अनाथ बच्चा योजना से वंचित न रह जाए।
योजना की पात्रता
- शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे जो कि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं।
- माता-पिता या कोई एक, आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से एक मार्च 2020 के बाद हुई हो।
- जिनके परिवार की आय तीन लाख से कम हो।
ये लाभ मिलता
- बाल देखरेख संस्थाओं में आवास।
- शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की देखभाल के लिए 4000 रुपये प्रतिमाह।
- कस्तूरबा गांधी बालिका, अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश।
- बालिकाओं को विवाह के लिए एक लाख एक हजार रुपये।
- उच्चतर माध्यमिक तथा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को लैपटॉप, टैबलेट।
- बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा।
विज्ञापन
कोरोना के चलते अपने माता-पिता और अभिभावक को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की है। इसके जरिए ऐसे बच्चों की खोज की जा रही है, जिन्होंने कोविड काल में अपने माता-पिता दोनों या किसी एक को खोया हो। मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय के निर्देश के बाद मंडल में 420 बच्चों को खोजा गया है। इसमें 237 बच्चे झांसी, 198 ललितपुर और 45 बच्चे जालौन में चिह्नित किए गए हैं। आयुक्त ने निर्देश दिया है कि कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चों को खोजा कर उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाया जा सके। ऐसे बच्चों की खोज में गंभीरता दिखाई जाए, ताकि कोई भी अनाथ बच्चा योजना से वंचित न रह जाए।
विज्ञापन
योजना की पात्रता
- शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे जो कि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं।
- माता-पिता या कोई एक, आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से एक मार्च 2020 के बाद हुई हो।
- जिनके परिवार की आय तीन लाख से कम हो।
ये लाभ मिलता
- बाल देखरेख संस्थाओं में आवास।
- शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की देखभाल के लिए 4000 रुपये प्रतिमाह।
- कस्तूरबा गांधी बालिका, अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश।
- बालिकाओं को विवाह के लिए एक लाख एक हजार रुपये।
- उच्चतर माध्यमिक तथा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को लैपटॉप, टैबलेट।
- बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा।